ताज़ा खबर
 

‘नस्‍लीय’ टिप्‍पणी पर ऑस्‍ट्रेलियाई कमेंटेटर ने दी सफाई- नहीं किया किसी का अपमान

उनके मुताबिक, "मैच से पहले काफी रीसर्च किया था। चौथे दिन पुजारा-जडेजा के नाम लेते वक्त जब मेरी जुबान लड़खड़ाई, तब मुझे उसकी गलती महसूस हुई थी।"

ऑस्ट्रेलाई कमेंटेटर केरी ओकीफ। (फाइल फोटो)

भारतीय घरेलू क्रिकेट पर कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर विवादों में फंसे ऑस्ट्रेलियाई कमेंटेटर केरी ओकीफ की सफाई आई है। वह बोले हैं कि उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया है। न ही वह किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहते थे। वह टिप्पणी उन्होंने मजाक में की थी। रविवार (30 दिसंबर) को ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’ पर ओपन लेटर में उन्होंने लिखा, “भारतीय फर्स्ट क्लास बैटिंग एवरेज के बारे में मैंने जो टिप्पणी की, वह मजाकिया लहजे में कही थी। मैं भारतीय क्रिकेट को उस दौरान अपमानित नहीं करना चाहता था।”

बता दें कि बतौर ‘फॉक्स क्रिकेट’ के कमेंटेटर ओकीफ ने तीसरे टेस्ट के बीच भारतीय बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के फर्स्ट क्लास करियर पर टिप्पणी की थी। मयंक के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा था- रणजी ट्रॉफी में जो तिहरा शतक उन्होंने (भारतीय बल्लेबाज) लगाया, वह कैंटीन में काम करने वालों और बैरों (वेटरों) के खिलाफ बनाया था।

यही नहीं, उन्होंने ‘चेतेश्वर जडेजा’ सरीखे नामों को लेकर मजाक बताने हुए कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणियां भी की थीं। सोशल मीडिया पर इसी को लेकर उन्हें कई फैंस और यूजर्स ने आड़े हाथों ले लिया था। हालांकि, कमेंटेटर ने इस बारे में बताया कि उन्होंने सिर्फ मौज-मस्ती के लिए ऑन एयर गलत नाम लिए थे।

उनके मुताबिक, “मैच से पहले काफी रीसर्च किया था। मेलबर्न टेस्ट के चौथे दिन पुजारा-जडेजा के नाम लेते वक्त जब मेरी जुबान लड़खड़ाई, तब मुझे उसकी गलती महसूस हुई थी। मैंने उन दोनों कमाल के खिलाड़ियों के नाम जानबूझकर गलत नहीं लिए थे। मेरा ऐसा कोई मकसद नहीं था। मैं कई महीनों से दोनों खिलाड़ियों पर पढ़ रहा था व जानकारियां जुटा रहा था पर जब मुख्य मौका आया, तब मुझसे गलती हो गई। इस स्थिति में मेरा ही मजाक बना।”

वहीं, रिपोर्ट्स में भारत टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण के हवाले से बताया गया कि टीम इसका जवाब मैदान में बढ़िया प्रदर्शन के जरिए करेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App