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देश के लिए खुशखबरी, गौरव बिधूड़ी ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पदक किया पक्का

सेमीफाइनल में अमेरिकी ड्यूक रैगन का सामना करने के लिये तैयार गौरव ने कहा, 'मैं कांस्य से बेहतर पदक जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करूंगा।'

Author August 29, 2017 9:55 PM
भारत मुक्केबाज गौरव बिधूड़ी। (Photo Courtesy : indianexpress)

वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले गौरव बिधूड़ी ने आज यहां ट्यूनिशिया के बिलेल महमदी को हराकर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में प्रवेश करने के साथ ही अपने लिये पदक भी पक्का किया। वह विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले भारत के चौथे मुक्केबाज बनेंगे। गौरव ने बैंथमवेट (56 किग्रा) के क्वार्टर फाइनल में जजों के फैसले के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनायी। वह अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप के ही अंतिम चार में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय मुक्केबाज हैं। इससे पहले विकास कृष्ण ने 2011 में यह कारनामा ने किया था।

गौरव ने बाद में पीटीआई से कहा, ‘‘यह वास्तव में अजीब है। मैंने वाइल्डकार्ड से प्रवेश किया और अब मैं पदक विजेता हूं। मेरे लिये सब कुछ बहुत जल्दी हुआ। ’’ विकास के अलावा विजेंदर सिंह (2009) और शिव थापा (2015) इस चैंपियनशिप में देश के अन्य पदक विजेता हैं। इन सभी ने हालांकि कांस्य पदक जीते थे और अब यह देखना होगा कि गौरव इससे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं या नहीं।

सेमीफाइनल में अमेरिकी ड्यूक रैगन का सामना करने के लिये तैयार गौरव ने कहा, ‘‘मैं कांस्य से बेहतर पदक जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करूंगा। मैं पिछले आठ महीने से पीठ दर्द से परेशान रहा हूं लेकिन किसी तरह से खेल में बना हुआ हूं और आखिर में मुझे उसका इनाम मिल गया। मैं अभी बहुत खुश हूं।’’ भारत को हालांकि इस बीच निराशा भी हाथ लगी तथा अमित फंगल (49 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गये। एशियाई चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता को उज्बेकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त हसनबॉय दुसमातोव ने हराया जिससे इस 21 वर्षीय मुक्केबाज के अब तक के शानदार अभियान का अंत हुआ।

गौरव इसके बाद रिंग पर उतरने वाले अगले मुक्केबाज थे और उन्होंने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को कई बार पीछे हटने के लिये मजबूर किया। उनके प्रतिद्वंद्वी के माथे पर शुरू में हल्की चोट भी लग गयी थी। महमदी को अपना सिर झुकाये रखने के लिये दूसरे राउंड में चेतावनी भी मिली। चेहरा खून से सना होने के बावजूद ट्यूनीशियाई मुक्केबाज ने तीसरे राउंड में कुछ अच्छे पंच लगाये लेकिन गौरव ने भी करारा जवाब देकर अपने नाम जीत लिखी।

गौरव के लिये अभी तक का अभियान उतार चढ़ाव वाला रहा। वह टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये थे। वह एशियाई चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल और उसके बाद विश्व चैंपियनशिप के स्थान के लिये बाक्स आफ में भी हार गये थे। आखिर में भाग्य ने उनका साथ दिया जो वाइल्ड कार्ड भूटान के लिये था वह आखिर में भारत को मिल गया। भूटान ने यह पेशकश ठुकरा दी और गौरव को विश्व चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिल गया।

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