ताज़ा खबर
 

Dream 11: पांच राज्यों में रोक, कई देशों में समझा जाता है जुआ, ऑनलाइन गेम बना IPL 2019 का ऑफिशियल पार्टनर! धोनी हैं ब्रांड एंबैसेडर

Dream 11, IPL : इस कंपनी ने आईपीएल की 7 फ्रेंचाइजियों के साथ पार्टनरशिप की है। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस ऑनलाइन गेम के ब्रांड एंबैसेडर हैं। ड्रीम 11 ने आईपीएल के साथ 120 करोड़ रुपये में तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Author May 7, 2019 8:20 AM
इस ऑनलाइन गेम की स्पोर्ट्स गैम्बलिंग से तुलना इसलिए होती है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर भविष्यवाणी करके गेम खेलने वाले पैसे कमा सकते हैं। (Photo: Screengrab)

Dream 11, IPL : ऑनलाइन स्पोट्स गेम Dream 11 पर पांच राज्यों में रोक है। इसकी कानूनी वैधता पर कोर्ट के अलग-अलग फैसले आ चुके हैं। कई देशों में इसे जुए के एक प्रकार के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, यह कंपनी बीसीसीआई द्वारा आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की ऑफिशियल पार्टनर है। इस कंपनी ने आईपीएल की 7 फ्रेंचाइजियों के साथ पार्टनरशिप की है। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस ऑनलाइन गेम के ब्रांड एंबैसेडर हैं। ड्रीम 11 ने आईपीएल के साथ 120 करोड़ रुपये में तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट किया है। देखा जाए तो कंपनी एक कानूनी व्यवसाय को प्रमोट करती है, लेकिन यह ऑनलाइन गेम स्पोर्ट्स गैम्बलिंग जैसा ही है, जोकि भारत में प्रतिबंधित है।

इस ऑनलाइन गेम की स्पोर्ट्स गैम्बलिंग से तुलना इसलिए होती है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर भविष्यवाणी करके गेम खेलने वाले पैसे कमा सकते हैं। द इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली है कि एक टॉप बीसीसीआई अधिकारी और एक आईपीएल फ्रेंचाइजी अधिकारी ने उस वक्त विरोध जताया था, जब ड्रीम 11 ने साल 2018 में आईपीएल के साथ जुड़ने का प्रस्ताव दिया था। कंपनी ने 2008 से कामकाज शुरू किया था। हालांकि, स्पष्ट नियमों की कमी की वजह से इन अधिकारियों की चिंता को दरकिनार किया गया। वहीं, फ्रेंचाइजियों को इस गेम के कानून के दायरे में होने पर भरोसा था।

ड्रीम 11 के को फाउंडर भाविथ सेठ का कहना है कि 2017 में पंजाब ऐंड हरियाणा हाई कोर्ट का एक फैसला उनके पक्ष में आया था। गेम की वेबसाइट और ऐप पर भी इस बात का जिक्र है कि हाई कोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती को सुप्रीम कोर्ट 2017 में ही खारिज कर चुका है। वहीं, आईपीएल मैच फिक्सिंग की जांच की अगुआई करने वाले जस्टिस मुदगल के सेक्रेटरी रह चुके स्पोर्ट ऐंड गेमिंग वकील विदूषपत सिंघानिया ने माना कि कोर्ट ने गेम के खिलाफ याचिका खारिज कर दी थी लेकिन कोर्ट ने मुद्दे के मेरिट पर विचार नहीं किया।

ड्रीम 11 खेलने वाले लोगों को प्रोफेशनल खिलाड़ियों की लिस्ट से प्लेइंग 11 चुनना पड़ता है। फिर वे लाइव मैच के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए एक दूसरे के खिलाफ खेलते हैं। वेबसाइट कंटेस्टेंट से एक शुल्क लेती है। कस्टमर को अपना पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स भी देना पड़ता है। इस गेम में जीत या हार खिलाड़ियों की मैदान पर असली परफॉर्मेंस पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर यह गेम खेलने के लिए किसी प्रतिभागी को 49 रुपये का भुगतान करके 10 करोड़ रुपये के प्राइज पूल वाले कंपटीशन में एंट्री मिल जाती है। प्रतिभागी अगर लीडरबोर्ड में शीर्ष पर रहता है तो 30 लाख रुपये तक जीत सकता है। भारत में इस वक्त 70 से ज्यादा फैंटेसी स्पोर्ट्स ऑपरेशन चलाने वाली कंपनियां हैं, लेकिन ड्रीम 11 इनमें सबसे बड़ी है। कंपनी के संस्थापक के मुताबिक, गेम के करीब 5 करोड़ कस्टमर हैं।

असम, ओडिशा, तेलंगाना, नागालैंड और सिक्किम के निवासी जुए को लेकर बने कड़े नियमों की वजह से इस गेम को नहीं खेल सकते। बीसीसीआई के एक सदस्य ने ड्रीम 11 के आईपीएल से जुड़ने के प्रस्ताव को ‘प्रॉक्सी’ बेटिंग करार दिया था। वहीं, आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने इस डील के लिए बेहद सर्तकता बरतने का सुझाव दिया था। पंजाब ऐंड हरियाणा हाई कोर्ट ने भले ही इसे जुए जैसा खेल न माना हो, लेकिन कई दिल्ली की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, गुजरात हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अलग-अलग राय दी थी। इसी साल केरल हाई कोर्ट ने इसे गैम्बलिंग करार दिया था। वहीं, अमेरिका में बहुत सारे अटॉर्नी जनरल्स ने फैंटेसी गेम को गैरकानूनी जुए का खेल माना है। वकील बेहनाम डायानिम ने ‘गैम्बलिंग लॉ रिव्यूज’ आर्टिकल में इस बात का जिक्र किया है। न्यूयॉर्क में कुछ वक्त के लिए इन गेम्स का ऑपरेशन 2016 में कुछ वक्त के लिए रोक दिया गया था। पिछले साल अमेरिका में स्पोर्ट्स बेटिंग कानूनी हो चुका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App