ओवल पर 50 साल का इंतजार

लीड्स में पारी और 76 रनों की जीत के साथ इंग्लैंड ने न सिर्फ भारत के खिलाफ टैस्ट शृंखला में वापसी की, बल्कि सीरीज को बराबरी पर भी ला खड़ा किया।

सांकेतिक फोटो।

लीड्स में पारी और 76 रनों की जीत के साथ इंग्लैंड ने न सिर्फ भारत के खिलाफ टैस्ट शृंखला में वापसी की, बल्कि सीरीज को बराबरी पर भी ला खड़ा किया। दोनों टीमों के बीच चौथा टैस्ट आज से केनिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। इस मुकाबले में कई चीजें दोनों टीमों के लिए खास होंगी। एक तरफ भारत अपनी गलतियों में सुधार के साथ 50 साल बाद जीत दर्ज करने उतरेगा तो दूसरी तरफ मेजबान टीम शृंखला में जीत के साथ बढ़त बनाने का प्रयास करेगी।

भारत के लिए बल्लेबाजों का प्रदर्शन सिरदर्द बना हुआ है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा शृंखला में टीम एक बार भी 400 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। पहले टैस्ट में 278 और 52/1 का स्कोर बनाया। दूसरे में भारत ने 364 और 298/8 का स्कोर बनाया। वहीं, तीसरे टैस्ट की दो पारियों में भारत का स्कोर 78 और 278 रहा। वहीं मेजबान बल्लेबाजों ने इस दौरान बेहतर प्रदर्शन किया।
बता दें कि बल्लेबाजों के खराब खेल के कारण ही भारत 2018 में भी 1-4 से हार झेल चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ उसी की धरती पर खेली गई उस शृंखला में भारत बुरी तरह हारा था।

बल्लेबाजों को करनी होगी मेहनत

आंकड़ों का विश्लेषण करें तो भारत ने 2018 की तुलना में इस बार बेहतर बल्लेबाजी की है। लेकिन सीरीज जीतने के लिए अभी और सुधार की जरूरत है। तीसरे टैस्ट की दूसरी पारी में चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक जरूर जमाए लेकिन ओवरआॅल सीरीज की बात करें तो ये फॉर्म में नहीं चल रहे हैं। इनके अलावा अजिंक्य रहाणे और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भी अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। चौथे टैस्ट में बेहतर परिणाम के लिए इन दिग्गज बल्लेबाजों को बेहतर खेल दिखाना होगा।

ओवल है भारत के लिए खास

केनिंग्टन ओवल के मैदान पर भारतीय टीम का रेकॉर्ड बेहतर नहीं रहा है। उसने इस मैदान पर कुल 13 टैस्ट खेले हैं और केवल एक में ही जीत दर्ज की है। वहीं पांच मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। सात मुकाबले ड्रॉ समाप्त हुए। हैरान करने वाली बात ये हैं कि टीम इंडिया को यह एकमात्र जीत करीब 50 साल पहले 1971 के इंग्लैंड दौरे पर मिली थी। 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी वाली

भारतीय टीम ने इंग्लैंड को चार विकेट से हराया था।

ओवल में भारत ने जो पिछले तीनों टैस्ट खेले हैं उसमें उसे हार का सामना करना पड़ा है। साल 2011 में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को एक पारी और आठ रन से हराया था, जबकि 2014 में एक पारी और 244 रनों से बड़ी हार का मुंह देखना पड़ा। 2018 के इंग्लैंड दौरे पर एलिस्टर कुक एंड कंपनी ने भारत को 118 रनों से धूल चटाई थी।

रूट को भाता है ओवल का मैदान

मेजबान टीम के टैस्ट कप्तान जोए रूट इस समय अपने करिअर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। पहले तीन मैचों में उन्होंने 126.75 के औसत के साथ 507 रन बनाए हैं। अभी तक हर मुकाबले में रूट के बल्ले से शतक निकला है। भारत के लिए चिंता का विषय यह है कि केनिंग्टन ओवल में रूट ने दो टैस्ट खेले हैं और दोनों में शतक लगाया है। भारतीय टीम के खिलाफ इस मैदान पर खेले दो टैस्ट मैचों में उन्होंने 137 के औसत से कुल 274 रन बनाए हैं और दोनों पारियों में शतक लगाया है।

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