भारत के लिए वनडे और टी20 में भी खेलना चाहते हैं चेतेश्वर पुजारा, 7 साल से लिमिटेड ओवर में नहीं मिला मौका

पुजारा पिछली बार भारत के लिए 19 जून 2014 को वनडे मैच खेले थे। तब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 27 रन बनाए थे। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 1 अगस्त 2013 को वनडे में डेब्यू किया था।

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चेतेश्वर पुजारा ने 5 वनडे में 10.20 की औसत से कुल 51 रन बनाए। (सोर्स – bcci)

चेतेश्वर पुजारा टीम इंडिया के लिए केवल टेस्ट क्रिकेट में क्रिकेट खेलते हैं। इसलिए उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज की तैयारी बहुत कठिन थी। पिछले साल कोविड-19 की वजह से उन्हें अभ्यास का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 928 गेंद पर 271 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 33.87 था। पुजारा अब टेस्ट के साथ-साथ टीम इंडिया के लिए वनडे और टी20 में भी खेलना चाहते हैं।

पुजारा ने इंडियन टुडे के पत्रकार बोरिया मजूमदार को दिए इंटरव्यू के दौरान वनडे और टी20 खेलने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अभी भी टीम इंडिया के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने की इच्छा है, इस बारे में कोई संदेह नहीं है।’’ पुजारा पिछली बार भारत के लिए 19 जून 2014 को वनडे मैच खेले थे। तब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 27 रन बनाए थे। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 1 अगस्त 2013 को वनडे में डेब्यू किया था। वे 13 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के खिलाफ अगले दो मैचों में पुजारा खाता भी नहीं खोल सके। अपने चौथे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 11 रन बनाए थे।

पुजारा ने 5 वनडे में 10.20 की औसत से कुल 51 रन बनाए। टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले आईपीएल में खेलने का मौका मिला था। इससे उन्हें मैच प्रैक्टिस करने का मौका मिला था। लेकिन, पुजारा को अभ्यास का मौका नहीं मिला। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, ‘‘लॉकडाउन के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मुझे अभ्यास करने का मौका नहीं मिला था। इसलिए बड़ी सीरीज की तैयारी के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो गया। अगर कोरोना नहीं होता तो मैं कुछ प्रथम श्रेणी मैच खेला होता।’’

पुजारा ने कहा, ‘‘कोरोना के कारण कोई फर्स्ट क्लास मैच नहीं हो सका, जिसमें मैं खेल सकता था। टेस्ट सीरीज से पहले मैं सिर्फ एक अभ्यास मैच खेला था। इसलिए लय हासिल करने में कठिनाई हो रही थी। शुरू में यह मुश्किल था, लेकिन जैसे-जैसे मैंने मैंने कुछ और मैच खेला, मैं ऑस्ट्रेलिया में सही तरीके से बल्लेबाजी करने लगा। मेरे कम रन बनाने का क्रेडिट ऑस्ट्रेलियाई टीम को भी दिया जाना चाहिए। उन्हें पिछली सीरीज को देखकर मेरे ऊपर काफी काम किए थे।’’

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