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VIDEO : जब सौरव गांगुली के हाथों से रिकी पोंटिंग की इस पारी ने फाइनल मुकाबले में छीन लिया था वर्ल्ड कप

वर्ल्ड कप के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम इस कप को जीतने की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही थी। ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही थी। वहीं, भारत ने केन्या को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम के खिलाड़ी फाइनल मुकाबले को जीत एक नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान पर उतरे।
रिकी पोंटिंग और सौरव गांगुली।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आज से ठीक 15 साल पहले भारत को वर्ल्ड कप दिलाने से चूक गए थे। 23 मार्च 2003 को भारतीय टीम के पास ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम करने का सुनहरा मौका था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ऐसा करने में कामयाब नहीं हो सके। भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम इस कप को जीतने की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही थी। ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही थी। वहीं, भारत ने केन्या को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम के खिलाड़ी फाइनल मुकाबले को जीत एक नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान पर उतरे थे। भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत के लिए जवागल श्रीनाथ और जहीर खान ने गेंदबाजी का भार संभाला। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की तरफ से फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन ने पारी की शुरुआत की। दोनों ही बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाना शुरू किया और किसी भी गेंदबाज को विकेट लेने का कोई मौका नहीं दिया।

वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली।

दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 105 रनों की अहम साझेदारी हुई, इसके बाद एडम गिलक्रिस्ट को हरभजन सिंह ने आउट किया। गिलक्रिस्ट के आउट होने के बाद कुछ बाद ही हेडन भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान रिकी पोंटिंग कुछ अलग ही सोच के साथ मैदान पर उतरे। पोंटिंग ने मॉर्टिन के साथ मिलकर बिना कोई विकेट खोए 50 ओवर में टीम के स्कोर को 359 रनों तक पहुंचाने का काम किया। इस दौरान पोंटिंग 121 गेंदों का सामना कर 140 रन बनाने में सफल रहे, जिसमें 4 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

360 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और इनफॉर्म बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर महज 4 रन पर ही आउट हो गए। सचिन के बाद कप्तान गांगुली 24 तो वहीं मोहम्मद कैफ बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। एक छोर पर वीरेंद्र सहवाग टीम को स्कोर के करीब ले जाने की पूरी कोशिश करते रहे, लेकिन 82 रन पर वह भी आउट हो गए। सहवाग के आउट होते ही टीम की सभी उम्मीदें भी खत्म हो गईं। भारत अपनी पारी के दौरान 234 रन ही बना सका। सौरव गांगुली आज भी रिकी पोंटिंग के उस शतक को शायद ही भूल पाए होंगे।

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