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आखिरी मैच के बाद परिवार को बुलाकर इस तरह हुआ आशीष नेहरा का सम्‍मान, देखें वीडियो

नेहरा जब मैच की आखिरी गेंद फेंकने जा रहे थे तभी एक प्रशंसक मैदान में घुस आया और उसने नेहरा के पांव भी छुए।

आशीष नेहरा अपने परिवार के साथ।

भारत की विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर का अंत बुधवार को न्यूजूलैंड के खिलाफ खेले गए मैच के साथ किया। भारतीय टीम ने नेहरा के घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड को टी-20 मैच में 53 रनों से मात देते हुए विजयी विदाई दी है। टी-20 मैचों में न्यूजीलैंड पर भारत की ये पहली जीत भी है। 1999 में अजहरूद्दीन की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ अपने क्रिकेट सफर की शुरूआत करने वाले आशीष का करियर 18 साल लंबा रहा है। हालांकि ज्यादातर समय वो अपनी फिटनस के चलते परेशान रहे। अगर आखिरी मैच की बात करे तो आशीष अपने आखिरी मैच में विकेट नहीं ले पाए। उन्होंने आखिरी मैच में चार ओवरों में 27 रन दिए।

मैच के दौरान माहौल परू नेहरामय देखने को मिला। जहां मैच शुरू होने और खत्म होने पर आशीष नेहरा को बीसीसीआई ने सम्मानित किया तो वहीं नेहरा जब मैच की आखिरी गेंद फेंकने जा रहे थे तभी एक प्रशंसक मैदान में घुस आया और उसने नेहरा के पांव भी छुए। इस दौरान पूरा स्टेडियम नेहरा-नेहरा की आवाज से गूंज रहा था। दर्शकों ने इस दौरान अपने मोबाइल की लाइट्स भी जलाए रखीं। मैच के बाद उन्होंने मैदान का चक्कर लगाया। कुछ देर पैदल चलने के बाद दिल्ली के ही उनके दो जूनियर खिलाड़ी कप्तान कोहली और शिखर धवन ने उन्हें अपने कंधे पर बैठ लिया। आखिरी मैच में नेहरा का परिवार और उनके साथ खेलने वाले कई खिलाड़ी इस मौके पर मौजूद थे। आखिरी मैच में स्टेडियम के दिल्ली गेट गेंदबाजी छोर का नाम नेहरा के नाम पर रखा गया। नेहरा ने इसी छोर से अपना पहला ओवर डाला।

मैच से पहले भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली की आगुआई में टीम ने मैच से पहले उन्हें ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। वहीं मैच के बाद आशीष और उनके परिवार को पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। 38 साल के नेहरा इसके बाद किसी भी प्रारूप में भारतीय जर्सी में नजर नहीं आएंगे।

नेहरा का करियर चोटों से काफी प्रभावित रहा है। उन्होंने अपने करियर में कुल 12 सर्जरी कराई हैं। नेहरा ने कई बार टीम से बाहर जाने के बाद वापसी की है। 2016 में उनके द्वारा की गई वापसी के बाद से उन्होंने खेल के छोटे प्रारुप में टीम को काफी कुछ दिया। चोटों से वापसी करते हुए ही उन्होंने 2011 विश्व कप टीम में जगह बनाई थी और टीम को विजेता बनाने में रोल निभाया था। वह पिछले साल टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे।

 

 

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