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सचिन को आज भी टीस देता होगा द्रविड़ का यह फैसला, मास्टर ब्लास्टर की नहीं हो पाई थी डबल सेंचुरी

मास्टर ब्लास्टर को 200 रन पूरा करने के लिए करीब 15 ओवरों की जरुरत थी। वहीं भारत चाहता था कि दिन के आखिर में पारी घोषित करते हुए पाकिस्तान को बल्लेबाजी करने दी जाए।

Author नई दिल्ली | March 30, 2018 1:50 PM
भारतीय दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड। (Photo Source: Reuters)

भारतीय क्रिकेट के लिए 29 मार्च, 2004 एक इतिहासिक दिन रहा था। इस दिन दिग्गज खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग पहले ऐसे भारतीय बन गए थे जिन्होंने ट्रिपल सेंचुरी मारी थी। यह ट्रिपल सेंचुरी सहवाग ने मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच के दौरान मारी थी। वहीं यह दिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के लिए भी यादगार है क्योंकि वे इस टेस्ट में अपनी डबल सेंचुरी के करीब होने के बावजूद राहुल द्रविड के एक फैसले के कारण अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए थे। 14 साल के बाद भी राहुल द्रविड के इस एक फैसले की टीस सचिन तेंदुलकर को आज भी होती होगी।

पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन चाय ब्रेक तक भारत का स्कोर 588/4 हो गया था। बैटिंग लाइन पर सचिन तेंदुलकर नाबाद 165 रनों पर खेल रहे थे और वहीं युवराज सिंह का स्कोर 11 रन था। मास्टर ब्लास्टर को 200 रन पूरा करने के लिए करीब 15 ओवरों की जरुरत थी। वहीं भारत चाहता था कि दिन के आखिर में पारी घोषित करते हुए पाकिस्तान को बल्लेबाजी करने दी जाए। चाय ब्रेक के बाद सचिन ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए 35 गेंदों पर 29 रन बना डाले। अब डबल सेंचुरी बनाने के लिए सचिन केवल छह रन दूर थे।

इसी बीच युवराज सिंह आउट हो गए और कप्तान राहुल द्रविड ने 675/5 पर भारतीय पारी घोषित कर दी। राहुल द्रविड का यह फैसला आज भी सचिन तेंदुलकर को दुख पहुंचाता है क्योंकि मास्टर ब्लास्टर अपनी डबल सेंचुरी के लिए केवल छह रनों से दूर थे और द्रविड ने पारी घोषित कर दी थी। इसे लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद की खबर भी सुनने को मिली थी लेकिन दोनों ने जल्द ही इस विवाद को खत्म कर दिया था। इस मैच से कप्तान सौरव गांगुली चोट लगने के कारण बाहर थे इसलिए राहुल द्रविड को कप्तानी सौंपी गई थी। इस पर सौरव गांगुली ने कहा था कि यह उनका फैसला नहीं था और यह पूरी तरह से राहुल द्रविड का अपना फैसला था।

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