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CWG 2018: मनु ने रिकॉर्ड के साथ सोना जीता

commonwealth games 2018: भारत की 16 बरस की मनु भाकर ने राष्ट्रमंडल खेलों की 10 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में नए रेकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

Author गोल्ड कोस्ट | April 9, 2018 03:42 am
मनु ने आठ महिलाओं के फाइनल में 14 बार दस या अधिक का स्कोर किया।

भारत की 16 बरस की मनु भाकर ने राष्ट्रमंडल खेलों की 10 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में नए रेकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं हीना सिद्धू ने शानदार वापसी करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मनु ने 240.9 का स्कोर करके राष्ट्रमंडल खेलों का रेकार्ड बनाया। दूसरे स्थान पर रही उनकी सीनियर हमवतन निशानेबाज हीना का स्कोर 234 था। वह हीना से 6.9 अंक आगे रहीं। कांस्य पदक आस्ट्रेलिया की एलेना गालियाबोविच को मिला। आत्मविश्वास से ओतप्रोत मनु ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल में स्पर्धा के दोनों चरणों में दबदबा बनाए रखा। वहीं मनु की तरह ही अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे रवि कुमार (224.1) ने शूट आॅफ के बाद पुरुषों के 10 मीटर एअर रायफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता जबकि सानिया शेख महिलाओं के स्कीट फाइनल में 32 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

10 मीटर एअर रायफल में एक दूसरे भारतीय खिलाड़ी दीपक कुमार छठे स्थान पर रहे जबकि महेश्वरी चौहान स्कीट के फाइनल में जगह नहीं बना पार्इं। मनु स्वर्ण की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं क्योंकि उन्होंने मेक्सिको में इस साल आइएसएसएफ सीनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था और उसके बाद सिडनी में जूनियर विश्व कप में भी पीला तमगा अपने नाम किया। हीना एक बार बाहर होने की कगार पर थी लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उसने दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल 2010 में भी रजत जीता था। इस स्पर्धा में भारत का दबदबा इतना था कि पहले दो पदक के लिए सिर्फ मनु और हीना ही दौड़ में बचे थे।

मनु ने आठ महिलाओं के फाइनल में 14 बार दस या अधिक का स्कोर किया। हीना विवादों के घेरे में इन खेलों में आई थी जब खेल मंत्रालय ने उनके पति और कोच रौनक पंडित को एक्रीडिटेशन देने से इनकार कर दिया था। हीना की शुरुआत खराब रही और एक समय वह बाहर होने की कगार पर थी लेकिन उसने शानदार वापसी करके अपने आलोचकों को जवाब दिया। लगातार नौ के स्कोर के बाद उन्होंने दस प्लस का स्कोर किया। मनु शुरू ही से अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे थी। मनु और एलेना जिस समय 195 अंक पर थे और चार शॉट बाकी थे, तब मनु का स्कोर 201.7 था। एलिमिनेशन के दूसरे चरण में मनु ने 141.5 का स्कोर किया जबकि हीना 134.9 अंक लेकर छठे स्थान पर थी। मनु ने पहले चरण के आखिर में 101.5 स्कोर किया।

मैं लक्ष्य नहीं बनाती : मनु

निशानेबाजी एक सरल खेल है, लक्ष्य बनाओ और निशाना लगाओ। इसलिए सबसे अहम है ज्यादा सोचो मत। अगर आप ज्यादा सोचोगे तो यह काफी पेचीदा बन जाएगा। यह युवा निशानेबाज विश्व कप का स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे युवा भारतीय है। उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय से अपनी तकनीक पर काम कर रही थी। मैंने बस इसे सही तरह से किया, बाकी सब इसका ही नतीजा है। मैंने आज के लिए कोई लक्ष्य नहीं बनाया हुआ था। मैं सिर्फ निशानेबाजी कर रही थी, मैं खुश हूं।

भाकर के घर मना जश्न

गोल्ड कोस्ट में बेटी की जीत से उत्साहित रामकिशन ने कहा कि उसने मेरा ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन किया है। यह जीत उसे अपने जीवन में और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी को जो ‘गोल्डन गर्ल’ का उपमा दिया गया था अब वह इसे सबित कर रही है। मनु की जीत की खबर सुनते ही उनके यहां बधाई देने वालों का तांता लगा है। रामकिशन ने बताया कि लोग सुबह से ही घर पर आने लगे। मनु की मां भी बेटी की इस उपलब्धि से काफी खुश हैं।

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