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बलिदान बैज विवाद पर BCCI से बोला ICC- महेंद्र सिंह धोनी ने किया नियमों का उल्लंघन, नहीं पहनने चाहिए ऐसे ग्लव्ज़

आईसीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, "आईसीसी के कार्यक्रमों के लिए जो नियम हैं, उनके तहत किसी को भी व्यक्तिगत संदेश या फिर लोगो दर्शाने या पहनने की इजाजत नहीं होती है। ऐसे में यह लोगो नियमों का उल्लंघन करता है।"

महेंद्र सिंह धोनी के ग्लव्ज़ विवाद में पाकिस्तान भी कूदा है। (फाइल फोटो)

बलिदान बैज विवाद में भारतीय क्रिकेटर और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राहत नहीं मिली है। शुक्रवार (सात जून, 2019) देर शाम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इस मसले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि आईसीसी के इवेंट के दौरान धोनी ने खास लोगो वाले दस्ताने पहनकर तय नियमों का उल्लंघन किया है। उन्हें इस तरह के ग्लव्ज़ नहीं पहनने चाहिए थे।

‘एएनआई’ के मुताबिक, आईसीसी ने शुक्रवार शाम इस मसले पर बीसीसीआई को जवाब में साफ किया कि पिछले मैच (पांच जून, 2019 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ) में धोनी ने खास लोगो वाले जो विकेटकीपिंग के दस्ताने पहने थे, उन्हें ये आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के दौरान पहनने नहीं दिए जाएंगे।

आईसीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, “आईसीसी के कार्यक्रमों के लिए जो नियम हैं, उनके तहत किसी को भी व्यक्तिगत संदेश या फिर लोगो दर्शाने या पहनने की इजाजत नहीं होती है। ऐसे में यह लोगो नियमों का उल्लंघन करता है।” दरअसल, बीसीसीआई ने इससे पहले आईसीसी से चिट्ठी लिखकर दरख्वास्त की थी कि वह धोनी को बलिदान बैज वाले दस्ताने पहनने की अनुमति दे।

सीओए चीफ विनोद राय इस बाबत बोले थे, “आईसीसी नियमों के तहत उसके द्वारा आयोजित इवेंट में किसी भी खिलाड़ी को धार्मिक, सैन्य या फिर कमर्शियल प्रतीक चिह्न वाली चीजें या कॉस्ट्यूम पहनने या प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं होती है।” उनके अनुसार, धोनी इसे (लोगो/बैज) लगाना जारी रख सकते हैं, क्योंकि यह सेना से जुड़ा नहीं है।

वहीं, पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन इस मसले पर एक टीवी डिबेट के दौरान बोले कि विवाद में पड़ने के बजाय धोनी को नियम का पालन करना चाहिए। उन्हें इस बारे में टीम मैनेजर को बताना चाहिए था।

बता दें कि क्रिकेट विश्व कप में देश के पहले मुकाबले में धोनी के दस्तानों पर कृपाण वाला चिन्ह था, जो सेना के प्रतीक चिन्ह जैसा लग रहा था। मौजूदा समय में धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजिमेंट के मानद लेफ्टिनेंट हैं और यह चिन्ह उनके प्रतीक चिन्ह का हिस्सा है।

राय ने माही व बैज के बारे में कहा था, “धोनी विवाद पैदा करने वाले व्यक्ति नहीं है, मुझे कोई मुद्दा नहीं दिखता। उन्होंने पहले भी विशेष कैप पहनने की अनुमति दी थी। उम्मीद करते हैं कि मैच से पहले यह सब निपट जायेगा।” उन्होंने यह बात इस संदर्भ में कही थी कि अर्द्धसैनिक बल के कृपाण वाले चिन्ह में ‘बलिदान’ शब्द लिखा है, जबकि धोनी ने जो लोगो लगा रखा उस पर यह शब्द नहीं लिखा है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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