scorecardresearch

बोरिया मजूमदार पर लगेगा दो साल का बैन? आईसीसी से भी ब्लैकलिस्ट कराने की तैयारी में बीसीसीआई

मामला इस साल 19 फरवरी को सामने आया था। बंगाल के 37 वर्षीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने एक बड़े पत्रकार पर इंटरव्यू न देने पर धमकाने का आरोप लगाया था।

समिति के समक्ष बयान देते हुए साहा (दाएं) ने मजूमदार (बाएं) का नाम लिया और आरोप लगाया कि साक्षात्कार के लिए उन्हें "धमकाया" गया। (फोटो- द इंडियन एक्सप्रेस)

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) टॉक शो होस्ट और पत्रकार बोरिया मजूमदार पर दो साल का प्रतिबंध लगा सकता है। बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति ने उन्हें टीम इंडिया के विकेटकीपर रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया। यही नहीं बोर्ड इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से भी उन्हें ब्लैकलिस्ट कराने की तैयारी में है।

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सभी राज्य इकाइयों को उन्हें स्टेडियम के अंदर नहीं जाने देने की सूचना देंगे। उन्हें घरेलू मैचों के लिए मीडिया एक्रेडिशन नहीं दी जाएगी और हम उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के लिए आईसीसी को भी पत्र लिखेंगे। खिलाड़ियों को उनके साथ काम नहीं करने के लिए कहा जाएगा।”

इसे लेकर द इंडियन एक्सप्रेस ने बोरिया मजूमदार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने शनिवार को न तो फोन कॉल और न ही मैसेज का जवाब दिया। मामला इस साल 19 फरवरी को सामने आया था। बंगाल के 37 वर्षीय विकेटकीपर ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें कहा था, “भारतीय क्रिकेट में मेरे सभी योगदानों के बाद मुझे एक तथाकथित सम्मानित पत्रकार से इस चीज का सामना करना पड़ा। आज पत्रकारिता कहां पहुंच गई है।”

साहा ने इसके साथ व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे। उनमें से एक में लिखा था, “तुमने फोन नहीं किया। मैं फिर कभी तुम्हारा इंटरव्यू नहीं करूंगा। मैं अपमान को सहजता से नहीं लेता। और मुझे यह याद रहेगा।” इस खुलासे के बाद साहा को क्रिकेट समुदाय से व्यापक समर्थन मिला। भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया। हालांकि, शुरुआत में साहा ने कहा था कि वे पत्रकार का नाम बताएंगे क्योंकि वे किसी का करियर खराब नहीं करना चाहते।

बीसीसीआई ने सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लेते हुए साहा के आरोपों की जांच के लिए उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और शीर्ष परिषद सदस्य प्रभातेज भाटिया की एक समिति गठित की। समिति के समक्ष बयान देते हुए साहा ने मजूमदार का नाम लिया और आरोप लगाया कि उन्हें एक इंयरव्यू के लिए धमकाया गया था। इस बीच मजूमदार ने क्रिकेटर पर ट्विटर पर पोस्ट किए गए व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट से छेड़छाड़ करके समिति के साथ साझा करने का आरोप लगाया था।

पढें खेल (Khel News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट