भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द हंड्रेड की नीलामी में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के मामले में दखल नहीं देगा। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बीसीसीआई का अधिकार केवल इंडियन प्रीमियर लीग तक सीमित है। सनराइजर्स ने गुरुवार (12 मार्च) को ऐसे समय पर अबरार को खरीदा जब यह कयास लगाए जा रहे थे कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी की वाली द हंड्रेड की टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बोली नहीं लगाएंगी। लीड्स फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के पास है, जो आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद को चलाता है।
राजीव शुक्ला ने एएनआई से कहा, ‘हमारा डोमेन सिर्फ आईपीएल तक ही है। वे उसके बाहर किसी लीग में क्या करते हैं, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हम उनके किसी विदेशी लीग में किसी खिलाड़ी को जोड़ने में कैसे दखल दे सकते हैं। यह उन पर निर्भर है। यह पूरी तरह से उस फ्रेंचाइजी पर निर्भर करता है, जिसने भारत के बाहर कोई टीम खरीदी है। अगर वे उस लीग में भारत के बाहर का कोई प्लेयर ले रहे हैं तो हमें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि आईपीएल में ऐसा कोई प्लेयर नहीं है।’
तीन पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं बिके
द हंड्रेड की नीलामी में शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि कोई आईपीएल फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अपने साथ नहीं जोड़ेगी। मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने अपने साथ जोड़ा। इस फ्रेंचाइजी से किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी का ताल्लुक नहीं है। सैम अयूब, हारिस रऊफ और शादाब खान नहीं बिके।
अबरार के लिए ट्रेंट रॉकेट्स ने भी बोली लगाई
अबरार के लिए सनराइजर्स ने बोली लगाई। ट्रेंट रॉकेट्स ने भी बोली लगाई। अंत में अबरार को सनराइजर्स लीड्स ने अपने साथ जोड़ा। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और द हंड्रेड की आठ फ्रेंचाइजियों ने पिछले महीने एक बयान में कहा था कि चयन पूरी तरह से प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की जरूरतों पर आधारित होगा।
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