लगातार बढ़ते क्रिकेट शेड्यूल और खिलाड़ियों की चोटों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चिंता बढ़ा दी है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद खिलाड़ियों के लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का असर उनकी फिटनेस पर पड़ रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय वनडे टीम के कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे। इसे देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) को बेहतर तरीके से तैयार करने का फैसला किया है।
नए एफटीपी (FTP) में खिलाड़ियों को सीरीज के बीच पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय देने के साथ-साथ SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के दौरों से पहले परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के लिए पर्याप्त समय और वॉर्म-अप मैच कराने की योजना है। प्रस्तावित उपायों में कैलेंडर को इस तरह से तैयार करना शामिल है कि खिलाड़ियों को सीरीज बीच ज्यादा आराम मिले और वे वहां के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल पाएं।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने शुभमन गिल (टेस्ट और वनडे कप्तान), श्रेयस अय्यर (टी20 कप्तान), कोच गौतम गंभीर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बैठक के बाद बताया, ‘‘हमने अपने एफटीपी से जुड़े लोगों को निर्देश दिए हैं। वे इंटरनेशनल मंचों को लेकर जल्द ही बैठक करेंगे। हमने उनसे कहा है कि हमारा एफटीपी ऐसा होना चाहिए जिससे खिलाड़ियों को ठीक से आराम मिल सके और SENA देशों में किसी भी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां के माहौल में ढलने का मौका मिले या वे दोस्ताना मैच खेल पाएं।’’
भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम सीजन के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए बोर्ड मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में, खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के मामलों पर बात हुई। इसकी एक वजह शायद बहुत ज्यादा मैचों वाला शेड्यूल हो सकता है।
देवाजीत सैकिया ने माना, ‘‘खिलाड़ियों को चोटें इसलिए लग रही हैं, क्योंकि उन्हें बहुत सारे मैच खेलने पड़ते हैं। अगर आप उनके शेड्यूल को देखें तो इंग्लैंड में 15 सदस्यों वाली वनडे टीम के 3-4 खिलाड़ी चोटिल हो गए थे। हमें यह भी सोचना होगा कि उससे पहले उन्होंने दो महीने आईपीएल खेला था। इन सब चीज़ों का खिलाड़ियों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।’’
अगले साल मार्च के आखिर में होने वाले IPL तक भारत का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। इसमें एशियन गेम्स के अलावा सात टेस्ट, 14 वनडे और 16 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले जाने हैं। हालांकि, बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट और कप्तानों को भरोसा दिलाया है कि वे बेहतर योजना बनाएंगे ताकि खिलाड़ियों को आराम मिल पाए।
देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘मौजूदा एफटीपी के तहत ऐसी स्थितियों से बचने के लिए हम कुछ रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास एक प्रोटोकॉल है कि चोट के बाद कोई खिलाड़ी इंटरनेशनल मैचों में कैसे वापसी कर सकता है। हम कप्तानों और हेड कोच से फीडबैक ले रहे हैं ताकि ऐसी अनचाही स्थितियों से बचने के लिए सही रणनीति बनाई जा सके।’’
देवाजीत सैकिया ने यह भी माना कि सभी एक ही राय रखते हैं। देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई बहुत अच्छे से काम कर रहा है, जैसे कोई अच्छी तरह से काम करने वाला इंजन हो। बीसीसीआई के सभी विभागों के बीच अच्छा तालमेल है, चाहे वह महिला टीम की समितियां हों, तकीनीकी स्टाफ हो या कोच हों।’’
देवाजीत सैकिया ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, ‘‘…और इन सभी का तालमेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भारतीय पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ और हेड कोच के साथ भी बहुत अच्छा है। तालमेल में कोई दिक्कत नहीं है। सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’ देवाजीत सैकिया ने कहा, ‘‘हमारे सामने एकमात्र चुनौती यह है कि साल में बहुत ज्यादा मुकाबले होते हैं और इसलिए अगले एफटीपी में हम कुछ कदम उठाएंगे।’’
रोहित शर्मा के भविष्य पर फैसला? BCCI की सालाना बैठक के बाद देवजीत सैकिया ने दिया बयान
बीसीसीआई की सालाना बैठक के बाद बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर जवाब दिया। उन्होंने साथ ही टीम के अंदर सीनियर्स और सपोर्ट स्टाफ के बीच किसी भी तरह के मतभेद की खबर को भी खारिज किया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
