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चेन्नई-राजस्थान नहीं होंगे बर्खास्त, बीसीसीआई लाएगा दो नई टीम

बीसीसीआई ने आईपीएल से निलंबित फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की जगह दो नई टीमों के लिये निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला किया..

Author मुंबई | October 18, 2015 8:08 PM
बीसीसीाई की बैठक में शामिल सचिव अनुराग ठाकुर (पीटीआई फाइल फोटो)

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने विवादों से घिरे इंडियन प्रीमियर लीग के लिये नया खाका तैयार करने की तरफ पहला कदम उठाते हुए रविवार को निलंबित फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की जगह दो नई टीमों के लिये निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला किया और साथ ही इन दोनों टीमों की 2018 में इस धनाढ्य लीग में वापसी सुनिश्चित की।

बीसीसीआई ने यहां अपनी कार्यकारिणी की बैठक में चेन्नई और राजस्थान दोनों को बर्खास्त नहीं करने का फैसला किया जो 2013 स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में शामिल होने के कारण उच्चतम न्यायालय से नियुक्त न्यायमूर्ति आर लोढ़ा समिति की सिफारिशों के बाद दो साल का निलंबन झेल रहे हैं।

बीसीसीआई के फैसले का मतलब है कि अगले दो आईपीएल में भी यह आठ टीमों का टूर्नामेंट होगा। बोर्ड ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया 2018 में जब चेन्नई और राजस्थान की वापसी होगी तो क्या आईपीएल दस टीमों का टूर्नामेंट होगा।

आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने बैठक के बाद कहा, ‘‘आईपीएल कार्यसमूह ने चार सिफारिशें की थी जिसमें से बीसीसीआई कार्यकारिणी ने एक सिफारिश को स्वीकार किया। इन दो खाली स्थानों (चेन्नई और राजस्थान के कारण) की दो साल के लिये नीलामी की जानी चाहिए। इसके बाद हम फैसला करेंगे कि हमें दो अन्य फ्रेंचाइजी टीमों के साथ आगे बढ़ना चाहिए या फिर आईपीएल में आठ टीमों के साथ ही बने रहना चाहिए।’’

शुक्ला से पूछा गया कि क्या दो फ्रेंचाइजी टीमें चेन्नई और जयपुर से होंगी, उन्होंने कहा, ‘‘शहर की प्राथमिकता नहीं होगी क्योंकि सबसे अधिक बोली लगाने वाले को चुना जाएगा।’’

आज की बैठक में जो अन्य महत्वपूर्ण फैसले किये गये उनमें बोर्ड की वार्षिक आम बैठक नौ नवंबर को आयोजित करना भी है। बीसीसीआई ने कहा कि वह दो नयी टीमों के लिये नये सिरे से निविदा आमंत्रित करेगा। इस तरह से चेन्नई और राजस्थान की अनुपस्थिति में यह आठ टीमों का टूर्नामेंट बना रहेगा।

कार्यकारिणी का फैसला आईपीएल कार्यसमूह के सुझावों के अनुरूप ही है जिसमें आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला, बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी शामिल थे।

बोर्ड ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की अंतरिम रिपोर्ट को जस का तस लागू किया जाएगा। दो फ्रेंचाइजी टीमें चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स दो साल के निलंबित रहेंगी। बीसीसीआई इंडियन प्रीमियर लीग 2016 और 2017 में चेन्नई और राजस्थान की जगह दो नयी टीमों के लिये निविदाएं आमंत्रित करेगा।’’

बीसीसीआई के अधिकतर सदस्य 2013 स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में फंसी दोनों आईपीएल फ्रेंचाइजी को बर्खास्त करने के पक्ष में नहीं थे। बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी शुरू से यह कहते रहे कि वे लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करेंगे और कार्यसमूह भी उसके फैसलों पर कायम रहा।

ये फैसले अध्यक्ष शशांक मनोहर के इस बयान के अनुरूप भी है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई अपनी किसी राज्य इकाई के प्रति दुर्भावना नहीं रखेगा। वित्तीय मामलों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बीसीसीआई ने उन सभी पूर्व खिलाड़ियों और अंपायरों के नाम अपडेट करने का फैसला किया जिन्हें वह मासिक पेंशन दे रहा है।

मनोहर की घोषणा के अनुरूप 25 लाख रुपये से अधिक के किसी भी खर्च को बोर्ड की वेबसाइट पर डाला जाएगा। विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘बीसीसीआई से मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों और अंपायरों की सूची और राशि तथा बीसीसीआई से एकमुश्त लाभ पाने वाले खिलाड़ियों का नाम और राशि वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।’’

सेवानिवृत्त क्रिकेटरों और अंपायरों के लिए मेडिकल योजना की जानकारी भी ‘बीसीसीआई.टीवी’ पर उपलब्ध होगी। बैठक में जो अन्य फैसले किये और जिन्हें मंजूरी दी गयी उनमें यहां स्थिति बीसीसीआई मुख्यालय से कोषाध्यक्ष कार्यालय का संचालन करना भी शामिल है।

बोर्ड ने कहा, ‘‘मैसर्स गोखले एंड साठै को बीसीसीआई का अंतरिम ऑडिटर नियुक्त किया गया है। वे मैसर्स पीबी विजयराघवन एंड कंपनी का स्थान लेंगे। बोर्ड ने परियोजना परिवर्तन के लिये मैसर्स डेलोइट को नियुक्त किया है।’’

राज्य संघों को दी जाने वाली धनराशि का कितना और कैसे उपयोग हुआ इसका हिसाब रखने के लिये बीसीसीआई ने प्राइस वाटर हाउस कूपर को स्वतंत्र एजेंसी के रूप में नियुक्त किया। बीसीसीआई ने इसके साथ ही कहा कि वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी को सेंटर फोर एक्सीलेंस के रूप में नया जीवन देना चाहता है और यह बोर्ड की मुख्य प्राथमिकता होगी।

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