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आने वाली चुनौतियों पर बोले अजिंक्य रहाणे- आगे के बारे में सोचने में यकीन नहीं रखता

रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न श्रृंखला में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे।
Author नई दिल्ली | September 2, 2016 21:44 pm
भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे। (पीटीआई फाइल फोटो)

अजिंक्य रहाणे के भारत के 13 टेस्ट के आगामी व्यस्त घरेलू दौर में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है लेकिन इस बल्लेबाज ने कहा कि वह काफी आगे के बारे में नहीं सोचना चाहता क्योंकि इससे आपकी मानसिकता प्रभावित हो सकती है। रहाणे ने कहा, ‘मुझे पता है कि हमारे सामने एक काम है लेकिन मैं कभी लक्ष्य पहले से निर्धारित नहीं करता। मेरा मानना है कि लक्ष्य तय करना आपको भविष्य में काफी आगे तक ले जाता है। काफी आगे के बारे में सोचने से आपनी मानसिकता प्रभावित हो सकती है। इसकी जगह मैं एक बार के एक दिन के बारे में सोचता हूं। फिलहाल ध्यान न्यूजीलैंड श्रृंखला पर है।’

रहाणे ने हमेशा किसी विशेष टीम के खिलाफ होमवर्क करने पर जोर दिया है और इस महीने जब न्यूजीलैंड की टीम तीन टेस्ट और पांच एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला के लिए भारत आएगी तो स्थिति अलग नहीं होगी। रहाणे ने कहा, ‘मैं हमेशा अपनी बल्लेबाजी को लेकर अपने बचपन के कोच प्रवीण आमरे से चर्चा करता हूं। इस बार भी स्थिति अलग नहीं होगी। बेशक हर श्रृंखला की तैयारी कुछ अलग होती है। लेकिन बेशक आप श्रृंखला की शुरुआत से पहले कभी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करते। अहम यह है कि आप हमेशा विरोधी से तीन कदम आगे रहो।’

रहाणे ने न्यूजीलैंड के आक्रमण को अच्छा करार दिया। इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘यह अच्छा आक्रमण है। उनके पास ट्रेंट बोल्ट है, मिच सेंटनर अ‍ैर ईश सोढी जैसे अच्छे स्पिनर भी हैं। हम कोताही नहीं बरत सकते।’ अलग-अलग भार के बल्लों के इस्तेमाल पर रहाणे ने कहा कि वह हमेशा समान भार के बल्ले का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न हो या मुंबई, मैं कभी अपने बल्लों के भार से छेड़छाड़ नहीं करता। दुनिया भर की पिचों के अलग-अलग उछाल के बावजूद इसमें बदलाव नहीं करता।’

रहाणे ने वेस्टइंडीज में हाल में संपन्न श्रृंखला में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से 243 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सुधार के लिए कोशिश करता हूं और मैं कैरेबियाई सरजमीं पर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। मैं विशेष रूप से ड्यूक की लाल गेंद से खेलने की तैयारी की है।’ रहाणे ने कहा, ‘लाल ड्यूक गेंद से खेलना कूकाबूरा से खेलने से अलग होता है क्योंकि अन्य की तुलना में गेंद अधिक सीम और स्विंग करती है। इसके लिए आपको शरीर के करीब और जितना देर से संभव हो उतना देर से खेलना होता है। मैं अपने खेल से खुश हूं। अगर हम 3-0 से जीत दर्ज करते तो शानदार होता लेकिन आप मौसम पर नियंत्रण नहीं रख सकते।’

रहाणे इससे सहमत हैं कि मुख्य कोच अनिल कुंबले के जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, ‘उनके पास शानदार जानकारी है। वह लगभग आठ साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ चुके हैं लेकिन ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है। उनके जज्बे की बराबरी नहीं की जा सकती। हर मिनट होने वाली चीज पर उनकी नजर होती है। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए बेसिक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।’

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  1. S
    Sukhbir Singh
    Sep 2, 2016 at 6:04 pm
    TABHI SAAAALA KACHHUE KI TARAH KHELTA HAI
    (0)(0)
    Reply