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क्रिकेट मैदान में गाय ने कर दिया खिलाड़ियों पर हमला, बाल-बाल बची जान, वायरल हो रहा वीडियो

इस वीडियो को मोसली क्रिकेट क्लब ने ट्विटर पर पोस्ट किया है, जो अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है।

नवंबर 2016 में भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापतनम में हुए टेस्ट मैच में एक कुत्ते के कारण खेल रोकना पड़ा था।

अब तक आपने क्रिकेट मैचों को खराब मौसम, लोगों के मैदान पर उतरने, गीली पिच, ज्यादा गर्मी या अन्य कारणों से रुकते हुए देखा होगा। लेकिन सूची में एक और कारण शामिल कर लीजिए-वह है गाय का उत्पात। यह घटना घटी इंग्लैंड के क्लार्क लेन आउटफील्ड के चेशायर क्रिकेट लीग मैच में। यहां एक विलेज क्रिकेट मैच चल रहा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गाय लॉन्ग अॉफ की दिशा में आराम से खड़ी थी, लेकिन अचानक वह बड़ी तेजी से मैदान की ओर दौड़ने लगी। इस दौरान कुछ खिलाड़ी उसके हमले में बाल-बाल बचे। गाय के इस हमले से बचने के लिए खिलाड़ी मैदान से थोड़ा दूर हट गए। स्क्वेयर लेग पर खड़े प्लेयर ने भी भी यही तरीका सोचा, लेकिन सबको हैरानी उस वक्त हुई जब एक अंपायर अपनी जगह से रत्ती भर भी नहीं हिला। तेजी से आती गाय उसके बेहद करीब से निकल गई, लेकिन वह अंपायर जेब में हाथ डाले जस के तस खड़ा रहा। अगर वह एक इंच भी इधर या उधर होता तो उसे यकीकन गंभीर चोट लग सकती थी।

इस वीडियो को मोसली क्रिकेट क्लब ने ट्विटर पर पोस्ट किया है, जो अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। चेशायर पुलिस ने लोगों से कहा कि वह गुमशुदा गाय को लेकर अलर्ट रहें और उसके दिखते ही तुरंत सूचना दें। हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब किसी पशु के कारण खेल रोका गया हो।

देखें वीडियो ः

नवंबर 2016 में भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापतनम में हुए टेस्ट मैच में एक कुत्ते के कारण खेल रोकना पड़ा था। जब बहुत कोशिशों के बावजूद भी कुत्ते को भगाया नहीं जा सका तो टीमें जल्दी चाय के लिए चली गईं। हाल ही में श्रीलंका और साउथ अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग में हुए मुकाबले को मधुमक्खियों के हमले के कारण एक घंटे से ज्यादा रोकना पड़ा था। इसके अलावा 2008 में फिरोजशाह कोटला और 2007 में कैंडी में भी मधुमक्खियों के हमले ने खेल होने नहीं दिया था।

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