ताज़ा खबर
 

कोर्ट का आदेश: मयप्पन के खिलाफ BCCI करें कार्रवाई

सर्वोच्च न्यायालय ने आईपीएल छह फिक्सिंग मामले में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई करते हुये भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को चेन्नई सुपरकिंग्स के पूर्व अधिकारी और सट्टेबाजी में दोषी पाये गये गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने क्रिकेट प्रशासक के तौर पर किनारा करने के बावजूद एन […]

Author December 9, 2014 2:10 PM
मयप्पन के खिलाफ BCCI करें कार्रवाई: कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने आईपीएल छह फिक्सिंग मामले में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई करते हुये भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को चेन्नई सुपरकिंग्स के पूर्व अधिकारी और सट्टेबाजी में दोषी पाये गये गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उच्चतम न्यायालय ने क्रिकेट प्रशासक के तौर पर किनारा करने के बावजूद एन श्रीनिवासन के तमिलनाडु क्रिकेट संघ की बैठकों में भाग लेने पर भी ऐतराज जताया। जबकि श्रीनिवासन ने इस मुद्दे पर गलती स्वीकार की और कहा कि उन्हें बैठकों में भाग नहीं लेना चाहिये था।

न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्लाकी खंडपीठ ने कहा कि हम मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। उनके खिलाफ सजा का निर्णय कैसे किया जाए और अवधि क्‍या हो यह बोर्ड तय करे। हम बीसीसीआई के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।

उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि वह बीसीसीआई की कार्य पद्धति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है और इसके लिये उन्होंने बोर्ड को चार विकल्प सुझाये। न्यायालय ने विकल्पों में कहा कि या तो एन श्रीनिवासन बोर्ड से अलग हो जाए और बोर्ड की समिति को मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई करने दे, दूसरा, दो जजों की स्वायत्त समिति बनाई जाये जो मयप्पन को सजा के मामले को देखे, तीसरा, आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल मयप्पन की सजा का फैसला करे और चौथा, मुद्गल समिति मयप्पन को सजा का निर्णय करे।

सर्वोच्च न्यायालय ने साथ ही कहा कि श्रीनिवासन मयप्पन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के आरोपी हैं और अब अदालत चाहती है कि बीसीसीआई इस मामले में मयप्पन के खिलाफ सजा तय करे।

इससे पहले सोमवार को भी न्यायालय ने इस मामले पर सुनवाई की थी जिसमें कहा था कि बीसीसीआई की गतिविधियों से अलग किये गये श्रीनिवासन का आईपीएल में टीम खरीदना और बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहना हितों के टकराव का मामला है और इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। श्रीनिवासन की ओर से पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने जिरह की।

 

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि क्रिकेट की सूचिता बरकरार रहनी चाहिये और इससे जुड़े सभी पदाधिकारी संदेह के दायरे से बाहर होने चाहिये। आईपीएल छह में सट्टेबाजी मामले की जांच के लिये अदालत ने न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। इस समिति ने मयप्पन को टूर्नामेंट के दौरान सट्टेबाजी में लिप्त पाया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App