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यासीन मलिक के बहाने शाहिद अफरीदी ने उगला भारत के खिलाफ जहर, दिग्गज भारतीय ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान को बताया झूठा

अफरीदी ने पहले भी कई मौकों पर कश्मीर को लेकर टिप्पणी की है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान एक ट्वीट में मलिक के खिलाफ आरोपों को “मनगढ़ंत” बताया। इस पर जवाब देते हुए अमित मिश्रा ने ट्वीट करके कहा कि यासीन मलिक ने खुद अदालत में अपना अपराध कबूला है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान शाहिद अफरीदी। (फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेटर अमित मिश्रा ने बुधवार को पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान शाहिद अफरीदी को कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक के बहाने भारत पर निशाना साधने के लिए फटकार लगाई। मलिक को दिल्ली की एक अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसने अपने खिलाफ सभी आरोपों को स्वीकार किया, जिसमें गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप भी शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की थी।

अफरीदी ने पहले भी कई मौकों पर कश्मीर को लेकर टिप्पणी की है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान एक ट्वीट में मलिक के खिलाफ आरोपों को “मनगढ़ंत” बताया। इस पर जवाब देते हुए अमित मिश्रा ने ट्वीट करके कहा कि यासीन मलिक ने खुद अदालत में अपना अपराध कबूला है। आपकी (अफरीदी) जन्मतिथि की तरह सबकुछ भ्रामक नहीं होता।

क्या कहा था अफरीदी ने- अफरीदी ने ट्वीट करके कहा, “भारत अपने मानवाधिकारों के हनन के कृत्यों के खिलाफ आलोचना की आवाजों को दबाने का लगातार प्रयास कर रहा है, जो विफल होगा। यासीन मलिक के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप कश्मीर की आजादी के संघर्ष पर असर नहीं पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर के नेताओं के खिलाफ चल रहे अनुचित और अवैध मामलों के खिलाफ नोटिस लेने का आग्रह है।”

पहले भी मिला है करारा जवाब- अफरीदी के इसी बयान पर अमित मिश्रा ने मुहतोड़ जवाब दिया। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हरभजन सिंह और गौतम गंभीर समेत अन्य भारतीय क्रिकेटर्स अफरीदी के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हैं? कश्मीर पर अफरीदी के बयान पर गंभीर पहले भी उन्हें करारा जवाब दे चुके हैं।

उम्र कैद की सजा- दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने मलिक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाईं। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मलिक को आईपीसी की धारा 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और यूएपीए की धारा 17 (यूएपीए) (आतंकवादी गतिविधियों के लिए राशि जुटाना) दो सजाओं के लिए दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

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