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किस्सा वर्ल्ड कप काः 1975 से लेकर 2015 तक, कुछ ऐसा रहा है टीम इंडिया का सफर

भारत का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा है। कई बार भारत ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया तो कई बार ख़राब प्रदर्शन के चलते उन्हें फैंस की आलोचना का शिकार भी होना पड़ा।

पहले विश्वकप से अबतक भारत का सफर।

क्रिकेट का पहला विश्वकप 1975 में खेला गया था। पहले विश्वकप से लेकर 2015 में खेले गए आखिरी विश्वकप तक भारत का सफर उतार चढ़ाव भरा रहा है। कई बार भारत ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया तो कई बार ख़राब प्रदर्शन के चलते उन्हें फैंस की आलोचना का शिकार भी होना पड़ा। 30 मई से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होने वाले विश्वकप से पहले आइए नज़र डालते हैं भारत के अबतक के विश्वकप के सफर पर-

1975 में खेले गए पहले विश्वकप में भारत ने तीन मैचों में मात्र एक मैच जीता था। उस विश्वकप में भारत ने पूर्व अफ्रीका को हराया था। पूर्व अफ्रीका में केन्या, तंजानिया, युगांडा और जाम्बिया के खिलाड़ी खेलते थे। इस विश्वकप में भारतीय दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावसकर ने 174 गेंदों में 36 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

दूसरा विश्वकप चार साल बाद 1979 में खेला गया। इस विश्वकप में भी भारत ने तीन मैच खेले लेकिन तीनों मैच हार गए। इस विश्वकप में भारत को एसोसिएट देश श्रीलंका ने भी हरा दिया था। ये विश्वकप वेस्टइंडीज ने जीता था।

तीसरा विश्वकप 1983 में खेला गया। इस विश्वकप में भारत का प्रदर्शन स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया हैं। पिछले दो विश्वकप में भारत ने छह मैचों में मात्र एक मैच जीता था और अबतक भारत को टेस्ट नेशन का दर्जा भी नहीं मिला था। उसके बावजूद दिग्गज कपिल देव की अगुवाई में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ये ख़िताब अपने नाम किया। भारत ने अपने क्रिकेट करियर के पहले 9 साल में मात्र 17 मैच जीते थे। विश्व का कोई भी क्रिकेट पंडित नहीं बोल सकता था कि भारत विश्वकप जीतेगा। लेकिन कपिल देव और उनके खिलाड़ियों ने ये कारनामा कर दिखाया और इतिहास में अपना नाम दर्ज़ किया।

1987 में ख़िताब बचाने उतरी भारतीय टीम ने विश्वकप होस्ट किया। इस विश्वकप में भारत ने 7 मैच खेले जिनमें पांच मैच उन्होंने जीत और दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस विश्वकप में भारत सेमीफइनल तक गया और इंग्लैंड से हारकर बाहर हो गया। ये विश्वकप ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।

1992 में पहली बार लीग विश्वकप खेला गया। मुहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व वाली भारतीय टीम इस विश्वकप में कुछ खास नहीं कर पाई लेकिन ये पहली बार था जब भारत और पाकिस्तान एक दूसरे से विश्वकप में भिड़े। भारत ने पाकिस्तान को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में हराया था। तब से लेकर आज तक पाकिस्तान कभी भारत से विश्वकप में नहीं जीत पाया है। लेकिन ये विश्वकप पाकिस्तान ने जीता था।

1996 में भारत ने श्रीलंका के साथ मिलकर विश्वकप होस्ट किया। भारत एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया से लीग स्टेज में हार गया लेकिन पाकिस्तान को एक बार फिर हराकर वो सेमीफइनल तक पहुंच गया। सेमीफइनल श्रीलंका से खेला गया और भारत उस मैच में बुरी तरह हार गया। ये विश्वकप में भारत की सबसे शर्मनाक हार में से एक थी। ये विश्वकप श्रीलंका ने जीता था।

में खेले गए विश्वकप में भार1999 त के युवा बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने शानदार प्रदर्शन किया था। राहुल के अलावा सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था। इस विश्वकप में होस्ट इंग्लैंड के खिलाफ द्रविड़ और गांगुली ने 318 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी। इस मैच में दोनों ने शतक लगाया था। वहीं गांगुली ने अपने वनडे करियर का सबसे बड़ा स्कोर (183 रन) बनाया था। भारत इस विश्वकप में सेमीफइनल तक भी नहीं पंहुचा था। ये विश्वकप ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।

2003 विश्वकप – युवा खिलाड़ियों से लैश इस टीम ने 1983 की यादें तजा कर दी। सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली इस टीम में राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, ज़हीर खान और आशीष नेहरा जैसे दिग्गज थे। इस विश्वकप में भारत ने 10 में 12 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन फाइनल में वे ऑस्ट्रेलिया से हार गए और दूसरी बार विश्वकप जीतने का भारत का सपना टूट गया। उस विश्वकप में भारत को दोनों मैच ऑस्ट्रेलिया ने हराए थे।

2007 का विश्वकप भारतीय इतिहास का सबसे ख़राब विश्वकप था। इस विश्वकप में भारत अपना पहला ही मैच बांग्लादेश से हार गया। इस हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल टूट गया और वे श्रीलंका से हारकर विश्वकप से बाहर हो गए। हालांकि राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाली टीम ने बरमूडा पर रिकॉर्ड जीत दर्ज़ की थी। इस विश्वकप के बाद भारत की बेहद आलोचना हुई थी। ये विश्वकप ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।

2011 वो साल जिसने भारत को 28 साल बाद फिर से चैंपियन बनाया। ये विश्वकप क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का आखिरी विश्वकप था। टीम सचिन के लिए विश्वकप जीतना चाहती थी। युवराज सिंह के शानदार प्रदर्शन की मदद से टीम ने ये कारनामा कर दिखाया और 1983 के बाद दूसरी बार ख़िताब अपने नाम किया। इस विश्वकप में भारत ने एक मैच छोड़कर अपने सारे मैच जीते।

2015 विश्वकप में भारत ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इस विश्वकप में भारत ने एक भी मैच नहीं हारा था लेकिन सेमीफइनल में वे ऑस्ट्रेलिया से हार गए थे। इस विश्वकप में पहली बार भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था। उस मैच में अजिंक्य रहाणे 79 और शिखर धवन (137) ने शानदार प्रदर्शन किया था। ये विश्वकप ऑस्ट्रेलिया ने जीता था।

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