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अपने घर में ही स्विंग बॉल नहीं खेल पा रहे अंग्रेज, टॉप 6 बल्‍लेबाजों का औसत महज 11

इंग्लैंड का अपने ही घर में स्विंग गेंदों का नहीं खेल पाना टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगले साल इंग्लैंड को अपने घर में ही वर्ल्डकप खेलना है। वर्ल्डकप जीतने के लिए टीम को इस परेशानी से जल्द से जल्द छुटकारा पाना होगा।

इंग्लैंड के बल्लेबाज।

भारत के खिलाफ शुक्रवार से खेले जाने वाले पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड क्रिकेट टीम में क्रिस वोक्स और ओली पोप की वापसी हुई है। इंग्लैंड की टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है और पांचवें टेस्ट मैच में वो जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी। इंग्लैंड की टीम भले ही यह सीरीज अपने नाम कर चुकी हो, लेकिन टीम के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे पूरे सीरीज जूझते नजर आए। साल 2015 में टेंट ब्रिज में खेले गए एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 60 रनों पर ही ऑलआउट हो गई थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने 11 में से 8 विकेट चटका दिए थे। इसके बाद स्विंग बॉल ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की कमजोरी बताई गई। इस दौरे पर इंग्लैंड के बल्लेबाज पूरे सीरीज में छाए रहे। साल 2012 से 2015 के बीच इंग्लैंड के टॉप 6 बल्लेबाजों का औसत 33.37 का रहा। इंग्लैंड के बल्लेबाज हमेशा से ही अपने ग्राउंड पर विपक्षी पर भारी रहे हैं।

जो रूट। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

भारतीय टीम के खिलाफ चल रहे टेस्ट सीरीज के दौरान इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी में संघर्ष करती नजर आई। अभी तक खेले गए चार मैचों के दौरान इंग्लैंड के टॉप 6 बल्लेबाजों का औसत 11.28 का रहा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों का यह रन बनाने का सबसे कम औसत है। इससे पहले साल 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड की टीम का बैटिंग एवरेज 17.00 का रहा। मौजूदा टेस्ट सीरीज की बात की जाए तो भारतीय तेज गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज अभी तक बौने साबित रहे हैं।

इंग्लैंड का अपने ही घर में स्विंग गेंदों का नहीं खेल पाना टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगले साल इंग्लैंड को अपने घर में ही वर्ल्डकप खेलना है। वर्ल्डकप जीतने के लिए टीम को इस परेशानी से जल्द से जल्द छुटकारा पाना होगा। उल्लेखनीय है कि पांच टेस्ट मैचों की इस सीरीज में इंग्लैंड ने 3-1 से अजय बढ़त बना ली है। दोनों टीमों के बीच पांचवां टेस्ट मैच शुक्रवार से लंदन के द किया ओवल मैदान पर खेला जाएगा।

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