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चैम्पियंस ट्रॉफी 2017: फाइनल से पहले बोले गौतम गंभीर- पाक के तेज गेंदबाजों से कोई खतरा नहीं

गंभीर को लगता है कि तेज गेंदबाज उमेश यादव को अंतिम एकादश में वापस लाना चाहिए।

Author , June 17, 2017 7:57 PM
कोलकाता के ईडन गार्डंस पर अभ्यास सत्र के दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली और गौतम गंभीर। (PTI Photo by Swapan Mahapatra/29 Sep, 2016)

पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों ने भले ही चैम्पियंस ट्राफी के फाइनल तक पहुंचने के दौरान प्रतिद्वंद्वी टीम के बल्लेबाजों को परेशान किया हो लेकिन गौतम गंभीर को नहीं लगता कि कल होने वाली खिताबी भिड़ंत में वे भारतीय बल्लेबाजों के सामने कोई बड़ी मुश्किल खड़ी करेंगे। पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद आमिर, जुनैद खान और हसन अली मौजूद हैं जो मैच दर मैच मजबूत हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ वे शानदार थे और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने काफी प्रभावित किया। गंभीर ने कहा, ”भारत-पाक मुकाबला कई वर्षों से भारत की बल्लेबाजी बनाम पाकिस्तान की गेंदबाजी द्वंद्व रहा है। इससे पहले यह शोएब (अख्तर) और उमर गुल व हमारे बीच होता था और अब आमिर उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है। टूर्नामेंट में अब तक सपाट विकेट को देखते हुए मुझे भारत के लिए कोई खतरा नहीं दिखता। हो सकता है कि अगर हालात अच्छे होते हैं तो आमिर सामान्य से कुछ बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं।” जहां तक आक्रमण की बात है तो गंभीर को लगता है कि तेज गेंदबाज उमेश यादव को अंतिम एकादश में वापस लाना चाहिए। ग्रुप चरण के दो मैचों के बाद स्पिनर आर अश्विन ने यादव की जगह ली। उन्होंने कहा, ”मैं जानता हूं कि यह काफी पेचीदा है लेकिन ओवल की पिच के उछाल को देखते हुए मैं उमेश को खिलाना चाहूंगा। इसके अलावा कोई भी उपमहाद्वीपीय टीम आमतौर पर स्पिन के खिलाफ सहज होती है जिससे मैं उमेश को तरजीह दूंगा, हालांकि अश्विन भी शानदार प्रतिस्पर्धी हैं। ”

इससे पहले यह दोनों पड़ोसी मुल्क टी-20 विश्व कप के पहले संस्करण में 2007 के फाइनल में भिड़े थे, जिसे महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी भारत ने जीता था। यह पहला मौका था जब भारत-पाकिस्तान के बीच आईसीसी टूर्नामेंट का फाइनल खेला गया था। धौनी के नेतृत्व वाली टीम युवा थी लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली यह टीम अनुभवी है। उस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे रोहित शर्मा, धौनी, युवराज इस टीम के अगुआ हैं।

आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत पाकिस्तान पर हमेशा से हावी रहा है। 12 मैच भारत ने जीते हैं और दो सिर्फ पाकिस्तान ने। एक मैच परिणाम विहीन रहा है। बेशक आंकड़े भारत के पक्ष में रहे हैं लेकिन कोहली की सेना सरफराज अहमद की युवा पाकिस्तानी टीम को कतई हल्के में नहीं लेगी।

आखिरी इस टीम ने पहले मैच में भारत से ही हार खाने के बाद दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही इंग्लैंड को मात देकर पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है।

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