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सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी में हैं ये 5 समानताएं, जानकर रह जाएंगे हैरान

क्रिकेट के भगवान सचिन और मसीहा धोनी के बीच हैं कई समानताएं।

कूल कैप्टन के नाम से फेमस महेंद्र सिंह धोनी और क्रिकेट के भगवान कहे जाने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर दोनों ने क्रिकेट को एक नए मुकाम तक पहुंचाया है। क्रिकेट फील्ड के ये दोनों की खिलाड़ी दुनिया के तमाम खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा हैं। अगर सचिन और धोनी की पर्सनेलिटी को गौर करेंगे तो आप इन दोनों के बीच कई समानताएं देख पाएंगे। यहां हम आपको सचिन और धोनी के बीच की उन समानताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन पर शायद आप गौर करना भूल गए। ये दोनों खिलाड़ी के बीच कई समान बाते हैं जो इन्हें बाकी दूसरे क्रिकेटर्स से अलग बनाती हैं।

क्रिकेट पिच पर सचिन तेंदुलकर ने अपने फैंस को हमेशा एक जीत की आशा की किरण दी है तो धोनी तो कई बार मसीहा साबित हुए। कई मौकों पर जब टीम हार के कगार पर दिखी तो धोनी ने अपने कौशल के दम भारत को जिताया। 2007 में सचिन ही थे जिनको पूरा भरोसा था कि क्रिकेट में आए युवा महेंद्र सिंह धोनी अपनी हर जिम्मेदारी को इंटरनेशनल स्टेज पर पूरी तरह से निभाएंगे और कूल कैप्टन ऐसा करने में कामयाब भी रहे। जैसे ही साल गया तब तक धोनी एक शानदार खिलाड़ी बन चुके थे। 2009 में  ICC टेस्ट रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंचे।

15 अप्रेल और 24 फरवरी से है दोनों खिलाड़ियों का खास कनेक्शन

क्रिकेट की दुनिया में 2 तारीखों से दोनों क्रिकेटर का खास कनेक्शन है, पहली तारीख 15 अप्रेल और दूसरी 24 फरवरी। 15 अप्रेल 2011 में सचिन ने आईपीएल के दौरान कोच्चि में खेले गए Kochi Tuskers Kerala (KTK) के खिलाफ नाबाज 100 रन बनाए थे। फिर भी मुंबई इंडियंस 8 विकेटों से यह मुकाबला हार गई थी। 7 साल बाद धोनी ने भी इसी दिन IPL सीजन में किंग्स इलेवन के खिलाफ नाबाद 79 रनों की शानदार पारी खेली। यह बाकई दिलचस्प ये है कि दोनों ही खिलाड़ी ने एक ही तारीख को आईपीएल में नाबाद रनों की पारी खेली। दोनों खिलाड़ियों का 24 तारीख से भी खास कनेक्शन है। 24 फरवरी 2010 में मास्टर ब्लास्टर सचिन ने ODI टूर्नामेंट ने ग्वालियर में खेले गए मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 200 रनों की पारी खेली। इस मैच में तेंदुलकर ने 147 गेंदों पर 25 चौके और तीन छक्‍कों की मदद से नाबाद 200 रन बनाए। यह दिन सचिन के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ था। तीन साल बाद साल 2013 में चेन्नई में खेल गए टेस्ट मैच में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 रनों का नाबाद पारी खेली।

दोनों साबित हुए मील का पत्थर

सालों तक क्रिकेट की दुनिया में धोनी और सचिन दोनों ही मील का पत्थर साबित हुए। धोनी अब भी क्रिकेट में अपना करिश्माई खेल दिखा रहे हैं। बात अगर रनों के स्कोर की जाए तो इसमें भी दोनों के बीच सामनाएं दिखती हैं। वनडे में सचिन ने 189 पारियों खेलकर 7000 रन बनाए थे। तब वह रिकी पोंटिंग के बाद 7000 रन बनाने वाले वह क्रिकेट वर्ल्ड के दूसरे बल्लेबाज बने थे। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में अपने करिअर के 7000 रन पूरे किए थे। विकेटकीपर-बल्लेबाज धोनी ने नाबाद 113 रन बनाकर अपने वनडे करियर का आठवां शतक पूरा किया। दिलचस्प ये है कि उन्होंने भी 189 पारियां खेलकर 7021 रन बनाए। इसमें एक समानता ये भी है कि दोनों ने एक तरह के मैच यानी वन डे इंटरनेशनल में अपने 7000 रनों को पूरा किया।

पहले वनडे में दोनों हुए शून्य पर आउट

सचिन और धोनी के बीच वनडे में एक और समानता दिखी। सचिन ने अपना करिअर की शुरुआत व्हाइट बॉल क्रिकेट से की थी। उस दौर में सफेद गेंद से खेला जाता था। सचिन तेंदुलकर ने पहला वनडे क्रिकेट मैच 1989 में खेला था। इस दौरान वह शून्य रन पर आउट होकर पवेलियन की ओर चले गये थे। लेकिन उस मैच के बाद इन्होने सभी मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया था, लिहाजा यही वजह है कि लोग इनके मैच को हमेशा याद करते हैं। इनको मास्टर ब्लास्टर का नाम दिया जाने लगा। इसके बाद 2004 में धोनी के साथ भी सचिन जैसे घटनाक्रम हुआ। वह भी अपने वनडे करिअर में शून्य पर आउट हुए। लेकिन इस मैच के बाद धोनी ने बेहतर प्रदर्शन किया और अधिक छक्के लगाने वाले के साथ-साथ विकेट कीपिंग में भी रिकॉर्ड बनाया। दोनों ही क्रिकेट उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो हार के बाद हताश हो जाते हैं।

 


दोनों हैं ख्याति प्राप्त शख्सियत
भारतीयों के लिए अब आईपीएल मैच गर्मियों के एक कॉर्निवाल से कम नहीं है। इस सीजन को भी खेल प्रेमी खूब उत्साह के साथ देखते हैं। इस सीजन में सचिन और धोनी के बीच कॉमन चीज है। दोनों ने अपनी-अपनी टीम के कैप्टन रहते हुए शुरुआती 3 मैचों को जीता है। धोनी ने आईपीएल के सीजन 2008 से डेब्यु किया था। तब वो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान थे। वहीं सचिन तेंदुलकर ने सीजन 2008 से ही मुंबई इंडियन्स की कप्तानी शुरू कर दी थी।
जब दोनों ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड  तब नहीं मिला था कैंप्टेंसी का ताज
सालों से धोनी क्रिकेट में एक नायाब खिलाड़ी के तौर पर पहचाने जाते हैं। ठीक उसी तरह सचिन भी क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी है, जिन्हें भगवान का दर्जा मिला है। साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे ODI मैच में सचिन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जब उन्होंने 200 रनों की पारी खेली थी। तब वह कप्तान नहीं थे। सचिन के ऐसे कामनामे को धोनी ने अपनी आंखों से देखा था और मन ही मन एक दिन खुद भी ऐसे रिकॉर्ड बनाने का सपना देखा था। इसके 3 साल बाद धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 224 रनों की पारी खेली। इस दौरान धोनी भी अपनी टीम के कप्तान नहीं थे। तब उस दौरान सचिन उनके इस मैच को देखते ही रह गए। दोनों ने अपने रिकॉर्ड एक खिलाड़ी रहते हुए बनाए तब इन्हें कैप्टेंसी का ताज नहीं मिला था।