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”चैंपियंस ट्रॉफी से तय होगा एमएस धोनी का भविष्‍य, यहां चल गए तो 2019 तक खेलेंगे”

महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी का कहना है कि तीन महीने में होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी भारत के इस सबसे सफल क्रिकेट कप्तान के भविष्य का फैसला करेगी।

Author कोलकाता | March 13, 2017 10:30 PM
महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी का कहना है कि तीन महीने में होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी भारत के इस सबसे सफल क्रिकेट कप्तान के भविष्य का फैसला करेगी।

महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी का कहना है कि तीन महीने में होने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी भारत के इस सबसे सफल क्रिकेट कप्तान के भविष्य का फैसला करेगी। बनर्जी ने एक अंडर 14 टूर्नामेंट के लांच के दौरान कहा, ‘‘फिलहाल उसका पूरा ध्यान चैम्पियंस ट्रॉफी पर है। अगर वह वहां सफल होता है तो मुझे लगता है कि वह विश्व कप 2019 तक खेलेगा।’’ बनर्जी का मानना है कि सफलता के प्रतिशत में गिरावट के बावजूद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर में से एक धोनी अब भी काफी चतुर हैं।

कोच ने कहा, ‘‘यह नैसर्गिक है कि आयु बढ़ने के साथ आप उसी स्ट्राइक रेट के साथ रन नहीं बना सकते। लेकिन उसकी इच्छा शक्ति और खेल का आकलन करने की क्षमता दो ऐसी चीजे हैं जो उसे विशेष बनाती हैं। चैम्पियन्स ट्रॉफी से पहले खुद को लय में रखने के लिए वह घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट (विजय हजारे ट्रॉफी) खेल रहा है।’’ वर्ष 2014 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर सबको हैरान करने वाले धोनी ने जनवरी में भारत की सीमित ओवरों की टीम की कप्तानी भी छोड़ दी थी।

बनर्जी ने कहा कि इससे पहले की कोई उस पर अंगुली उठाए उसने खुद ही कप्‍तानी छोड़ दी क्‍योंकि कोई उस पर जोर डाले यह उसे पसंद नहीं। वह कभी भी किसी को बताता नहीं। जब उसने टेस्‍ट छोड़ा था तब भी उसने अपने करीबी दोस्‍त या माता-पिता को नहीं बताया था। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 10 के लिए जिस तरह राइजिंग पुणे सुपर जाइंट्स ने धोनी को कप्तानी से हटाया उससे भी बनर्जी नाखुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह टीम के मालिकों का फैसला लगता है क्योंकि धोनी के पास इस सत्र में खेलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है (चेन्नई सुपरकिंग्स के निलंबन के कारण)।’’

धोनी के जीवन पर बनी फिल्‍म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्‍ड स्‍टोरी में बनर्जी की भूमिका के बारे में विस्‍तार से बताया गया है। बनर्जी जवाहर विद्या मंदिर में धोनी के अध्‍यापक थे। उन्‍होंने ही धोनी को फुटबॉल छोड़कर विकेटकीपर बनाने के लिए प्रेरित किया था। उसके बाद जो हुआ वह इतिहास है। बनर्जी ने बताया कि वह अपने अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाना जाता है।

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