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13 साल पहले हुई थी कोच बॉब वूल्मर की मौत, तब तबलीगी प्रभाव वाले क्रिकेटरों पर लगे थे हत्या के आरोप

उस दौर में पाकिस्तानी टीम के आधे से ज्यादा क्रिकेटर तबलीगी जमात के फॉलोअर थे। इन फॉलोवर्स में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान इंजमाम उल हक भी शामिल थे।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: April 2, 2020 11:56 AM
उस समय आई रिपोर्ट्स में पाकिस्तानी टीम के गिरते प्रदर्शन के लिए तबलीगी जमात को जिम्मेदार ठहराया गया था। उस समय टीम की प्रैक्टिस को लेकर वूल्मर और इंजमाम में हमेशा ठनी रहती थी। (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस अर्काइव)

कोरोनावायरस के खौफ के बीच देश में तबलीगी जमात को लेकर चर्चा जोरों पर है। इस जमात से जुड़े कुछ लोगों के कारण देश में इस वायरस के संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसा नहीं है कि तबलीगी जमात पहली बार विवादों में आई है। साल 2007 में वेस्टइंडीज में हुए वर्ल्ड कप के दौरान भी इसकी चर्चा जोरों पर थी। वेस्टइंडीज में हुए उस वर्ल्ड कप के दौरान ही पाकिस्तान के तत्कालीन कोच बॉब वूल्मर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। उस समय पाकिस्तान के तबलीगी जमात से जुड़े क्रिकेटरों पर वूल्मर की हत्या के आरोप लगे थे।

उस समय ‘आउटलुक पत्रिका’ में प्रकाशित खबर में भी यह सवाल उठाया गया था कि क्या बॉब वूल्मर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का कारण पाकिस्तान क्रिकेट टीम में तबलीगी जमात का बढ़ता प्रभाव है। उस दौर में पाकिस्तानी टीम के आधे से ज्यादा क्रिकेटर तबलीगी जमात के फॉलोअर थे। इन फॉलोवर्स में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान इंजमाम उल हक भी शामिल थे।

वूल्मर वर्ल्ड कप के दौरान जमैका में अपने होटल के कमरे में मृत पाए गए। हालांकि, बाद में पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया था कि वूल्मर की हत्या नहीं हुई है। इसके बावजूद दुनिया के कई दिग्गज क्रिकेटरों ने आरोप लगाए थे कि वूल्मर की हत्या की गई है। उस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पहले ही दौर में बाहर हो गया था।

वर्ल्ड कप की शुरुआत में ही पाकिस्तानी पत्रकार आमिर मीर ने एक लेख लिखा था। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम में तबलीगी जमात का असर बढ़ गया है। इंजमाम समेत कई क्रिकेटर तबलीगी प्रभाव में हैं। टीम के प्रदर्शन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। होटल के कमरे में वूल्मर का शव मिलने के बाद दुनियाभर के समाचार पत्रों ने इसे हत्या ही माना था, क्योंकि घटनास्थल पर काफी उथल-पुथल दिख रही थी। तब प्रकाशित खबरों में इसके लिए पाकिस्तान के कई क्रिकेटरों पर शक किया जा रहा था। माना जा रहा था कि पिछले काफी समय से पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन गिर रहा था, जिसके लिए तबलीगी जमात जिम्मेदार है। टीम की प्रैक्टिस को लेकर वूल्मर और इंजमाम में हमेशा ठनी रहती थी।

तब की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंजमाम और अन्य तबलीगी जमात के प्रभाव वाले खिलाड़ी मानते थे कि वे नमाज के बल पर ही मैच जीत लेंगे। काबिलेगौर है कि उस वर्ल्ड कप में टीम के साथ पाकिस्तान से तबलीगी जमात के मौलाना भी भेजे गए थे। जब ये मौलाना टीम के साथ होते तब खिलाड़ी वूल्मर के निर्देशों की परवाह नहीं करते थे। कोच से ज्यादा टीम की लॉयल्टी तबलीगी मौलानाओं के प्रति थी। इसे लेकर इंजमाम और वूल्मर में कई बार तकरार भी हो चुकी थी।

तब सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि दोस्ताना और विनम्र स्वाभाव के बावजूद इंजमाम इस्लाम या तबलीगी जमात की आलोचना होने पर अपना आपा खो देते थे। वूल्मर की मौत की खबर के बाद बीबीसी रेडियो 5 ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख शहरयार खान के इंटरव्यू का हवाला दिया था। उस इंटरव्यू में शहरयार ने कहा था, ‘बॉब ने छह महीने पहले मुझसे कहा था कि वे बहुत फ्रस्टेट हैं। टीम लंच टाइम, टी टाइम और खेल के बाद हमेशा नमाज अता करती है। इन मौकों पर वे खिलाड़ियों से क्रिकेट और मैच को लेकर बात नहीं कर पाते थे।’

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शहरयार ने उनसे कहा था, ‘प्लीज वूल्मर, आप बाहर के हैं। विदेशी हैं। किसी भी धार्मिक बातों में दखल नहीं दें। यह बात आपके खिलाफ जाएगी।’ तीन महीने बाद वूल्मर फिर मेरे पास आए। उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों के लिए मेरी सलाह मायने नहीं रखती। खिलाड़ियों को लगता है कि वे साथ-साथ नमाज अता करेंगे। इससे टीम की ताकत बढ़ेगी। हालांकि, वे आशंकित भी थे कि टीम पर इसका असर अच्छा नहीं पडे़गा।’

उस समय टीम पर इंजमाम की पकड़ बहुत मजबूत थी। बतौर कप्तान टीम के सदस्य उनका सम्मान करते थे। बॉब वूल्मर की टीम पर पकड़ कभी नहीं हो पाई। यही वजह थी कि वूल्मर को अपनी जिम्मेदारी निभानी मुश्किल हो गई थी। मालूम हो, जब जमैका पुलिस वूल्मर मामले की छानबीन कर रही थी, तब उसे सलाह दी गई थी कि वे टीम के साथ पाकिस्तान से आए तबलीगी जमात के मौलानाओं से भी पूछताछ करे।

कहा गया था कि हो सकता है तबलीगी जमात की कोई शाखा जमैका में भी हो। उसकी मदद से ही वूल्मर की हत्या की गई हो। उस वर्ल्ड कप में आयरलैंड जैसी टीम से हारने और बहुत खराब प्रदर्शन के कारण वूल्मर टीम के खिलाड़ियों से बहुत नाराज थे। उन्होंने टीम के सभी खिलाड़ियों बल्कि उनके साथ मौजूद तबलीगी जमात के मौलानाओं को भी खरी-खोटी सुनाई थी।

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