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मैच के दौरान अचानक पड़ा कार्डियक अरेस्ट, साथी क्रिकेट की समझदारी से बच गई जान

घातक गेंदबाजी से विरोधी टीम पुजाओ सीसी के 4 खिलाड़ियों के पैवेलियन भेजने के बाद वसीम लोदगी अचानक मैदान पर गिर पड़े। इससे पहले कि उन्हें कोवेंट्री यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल तक ले जाने के लिए हवाई एंबुलेंस पहुंचती, उनकी आंखें ऊपर चढ़ गई थीं, मुंह से झाग निकल रहा था, सांसे और नब्ज थम चुकी थीं। तभी इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड कोचिंग कोर्स के दौरान ली गई प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग असद खान के काम आ गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इंग्लैंग के कोवेंट्री में वारविक शायर क्रिकेट लीग के एक मैच के दौरान पाक शाहीन टीम के 54 वर्षीय वसीम लोदगी को अचानक कार्डियक अरेस्ट पड़ा। एक साथी खिलाड़ी की समझदारी ने वसीम को मौत के मुंह से निकाल लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 51 वर्षीय असद खान ने अपनी टीम के वसीम लोदगी को सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) यानी हृदय और फेफड़ों प्राथमिक उपचार देकर उन्हें बचा लिया। अपनी घातक गेंदबाजी से विरोधी टीम पुजाओ सीसी के 4 खिलाड़ियों के पैवेलियन भेजने के बाद वसीम लोदगी अचानक मैदान पर गिर पड़े। इससे पहले कि उन्हें कोवेंट्री यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल तक ले जाने के लिए हवाई एंबुलेंस पहुंचती, उनकी आंखें ऊपर चढ़ गई थीं, मुंह से झाग निकल रहा था, सांसे और नब्ज थम चुकी थीं। तभी इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड कोचिंग कोर्स के दौरान ली गई प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग असद खान के काम आ गई। असद ने वसीम को सीपीआर देना शुरू किया।

असद ने टेलीग्राफ को बताया कि वसीम एकदम ठीक थे, कुछ गलत नहीं लग रहा था। मैच से पहले उन्होंने नेट अभ्यास किया था और गेंदबाजी की। वह बहुत प्रतिस्पर्धी और मजे में लग रहे थे। खान ने बताया कि जैसे ही वसीम मैदान पर गिरे, सभी खिलाड़ी उनकी तरफ भागे। वह सांस नहीं ले रहे थे, उनकी नब्ज नहीं चल रही थी, एंबुलेंस बुलाई गई लेकिन सबको लगा कि वह नहीं रहे। वसीम का चेहरा नीला पड़ गया था और उनके मुंह से झाग आ रहा था।

असद ने बताया, ”वहां ऐसा कोई नहीं था जो सीपीआर में प्रशिक्षित हो, मैंने सोचा कि अगर मैं यह नहीं करूंगा तो कोई नहीं करेगा। मैं उनके सीने को तब तक दबाता रहा जब तक कि उन्होंने सांस न ली। यह देख मैंने उन्हें रिकवरी पोजिशन पर रखा लेकिन उन्होंने फिर सांस लेना बंद कर दिया। मैंने फिर से सीपीआर शुरू कर दिया। मेरे हाथ दुख रहे थे लेकिन मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था, उन्होंने फिर सांस ली और उनका दिल ने फिर से धड़कना शुरू कर दिया।” अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि अगर वसीम को सीपीआर नहीं दिया गया होता तो वह नहीं बच पाते। वसीम लोदगी की अब बर्मिंघम के क्वीन एलिजाबेथ हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी होनी है।

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