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विजेंदर सिंह ने विरोधी बॉक्‍सर पर साधा निशाना- चाइनीज माल है, ज्यादा नहीं चलेगा

विजेंदर को आठ पेशेवर मुकाबलों का अनुभव है जिसमें से भारतीय मुक्केबाज ने आठों में जीत दर्ज की है जबकि मैमतअली ने नौ में से आठ मुकाबलों में जीत दर्ज की हैं।

Author नई दिल्ली | July 31, 2017 8:22 PM
बॉक्सर विजेंदर सिंह

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारत के शीर्ष पेशेवर मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने जुल्फिकार मैमतअली के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पूर्व चीन के इस मुक्केबाज पर तंज कसते हुए कहा कि वह इस मुकाबले को जल्द से जल्द जीतने की कोशिश करेंगे क्योंकि चीन का माल अधिक देर नहीं टिकता। विजेंदर डब्ल्यूबीओ एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट चैम्पियन हैं जबकि जुल्फिकार डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट चैम्पियन हैं और मुंबई के वर्ली में एनएससीआई स्टेडियम में दोनों के बीच पांच अगस्त को होने वाले इस मुकाबले का विजेता अपना खिताब बचाने के अलावा प्रतिद्वंद्वी का खिताब भी अपने नाम करेगा।

विजेंदर को आठ पेशेवर मुकाबलों का अनुभव है जिसमें से भारतीय मुक्केबाज ने आठों में जीत दर्ज की है जबकि मैमतअली ने नौ में से आठ मुकाबलों में जीत दर्ज की हैं। ये दोनों ही अपने देशों के नंबर एक मुक्केबाज हैं और दोनों ही पेशेवर र्सिकट में अब तक अजेय हैं लेकिन विजेंदर को अपने प्रतिद्वंद्वी के 27 राउंड के मुकाबले 30 राउंड का अनुभव है। विजेंदर ने इसके अलावा सात मुकाबले नाकआउट से जीत हैं जबकि मैमतअली के नाम छह नाकआउट दर्ज है। मैमतअली के खिलाफ पांच अगस्त को होने वाले मुकाबले के संदर्भ में विजेंदर ने आज यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरी ट्रेनिंग काफी अच्छी चल रही है और मैंने अपने वजन को सीमित रखा है। पांच अगस्त को आप एक और नाकआउट की दुआ कीजिए। मैं इस मुकाबले को जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करूंगा। वैसे भी चाइनीज माल ज्यादा नहीं टिकता।

विजेंदर 31 बरस के हैं जबकि उनसे लगभग नौ साल छोटे हैं। जब यह पूछा गया कि क्या चीन के मुक्केबाज को युवा होने के कारण तेजी का फायदा मिल सकता है तो विजेंदर ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क पड़ने वाला है। मुक्केबाजी अनुभव का खेल है और आपके मुक्कों में ताकत होनी चाहिए। मैं 20 साल के मुक्केबाज जैसा महसूस कर रहा हूं, मैं खुद को जुल्फिकार से युवा मानता हूं। वैसे भी (पंजाबी गायक) गुरदास मान ने कहा है कि दिल जवान होना चाहिए। गौरतलब है कि विजेंदर ने पिछले साल दिसंबर में फ्रांसिस चेका के खिलाफ अपने खिताब का सफल बचाव करने के बाद कोई मुकाबला नहीं लड़ा है लेकिन इस दिग्गज भारतीय ने कहा कि वह लगातार जिम और रिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं।

विजेंदर ने कहा, ‘‘जुल्फिकार के खिलाफ बाउट पहले अप्रैल में होनी थी लेकिन किसी कारण से वह इससे पीछे हट गया। इसके बाद से लगातार बातचीत चल रही थी और मुझे इसकी पूरी जानकारी थी। इस दौरान मैंने अपने ट्रेनर ली बीयर्ड के साथ जिम और रिंग ट्रेनिंग जारी रखी। आईओएस बॉक्सिंग प्रमोशंस के प्रमोटर नीरव तोमर ने इस दौरान कहा कि विजेंदर के विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के लिए अभी इंतजार करना होगा।

विश्व चैंपियनशिप मुकाबले के बारे में पूछने पर नीरव ने कहा, विजेंदर के हर मुकाबले से पहले और बाद में हमारे से यह सवाल पूछा जाता है। लेकिन विश्व चैंपियनशिप मुकाबले अभी दूर है। हमें कदम दर कदम आगे बढ़ना होगा। इस मुकाबले के बाद हमें राष्ट्रमंडल खिताब के लिए चुनौती पेश करनी होगी जो ब्रिटेन के मुक्केबाज के नाम पर है। इसके बाद इंटरकांटिनेंटल खिताब का नंबर आता है जो रूस के मुक्केबाज के पास है। हम इससे अभी पांच से छह मुकाबले दूर हैं।

उन्होंने कहा, हम सीधे विश्व चैंपियनशिप के लिए दावेदारी पेश नहीं कर सकते। विश्व चैंपियनशिप के लिए आवेदन करने से पहले हमें पांच से छह मुकाबले और लड़ने होंगे। 2018 के अंत तक अगर विश्व चैंपियनशिप का मौका बनता है तो यह काफी अच्छा रहेगा। इस कार्यक्रम के दौरान प्लेटिनम हैवी ड्यूटी सिमेंट विजेंदर के साथ जुड़ा और यह शीर्ष भारतीय मुक्केबाज अब जेके समूह की इस कंपनी का चेहरा होगा। इसके साथ ही प्लेटिनम हैवी ड्यूटी सिमेंट विजेंदर और मैमतअली के बीच होने वाले आगामी ‘बैटलग्राउंड एशिया’ मुकाबले का टाइटिल प्रायोजक भी होगा।

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