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स्टडी- खिलाड़ियों पर कोरोना बेअसर! दूसरों के मुकाबले 2.5 गुना कम है मौत का खतरा, ICU जाने की आशंका भी 1.73 गुना कम

फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार, विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और दुनिया के नंबर एक गोल्फर डस्टिन जॉनसन समेत अनेक खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हुए, लेकिन सभी इस वायरस को मात देने में कामयाब रहे।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: April 27, 2021 11:36 PM
COVID-19 awareness campaign Dharavi coronavirus cases Mumbaiफरवरी 2021 में मुंबई के धारावी इलाके में कोरोनावायरस के खिलाफ जागरुकता अभियान भी चलाया गया था। (सोर्स- एक्सप्रेस अर्काइव)

कोविड-19 महामारी की भयावहता में दिनोंदिन हो रहे इजाफे के बीच शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों में सक्रियता से कोविड-19 के गंभीर प्रभावों और उनके कारण अस्पताल में भर्ती होने की नौबत से बचा जा सकता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन तथा दक्षिण कैलिफोर्निया स्थित कायसर परमानेंट फोंटाना मेडिकल सेंटर के एक ताजा अध्ययन तथा कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी तथा कुछ अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं और चिकित्सकों की ओर से किए गए ताजा अध्ययन में यह बात कही गई है।

शोधकर्ताओं और चिकित्सकों ने पाया है कि कोविड-19 के जो मरीज बीमार होने से पहले लगातार कसरत या खेलों में हिस्सा लेते रहे हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू में रखे जाने और इस बीमारी के कारण उनकी मौत होने की आशंका सबसे कम रही है। स्टडी के मुताबिक, अन्य लोगों के मुकाबले नियमित कसरत करने वालों की कोरोना से मौत होने की आशंका करीब ढाई गुना (सिर्फ 40 फीसदी) कम हो जाती है। यही नहीं, ऐसे लोगों को इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती कराने की संभावना भी करीब 1.73 गुना तक कम हो जाती है।

स्टडी के मुताबिक, खेल या कसरत करने के दौरान शरीर में जो एंटी ऑक्सीडेंट एंजाइम जनरेट होता है वह डिस्ट्रेस सिंड्रोम को कम करता है। कसरत करने से दिल (हार्ट) और फेफड़े (लंग्स) मजबूत होते हैं और शरीर में रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग कसरत या वर्कआउट नहीं करते उनमें कोरोना से मौत होने की आशंका ज्यादा है।

यह स्टडी जनवरी 2020 में लगभग 50 हजार कोरोना संक्रमित लोगों के बीच की गई थी। स्टडी में पता लगा कि खेल नहीं खेलने वाले या कसरत नहीं करने वाले लोगों में इस बीमारी का ज्यादा असर देखा गया। ऐसे लोगों में मृत्यु दर भी ज्यादा देखी गई। स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों ने दो साल से कोई कसरत नहीं की, उनमें सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया।

कसरत नहीं करने वाले मरीजों में मोटापा और हाईब्लड प्रैशर जैसे लक्षण भी दिखाई दिए। कोरोना मरीजों में से जिन लोगों ने शारीरिक व्यायाम नहीं किया था, उनमें से 8.6 फीसदी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनमें से 2.4 फीसदी आईसीयू में भर्ती किए गए और 1.6 फीसदी की मौत हो गई। वहीं, जो लोग किसी खेल से जुड़े रहे या लगातार कसरत करते रहे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत ही नहीं पड़ी।

एक्सपर्ट्स की भी है यही राय

स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट और भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के पूर्व फिजियो डॉक्टर सरनजीत सिंह के मुताबिक, कसरत के दौरान पैदा होने वाले एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम के कारण सांस संबंधी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) का खतरा या तो खत्म हो जाता है या फिर बहुत कम रह जाता है। एआरडीएस स्वास्थ्य संबंधी उन परेशानियों में से एक है जो कोविड-19 संक्रमित लोगों में होती है। इसकी वजह से होने वाली मौतों की दर भी बहुत ज्यादा है।

भारतीय खेल प्राधिकरण के रिसोर्स पर्सन रह चुके डॉक्टर सरनजीत सिंह ने पिछले साल मई में जर्नल रेडॉक्स बायोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि कसरत तथा खेल गतिविधियों में सक्रियता से उत्पन्न होने वाले एंटीऑक्सीडेंट ‘ईसीएसओडी’ की मदद सेएआरडीएस तथा दिल और फेफड़ों की अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है। अगर नियमित रूप से कसरत की जाए तो शरीर में अधिक मात्रा में ईसीएसओडी का उत्पादन होगा जो किसी भी तरह के संक्रमण से निपटने के लिए शरीर को बेहतर क्षमता देगा।

उन्होंने कहा कि वैसे तो हर किसी को रोजाना कसरत करनी चाहिए, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौर में यह खासतौर पर और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। कसरत से हमारा रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है जिससे कोविड-19 समेत विभिन्न संक्रमण से लड़ने के लिए हमारा शरीर ज्यादा सक्षम बनता है।

सिंह ने बताया कि हाल के समय में फुटबॉल सुपरस्टार क्रिस्टीयानो रोनाल्डो, ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार, विश्व के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और दुनिया के नंबर एक गोल्फर खिलाड़ी डस्टिन जॉनसन समेत अनेक खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हुए। इसके अलावा भारतीय खेल प्राधिकरण के भोपाल केंद्र में कम से कम 24 खिलाड़ी तथा 12 स्टाफ कर्मी कोविड-19 की जद में आए। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह समेत 6 खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हुए, लेकिन ये सभी इस वायरस को मात देने में कामयाब रहे।

उन्होंने बताया कि इन सभी खिलाड़ियों में कोरोना के कोई जाहिर लक्षण नहीं थे और इनमें से किसी की भी तबीयत चिंताजनक स्थिति में नहीं पहुंची। बहुत जल्द वे सभी कोविड-19 के चंगुल से बाहर आ गए। पिछले साल अगस्त में कोविड-19 संक्रमित हुई भारत की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट ने तो कोरोना से उबरने के बाद यूक्रेन में आयोजित टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक भी हासिल किया।

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