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आइपीएल मीडिया अधिकार बेच बीसीसीआइ हुआ मालामाल

आइपीएल के प्रत्येक मैच से होने वाली कमाई 55 करोड़ रुपए बैठती है जबकि इस टूर्नामेंट से प्रत्येक साल होने वाली कमाई 3270 करोड़ रुपए होगी।

Author मुंबई/नई दिल्ली | September 5, 2017 12:46 AM
आईपीएल 2017 का खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी के साथ मुंबई इंडियंस की टीम। (Photo: BCCI)

इंडियन प्रीमियर लीग के मीडिया अधिकारों से बीसीसीआइ को भारतीय टीम के घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैचों से अधिक कमाई होगी जिसमें स्टार प्रत्येक आइपीएल मैच के लिए 55 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा जो उसके द्वारा प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए किए जा रहे भुगतान से 12 करोड़ रुपए अधिक है। स्टार इंडिया ने सोमवार को आइपीएल के वैश्विक प्रसारण और डिजिटल अधिकार अगले पांच के लिए 16347.5 करोड़ रुपए में खरीदे। बीसीसीआइ में चल रहे प्रशासनिक संकट को देखते हुए आइपीएल के अधिकारों से होने वाले यह कमाई काफी बड़ी है। आइपीएल के प्रत्येक मैच से होने वाली कमाई 55 करोड़ रुपए बैठती है जबकि इस टूर्नामेंट से प्रत्येक साल होने वाली कमाई 3270 करोड़ रुपए होगी। इससे पहले स्टार ने 2012 में 2012 से 2018 तक भारत के घरेलू मैचों के प्रसारण और डिजिटल अधिकार 3851 करोड़ में खरीदे थे जो प्रति मैच 43 करोड़ रुपए होता है। आइपीएल के वार्षिक मीडिया अधिकार से होने वाली कमाई (50 करोड़ 80 लाख डालर) तीन क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआइ, इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट आस्ट्रेलिया की मीडिया अधिकारों से होने वाली सामूहिक कमाई (51 करोड़ 20 लाख डालर) के लगभग बराबर है। टीम इंडिया के मैचों के अधिकार हालांकि अगले साल एक बार फिर दांव पर लगे होंगे और क्रिकेट से जिस तरह चौतरफा कमाई हो रही है उसे देखते हुए बीसीसीआइ की झोली में अगर एक बार फिर भारी भरकम धनराशि आती है तो किसी को हैरानी नहीं होगी।

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यह करार 2018 से 2022 के लिए हुआ है जिससे प्रशासनिक संकट से जूझ रहे बीसीसीआइ पर धन की बौछार हो जाएगी। इससे पहले सोनी टीवी ने 2008 में दस साल के लिए 8200 करोड़ में प्रसारण अधिकार खरीदे थे। बीसीसीआइ को अब हर आइपीएल मैच से 55 करोड़ रुपए मिलेंगे जबकि अंतरराष्ट्रीय मैच के प्रसारण से 43 करोड़ रुपए मिलते हैं। स्टार के सीईओ उदय शंकर ने कहा ,‘भारत, क्रिकेट और आइपीएल 2008 के बाद से काफी बदल गए हैं और यह बोली उसकी बानगी है।’ मीडिया अधिकारों में भारत, मध्य पूर्व, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के लिए प्रसारण (टीवी) और डिजिटल (मोबाइल और इंटरनेट) अधिकार शामिल हैं। सोनी ने प्रसारण अधिकारों के लिए 11050 करोड़ की बोली लगाई थी जबकि स्टार की बोली 6196 करोड़ रुपए थी। नियमों के अनुसार कंपनियां एक समूह बना सकती है और यदि उनकी समेकित वैश्विक बोली हर व्यक्तिगत बोली से अधिक होती है तो उन्हें अधिकार दिए जाएंगे।

स्टार समूह को छोड़कर बाकी बोलियों का योग 15819.51 करोड़ रुपए था जो स्टार इंडिया की समेकित बोली से 500 करोड़ रुपए कम था। समझा जाता है कि स्टार इंडिया का डिजिटल अंग हाटस्टार भारत में आइपीएल मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। शंकर ने कहा कि यदि उनकी बोली की रकम थोड़ी भी कम होती तो उन्हें अधिकार नहीं मिलते। बीसीसीआई लोढ़ा समिति के सुझाव लागू नहीं करने के लिए विवादों से घिरा है और उसके मौजूदा पदाधिकारी सुप्रीम कोर्ट के कोपभाजन बने हुए हैं। शंकर ने कहा कि खेल की लोकप्रियता इतनी है कि क्रिकेट देखना भारतीयों का पसंदीदा मनोरंजन है। उन्होंने कहा ,‘बीसीसीआइ के मैदान के बाहर के मसलों के बावजूद भारत में क्रिकेट मैच देखना अद्भुत अनुभव है।’ बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा ,‘हमारा मुख्य लक्ष्य प्रक्रिया में पारर्दिशता रखना था जिसमें शक की कोई गुंजाइश न हो।’ बोली लगाने के लिए न्योता पाने वाली 14 कंपनियों में से बाम टेक को अयोग्य करार दिया गया। सोनी और स्टार के बीच अंत तक मुकाबला था। इनके अलावा टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड, जियो, एयरटेल और फेसबुक भी दौड़ में थे।

 

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