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WORLD CUP 2015: रफ्तार के खिलाफ आज भारत की कड़ी परीक्षा

यों तो सारी रणनीति मेलबर्न में बनाई जा रही है लेकिन लोगों की धड़कन देश में भी कम नहीं बढ़ी हुई है। क्रिकेट विश्व कप के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार की सुबह भारत खेलने उतरेगा तो कई सवालों से उसे जूझना होगा। यह सही है कि अपने पहले मैच में उसने […]

Author February 22, 2015 10:25 AM
क्रिकेट विश्व कप के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत खेलने उतर चुका है और कई सवालों से उसे जूझना पड़ रहा है।

यों तो सारी रणनीति मेलबर्न में बनाई जा रही है लेकिन लोगों की धड़कन देश में भी कम नहीं बढ़ी हुई है। क्रिकेट विश्व कप के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार की सुबह भारत खेलने उतरेगा तो कई सवालों से उसे जूझना होगा।

यह सही है कि अपने पहले मैच में उसने पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज की थी। उस जीत ने यकीनन टीम को नई ऊर्जा दी है लेकिन विश्व कप में जिस तरह का क्रिकेट देखने को मिल रहा है, उसे देखते हुए भारत को अभी लंबा सफर तय करना है। वैसे भी दक्षिण अफ्रीकी टीम को खिताब के प्रबल दावेदारों में शुमार किया जा रहा है। इसलिए रविवार को भारत की कड़ी परीक्षा होनी है।

परीक्षा रफ्तार के खिलाफ बल्लेबाजों की तो होगी ही, गेंदबाजों को भी अनुशासित रहना होगा। नहीं तो भारत के सामने परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। यह सही है कि हमारी बल्लेबाजी बेहतर है लेकिन डेल स्टेन की अगुआई में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज किसी भी टीम की बल्लेबाजी ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं। इसलिए संयमित बल्लेबाजी हमारा मूल-मंत्र होना चाहिए, क्योंकि हम उस मेलबर्न में खेल रहे हैं जहां गेंदबाज अतिरिक्त उछाल का फायदा ले सकता है।


यह फायदा हमारे गेंदबाज भी ले सकते हैं लेकिन उनमें वह क्षमता नहीं है जो डेल स्टेन, मोर्कल या फिलेंडर के पास है। इसलिए हमारे गेंदबाजों के लिए परेशानी ज्यादा है। आस्ट्रेलिया के दौरे पर यों भी भारतीय गेंदबाजों ने दयनीय प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान के खिलाफ जरूर मोहम्मद शमी, उमेश यादव और मोहित शर्मा ने अच्छी गेंदबाजी की और तीनों ने विकेट झटके। लेकिन रविवार को मैदान भी दूसरा होगा और टीम भी दूसरी। इसलिए बेहतर रणनीति के साथ भारत को मैदान में उतरना होगा। इन दोनों टीमों के बीच विश्व कप का रेकार्ड भी भारत के पक्ष में नहीं है।

भारत ने विश्व कप में अब तक तीन मुकाबले खेले हैं और तीनों मैच भारत हारा है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका ने तीनों ही बार रनों का पीछा करते हुए जीत दर्ज की है। इसलिए रविवार को टॉस के लिए जब भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर जाएंगे तो उन्हें भी यह सवाल जरूर परेशान करेगा कि टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करें या गेंदबाजी।

क्रिकेट में यों तो किसी तरह की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती लेकिन सच यह है कि दक्षिण अफ्रीकी टीम काफी बेहतर है। दिन खराब रहा तो बड़ी से बड़ी टीमें बौनी बन जाती हैं तो कभी छोटी टीमें भी मैदान मार ले जाती हैं।

आखिर 1983 में किसने सोचा था कि भारत विश्व विजेता भी बन सकता है लेकिन भारत ने एक टीम की तरह खेला और विश्व चैंपियन बनने का गौरव पाया। इसलिए रविवार के मैच में भारत को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा क्योंकि इस के नतीजे से ग्रुप का नतीजा भी तय होगा। भारत मैच जीतता है तो ग्रुप में टॉप पर रहेगा और दूसरे ग्रुप में चौथे नंबर पर रहने वाली टीम के साथ क्वार्टर फाइनल में भिड़ेगा। वैसे धोनी की सेना उत्साह से लबरेज है। वैसे दिल तो कहता है कि भारत जीतेगा लेकिन दिमाग दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में दलील देता है। थोड़ा इंतजार और। देखते हैं कि दिल जीतता है या दिमाग।

 

फ़ज़ल इमाम मल्लिक

 

 

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