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CWG 2018 DAY 11,: अंतिम दिन भारत की झोली में आए एक स्वर्ण सहित 7 पदक

Commonwealth Games, CWG 2018: रविवार को पदक दिलाने की शुरुआत टेबल टेनिस से हुई। मनिका बत्रा और साथियान गणाशेखरन की जोड़ी ने मिश्रित युगल स्पर्धा का कांस्य पदक जीत इतिहास रच दिया।
CWG 2018: इन खेलों में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन कुल मिलाकर शानदार रहा है। भारतीय मुक्केबाजों ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य समेत कुल नौ पदक जीते हैं।

CWG 2018 :21वें राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन रविवार को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार सफलता अर्जित करते हुए कुल सात पदक जीते। सायना ने देश को 26वां स्वर्ण पदक दिलाया जबकि इसके अलावा भारत की झोली में चार रजत और दो कांस्य भी आए। भारत को अंतिम दिन बैडमिंटन से एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल हुए। महिला एकल वर्ग में जहां एक ओर सायना ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं पी.वी. सिंधु को रजत पदक हासिल हुआ। महिला एकल वर्ग के स्वर्ण पदक का मुकाबला सायना और सिंधु के बीच ही था। सायना ऐसे में राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। वल्र्ड नम्बर-12 सायना ने इससे पहले 2010 में राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना ने स्वर्ण पदक के लिए खेले गए महिला एकल वर्ग के मैच में विश्व चैम्पियनशिप में दो बार रजत और ओलम्पिक में भी रजत जीत चुकीं हमवतन सिंधु को 56 मिनट में 21-18, 23-21 से मात देकर राष्ट्रमल खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इसके अलावा, पुरुष एकल वर्ग में श्रीकांत को भी रजत पदक मिला। उन्हें स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच में मलेशिया के दिग्गज और राष्ट्रमंडल खेलों में रिकार्ड पांच बार स्वर्ण पदक जीत चुके ली चोंग वेई ने मात दी। वल्र्ड नम्बर-7 ली ने वल्र्ड नम्बर-1 श्रीकांत को एक घंटे और पांच मिनट तक चले मैच में 19-21, 21-14, 21-14 से मात देकर जीत हासिल की और पांचवें स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

श्रीकांत को भले ही हार के कारण रजत पदक मिला हो, लेकिन वह राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पदक का खाता खोलने मे सफल रहे। वह पिछली बार ग्लोग्सो में 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में केवल क्वार्टर फाइनल तक का सफर ही तय कर पाए थे। ऐसे में यह उनका राष्ट्रमंडल खेलों का पहला पदक है। पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को रजत पदक मिला। भारतीय जोड़ी को स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच में 38 मिनट के भीतर इंग्लैंड की मार्कस एलिस और क्रिस लेंगरिज की जोड़ी ने सीधे गेमों में 13-21, 16-21 से मात दी।

चिराग और सात्विक की जोड़ी राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई है। इससे पहले कोई भी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी पदक जीतने में असफल रही थी। भारत की महिला स्क्वॉश जोड़ी दीपिका पल्लिकल कार्तिक और जोशना चित्नप्पा ने महिला युगल के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और वे स्वर्ण पदक से चूक गईं। जोशना-दीपिका की जोड़ी को स्वर्ण पदक के मुकाबले में न्यूजीलैंड की जोले किंग और अमांडा लैंडर्स मर्फी की जोड़ी से हार मिली। ऐसे में भारतीय जोड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

जोले और मर्फी की जोड़ी ने 21 मिनट तक चले मैच में दीपिका-जोशना की जोड़ी को 11-9, 11-8 से मात दी और सोना जीता। इस हार के कारण दीपिका और चिनप्पा 2014 में ग्लास्गो में आयोजित 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक को नहीं बचा पाईं।भारत के टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरथ कमल और मनिका बत्रा-साथियान गणाशेखरन की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी ने यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में आखिरी दिन रविवार को क्रमश: पुरुषों की एकल स्पर्धा और मिश्रित युगल स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।

शरथ ने जहां राष्ट्रमंडल खेलों का दूसरा कांस्य पदक अपने नाम किया है, वहीं मनिका-साथियान की जोड़ी ने पदक जीत कर इतिहास रचा है। मनिका-साथियान की जोड़ी राष्ट्रमंल खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी है। इससे पहले कोई भई भारतीय जोड़ी मिश्रित युगल स्पर्धा में पदक नहीं जीत पाई थी।

पुरुष एकल वर्ग स्पर्धा में शरथ के लिए यह जीत आसान नहीं थी। उन्होंने सैमुएल को 4-1 (11-7, 11-9, 9-11, 11-6, 12-10) से हराकर इस मैच को जीता और आखिरकार कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। शरथ ने 2006 में मेलबर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल वर्ग स्पर्धा का सोना जीता। 2010 में राजधानी दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। मनिका-साथियान की जोड़ी ने मिश्रित युगल स्पर्धा के कांस्य पदक के लिए खेले गए इस मैच में अपनी हमवतन अचंता शरथ और मौमा दास की जोड़ी को मात दी।

मनिका और साथियान की जोड़ी ने शरथ-मौमा को एकतरफा मुकाबले में 3-0 (11-6, 11-2,11-4) से हराकर इन खेलों का पहला कांस्य पदक हासिल किया।मनिका ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में चौथा पदक जीता है। शनिवार को मनिका ने महिलाओं के एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था जबकि इससे पहले उन्होंने महिला टीम का हिस्सा रहते हुए स्वर्ण जीतने के अलावा इससे पहले मौमा दास के साथ महिला युगल स्पर्धा का रजत पदक जीता था। में दीपिका-जोशना की जोड़ी को 11-9, 11-8 से मात दी और सोना जीता।

भारत ने इस साल राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 66 पदक जीते हैं। ग्लास्गो में हुए इन खेलों के 20वें संस्करण में भारत ने 64 पदक जीते थे। हालांकि,भारत 2010 में राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में जीते गए 101 पदक के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया। साल 2014 की तुलना में भारत ने इस बार अधिक स्वर्ण पदक जीते हैं। ग्लास्गो में उसने 15 स्वर्ण पदक हासिल किए थे और इस बार उसने 26 स्वर्ण पदक जीते हैं। हालांकि, इसमें भी 2010 की तुलना में पीछे रह गया, जिसमें उसने 38 सोने के पदक जीते थे।

यहां पढ़ें Commonwealth Games, CWG 2018 Highlights:

-भारत की पुरुष युगल जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी राष्ट्रमंडल खेलों में अंतिम दिन रविवार को पुरुष युगल स्पर्धा के फाइनल में स्वर्ण पदक से चूक गए। हालांकि, इस जोड़ी ने रजत पदक हासिल कर इतिहास रचा है। चिराग और सात्विक की जोड़ी राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई है।

-भारत के टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरथ आखिरी दिन रविवार को पुरुषों की एकल वर्ग स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।

– सिंधु को हार के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वर्ल्ड नम्बर-12 सायना ने इससे पहले 2010 में राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना ने सिंधु को 56 मिनट तक चले इस मैच में 21-18, 23-21 से मात देकर राष्ट्रमल खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

– मनिका और साथियान की जोड़ी ने शरथ-मौमा को एकतरफा मुकाबले में 3-0 (11-6, 11-2,11-4) से हराकर इन खेलों का पहला कांस्य पदक हासिल किया। इस मैच में मनिका-साथियान ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा था। पहले गेम में उन्होंने 2-0 से बढ़त हासिल की। यहां शरथ और मौमा ने भी अंक लिए और स्कोर 4-6 कर लिया।

– रविवार को पदक दिलाने की शुरुआत टेबल टेनिस से हुई। मनिका बत्रा और साथियान गणाशेखरन की जोड़ी ने मिश्रित युगल स्पर्धा का कांस्य पदक जीत इतिहास रच दिया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की मिश्रित युगल जोड़ी की ओर से जीता गया पहला पदक है। मनिका-साथियान की जोड़ी ने मिश्रित युगल स्पर्धा के कांस्य पदक के लिए खेले गए इस मैच में अपनी हमवतन अचंता शरथ और मौमा दास की जोड़ी को मात दी।

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