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लोढ़ा समिति की सिफ़ारिशों के लिए बीसीसीआई को अधिक समय चाहिए: अनुराग ठाकुर

बीसीसीआई ने कुछ सिफारिशों को लागू करने को लेकर मुश्किलों को लेकर अपना रुख बरकरार रखा है।

Author नई दिल्ली | October 17, 2016 8:03 PM
बीसीसीआइ के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर। (पीटीआई फाइल फोटो)

लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू नहीं करने के लिए उच्चतम न्यायालय से लगातार फटकार का सामना कर रहे बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने सोमवार (17 अक्टूबर) को कहा कि राज्य इकाइयां फिलहाल कुछ सुझावों को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं और इन्हें लागू करने से पहले अधिक स्पष्टता की जरूरत है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए बीसीसीआई को निर्देश देने को लेकर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रखा। ठाकुर ने सोमवार को न्यायालय की सुनवाई के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ‘इन सिफारिशों को लागू करने के लिए आपको तीन चौथाई बहुमत की जरूरत है। हमने राज्य संघों को जानकारी देकर अपना काम पूरा कर दिया है और इस बारे में अंतिम फैसला उन्हें करना है। अगर आपके पास तीन चौथाई बहुमत नहीं है तो आप इन सिफारिशों को लागू नहीं कर सकते।’ उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, इन सिफारिशों को कैसे लागू किया जाए इसे लेकर राज्य संघों में अधिक भ्रम की स्थिति है, मुझे लगता है कि हमें अधिक स्पष्टता की जरूरत है।’

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बीसीसीआई ने कुछ सिफारिशों को लागू करने को लेकर मुश्किलों को लेकर अपना रुख बरकरार रखा है जिसमें एक राज्य एक वोट, आयु सीमा को 70 साल तक सीमित करना, तीन साल का ब्रेक, एक व्यक्ति एक पद आदि शामिल हैं। राज्य संघों के सूत्रों के अनुसार इकाइयां समय चाहती है क्योंकि बीसीसीआई को संशोधित खेल विधेयक का इंतजार है जिससे कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पैनल की सिफारिशों पर अंकुश लग जाएगा। बीसीसीआई के कम से कम तीन महीने का समय मांगने की उम्मीद है क्योंकि यह मानकर चलना असंभव है कि संसद के शीतकालीन सत्र में खेल विधेयक पेश हो जाए। जल्द से जल्द यह उम्मीद की जा सकती है कि खेल विधेयक संसद में अगले साल बजट सत्र के दौरान पेश हो। अगर सिफारिशों को मौजूदा रूप में लागू किया जाता है तो काफी अधिकारी दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड से बाहर हो जाएंगे।

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