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Champions Trophy 2017: क्रिकेट के इस नियम को नहीं समझ पाए एमएस धोनी, पूछने पर कहा- ICC को भी नहीं पता होगा

पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी से पत्रकारों ने डकवर्थ-लुइस नियम को लेकर कई सवाल पूछे।

चैम्पियंस ट्रॉफी 2017: पाकिस्‍तान के खिलाफ मैदान में उतरते भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी। (PTI Photo, 4 June 2017)

चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 का आयोजन इंग्‍लैंड में कराने को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल पहले से ही क्रिकेट प्रेमियों के निशाने पर है। साल के ऐसे वक्‍त में वहां बारिश अक्‍सर खेल में खलल डालती है, टूर्नामेंट के कई मैच बारिश के चलते प्रभावित हुए। चूंकि मैचों के लिए कोई ‘रिजर्व डे’ नहीं है इसलिए समस्‍या और बढ़ गई है। बारिश होने पर क्रिकेट में बेहद जटिल माना जाने वाला ‘डकवर्थ-लुइस’ नियम लागू होता है, जो कि कई लोगों की समझ से परे है। इस नियम को समझना सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए ही नहीं, टीम के कप्‍तानों के लिए भी टेढ़ी खीर साबित होता है। भारतीय क्रिकेट टीम चैम्पियंस ट्रॉफी के दो मैचों में ‘डकवर्थ-लुइस’ नियम से प्रभावित हुई है। अपने पहले वार्म-अप मैच में न्‍यूजीलैंड को 45 रन से हराया तो टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में पाकिस्‍तान को 124 रन से मात दी, मगर दोनों मैचों में एक वक्‍त बारिश ने खेल पर संकट ला ही दिया था।

सोमवार को कप्‍तान विराट कोहली ने चैरिटी डिनर दिया। जिसमें पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी से पत्रकारों ने डकवर्थ-लुइस नियम को लेकर कई सवाल पूछे। स्‍पोर्ट्सकीड़ा की रिपोर्ट के अनुसार, माही ने हमेशा की तरह अपने ही अंदाज से सवाल को टालते हुए जवाब दिया, ”आप लोग काफी समय से क्रिकेट देख रहे हैं, तो मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं, क्‍या आप डकवर्थ-लुइस समझते हैं? मुझे नहीं लगता कि आईसीसी भी इस नियम को समझता होगा।”

इस कार्यक्रम में पत्रकारों ने धोनी से सबसे ज्‍यादा खतरनाक तेज गेंदबाज के बारे में भी सवाल किया। इस पर धोनी ने पाकिस्‍तानी गेंदबाज शोएब अख्‍तर का नाम लिया। धोनी और अख्‍तर के बीच 2006 में हुई भारत-पाक टेस्‍ट सीरीज पहली बार मुकाबला हुआ था, जिसमें माही ने अख्‍तर के एक ओवर में 26 रन ठोंक डाले थे।

चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्‍तान को हराने के बाद भारतीय टीम का अगला मैच 8 जून को श्रीलंका से होना है। ओवल के मैदान पर यह मुकाबला जीतने पर भारत टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा।

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