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क्रिकेट सुपर लीग से ही खुलेंगे विश्व कप के दरवाजे, सभी टीमों को बराबरी का मौका

दरअसल, क्रिकेट सुपर लीग को एकदिवसीय विश्व के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के तौर पर लाया गया है। यह फीफा की तर्ज पर क्रिकेट खेलने वाले हर देश को विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए उचित मंच प्रदान करेगा।

क्रिकेट सुपर लीग को एकदिवसीय विश्व के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के तौर पर लाया गया है।

क्रिकेट को फुटबॉल की तरह पूरी दुनिया में मशहूर बनाने के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए 2017 में वनडे सुपर लीग की घोषणा की थी। कुछ दिन पहले ही इंग्लैंड और आयरलैंड के बीच एकदिवसीय मुकाबले के साथ इसकी शुरुआत हुई। इसके सहारे ही टीमें अगले एकदिवसीय विश्व कप में प्रवेश पा सकेंगी। लीग का मुख्य लक्ष्य क्रिकेट को और पारदर्शी व प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ रैंकिंग में शीर्ष दस टीमों के अलावा अन्य देशों को भी बराबर का मौका देना है। टूर्नामेंट के इस नए प्रारूप से स्कॉटलैंड और नीदरलैंड जैसी टीमों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका मिल सकेगा।

दरअसल, क्रिकेट सुपर लीग को एकदिवसीय विश्व के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के तौर पर लाया गया है। यह फीफा की तर्ज पर क्रिकेट खेलने वाले हर देश को विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए उचित मंच प्रदान करेगा। आइसीसी की इस नई लीग का पहला एकदिवसीय मैच 30 जुलाई को खेला गया और अगले दो साल तक इसके तहत दुनिया भर की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। इसी से तय होगा कि भारत में 2023 में होने वाले विश्व कप में कौन-कौन सी टीमें हिस्सा लेंगी। इस लीग में कुल 13 टीमें खेलेंगी जिनमें 12 आइसीसी के पूर्ण सदस्य टीमें होंगी और 13वां नीदरलैंड होगा। नीदरलैंड को यह मौका इसलिए मिला क्योंकि उसने 2017 में हुई विश्व क्रिकेट लीग चैंपियनशिप में जीत दर्ज की थी।

सबको समान अवसर देना

सुपर लीग के माध्यम से आइसीसी कई लक्ष्यों को साधना चाहती है। क्रिकेट पर कुछ खास देशों तक ही सिमटने का आरोप लगता है। कहा जाता है कि यह दुनिया भर में खेला जाने वाला खेल नहीं है। इसका मुख्य कारण है कि क्रिकेट की सबसे ज्यादा कमाई एशियाई देशों में ही हैं। अन्य देशों में इसे पहले खेल के तौर पर प्रशंसक नहीं मिलते। साथ ही यह कहा जाता है कि रैंकिंग में खुद को बेहतर बनाए रखने के लिए शीर्ष देश अपने लिए द्विपक्षीय शृंखला का आयोजन आसानी से कर लेते हैं। लेकिन वैसे देश जो अभी क्रिकेट में नए हैं या पूर्ण सदस्य नहीं हैं उन्हें टूर्नामेंट खेलने के अवसर नहीं मिल पाते। सुपर लीग इन सभी आरोपों को समाप्त करने में कारगर साबित होगा। लीग के तहत हर टीम आठ अन्य टीमों के साथ तीन-तीन मैचों की शृंखला खेलेगी। इसमें से चार शृंखला घरेलू मैदान तो चार विदेश में खेलनी होगी। यानी हर टीम को 24 एकदिवसीय अनिवार्य रूप से खेलना होगा और अंक जुटाने होंगे। इन्हीं अंकों के आधार पर टीमें विश्व कप के लिए टिकट हासिल करेंगी।

कम रैंकिंग वाले टीम को भी फायदा

याद करें तो 2017 में वेस्ट इंडीज आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टिकट हासिल करने में नाकाम रहा था। वह तब के 30 सितंबर 2015 के कटऑफ तारीख तक शीर्ष आठ में जगह बनाने में नाकाम रहा था। ऐसे में बाग्लादेश को मौका मिला। सुपर लीग के आने से रैंकिंग प्रणाली के तहत विश्व कप में जगह पाने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। टीमों को लीग में मिले अंकों के आधार पर ही प्रेवश मिलेगा। ऐसे में अंतिम पायदान या उससे ऊपर रैंकिंग वाली टीम को भी उतना ही मौका मिलेगा जितना शीर्ष पर काबिज टीम को। ये लीग विश्व टैस्ट चैंपियनशिप के तर्ज पर हो रही हैं। लीग के सभी मैच आइसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। जीतने पर हर टीम को 10 अंक, मैट टाई होने या रद्द होने पर 5-5 अंक और हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलेगा।

क्या होगा क्वालीफिकेशन का प्रारूप
भारत 2023 विश्व कप का मेजबान होने के नाते पहले ही टिकट हासिल कर चुका है। इसके अलावा सात अन्य टीमें विश्व कप के लिए इस लीग के माध्यम से क्वालीफाइ करेंगी। 13 टीमों में से अंतिम पांच पायदान पर रहने वाली टीमों को एक और विश्व कप क्वालीफायर खेलना होगा। यहां से दो टीमें विश्व कप में शामिल होंगी। यानी कुल 10 टीमें 2023 विश्व कप का हिस्सा होंगी।

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