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लगातार ट्रेन हादसों पर बिफरे क्रिकेटर गौतम गंभीर, कहा- पहले इन्‍हें रोक लो, बुलेट ट्रेन का सपना बाद में देखना

पिछले ढाई साल में करीब तीन दर्जन रेल हादसे हुए हैं।

Author Published on: January 25, 2017 3:02 PM
गौतम गंभीर ने रेल हादसों से सबक लेने की बात कही है। (Source: Twitter/PTI)

एक के बाद एक लगातार हो रहे ट्रेन हादसों पर क्रिकेटर गौतम गंभीर भड़क गए हैं। गंभीर ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि इन ‘हादसों पर ध्‍यान पहले दिया जाना चाहिए, बुलेट ट्रेन के सपने बाद में भी देखे जा सकते हैं।’ पिछले ढाई साल में करीब तीन दर्जन रेल हादसे हुए हैं। पिछले साल दिसंबर में कानपुर में एक महीने के भीतर दो ट्रेन हादसों में 152 से ज्‍यादा लोगों की जान चली गई थी। 20 नवंबर को कानपुर देहात जिले में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। वहीं कानपुर देहात जिले के रूरा रेलवे स्टेशन के पास 28 दिसंबर सुबह अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन (12987) के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में दो लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं आंध्र प्रदेश में जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस ट्रेन 21 जनवरी को रात 11 बजे पटरी से उतरी थी। हादसे में 37 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर थी। इसके अलावा 100 के करीब लोग जख्मी हुए थे।

केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद रेल हादसों की संख्‍या में बढ़ोत्‍तरी देखी गई है। पिछले ढाई साल में हुए बड़े रेल हादसे इस प्रकार हैं:

जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस: 21 जनवरी, 2017 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कुनेरू स्टेशन के पास जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस (18448) की कई बोगियां पटरी से उतर गईं। हादसे में 38 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए।

कानपुर रेल हादसा: 20 नवंबर 2016 कानपुर के पास बड़ी रेल दुर्घटना हुई। हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की जान गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

भदोही रेल हादसा : 25 जुलाई 2016 को यूपी के भदोही इलाके में मंडुआडीह-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन एक स्कूल वैन से टकरा गयी। वैन में सवार 7 बच्चों की जान चली गई।

रायबरेली रेल हादसा : 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। हादसा रायबरेली के बछरावां रेलवे स्टेशन के पास हुआ। इस हादसे में 34 लोग मारे गए।

कौशांबी-सिराथू रेलवे हादसा : 25 मई 2015 को कौशांबी के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास मूरी एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई। हादसे में 25 यात्री मारे गये और करीब 300 घायल हुए।

हरदा रेल हादसा : 5 अगस्त 2015 को मध्‍य प्रदेश के हरदा में 10 मिनट के भीतर दो ट्रेन हादसे हुए। इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस और पटना-मुंबई जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गईं। माचक नदी पर पटरी धंसने की वजह से यह हादसा हुआ था। दुर्घटना में 31 यात्री मारे गए थे।

कोंकण रेल हादसा : मई 2014 में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में ट्रेन का इंजन और उसके छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 20 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 124 लोग घायल हुए थे।

चुरेब रेल हादसा : 26 मई, 2014 को उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में चुरेब रेलवे स्टेशन के पास गोरखधाम एक्सप्रेस और मालगाड़ी में टक्कर हुई। यात्री ट्रेन को उसी ट्रैक पर ले जाया गया था, जहां पहले से मालगाड़ी खड़ी थी। हादसे में 22 से ज्यादा यात्रियों की जान चली गई।

आंध्र प्रदेश में बड़ा ट्रेन हादसा, 8 कोच पटरी से उतरे, 39 की मौत

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