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पवार, श्रीनिवासन के लिए दरवाजे बंद, ठाकुर को छोड़ना होगा एचपीसीए

बीसीसीआइ के पदाधिकारियों की आयु सीमा को 70 साल तक सीमित करने की लोढ़ा समिति की सिफारिशों को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

Author नई दिल्ली | July 19, 2016 4:09 AM
BCCI, age limit 70, lodha committee, supreme court, decision, anurag thakur, sharad pawar, shrinivasanBCCI प्रेसीडेंट शशांक मनोहर के साथ सचिव अनुराग ठाकुर

बीसीसीआइ के पदाधिकारियों की आयु सीमा को 70 साल तक सीमित करने की लोढ़ा समिति की सिफारिशों को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसका मतलब होगा कि बोर्ड में शरद पवार, एन श्रीनिवासन और निरंजन शाह जैसे अनुभवी प्रशासकों के लिए रास्ते बंद हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अन्य सिफारिशों के तहत बीसीसीआइ अध्यक्ष अनुराग ठाकुर (हिमाचल प्रदेश), सचिव अजय शिर्के (महाराष्ट्र), कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी (हरियाणा) और संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी (झारखंड) को ‘हितों के टकराव’ से बचने के लिए अपने संबंधित राज्य संघों में अपना पद छोड़ना होगा।

बोर्ड को सिफारिशें लागू करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार 75 बरस के हैं जबकि तमिलनाडु के श्रीनिवासन 71 साल के हैं। दोनों अपने राज्य संघों क्रम से मुंबई क्रिकेट संघ और तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के प्रमुख शाह तीन दशक से ज्यादा समय से बीसीसीआइ में सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रहे हैं। वे 72 साल के हैं।

शाह ने कहा कि वे ‘निराश’ हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार करना होगा। शाह ने कहा कि वे काफी निराश हैं लेकिन यह देश की शीर्ष अदालत का फैसला है जिसका सम्मान करना होगा। हालांकि शाह का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पूरी तरह से लागू करने में 18 महीने लगेंगे। उन्होंने कहा कि बीसीसीआइ को इसे पहले लागू करना होगा और इसके बाद राज्य संघों को भी इसे लागू करना होगा। मेरी समझ के मुताबिक सब कुछ लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुरूप करने में 18 महीने का समय लगेगा। शाह ने हालांकि इस सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं दिया कि एससीए में उनकी जगह कौन लेगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे : राजीव शुक्ला
नई दिल्ली। बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारी और आइपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोमवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के बीसीसीआइ के प्रशासनिक ढांचे में आमूल चूल बदलाव के फैसले का सम्मान करता है और यह लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को लागू करने के लिए काम करेगा। शुक्ला ने टीवी चैनलों से कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। देखेंगे कि हम कैसे लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को लागू कर सकते हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी और कीर्ति आजाद ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की तारीफ की।

बेदी ने ट्वीट किया कि हम सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सम्मानपूर्वक और विनम्रता से स्वीकार कर लेना चाहिए क्योंकि भारतीय क्रिकेट के स्वास्थ्य से महत्त्वपूर्ण कोई हस्ती नहीं है भले ही वह नेता हो या कोई और। आजाद ने भी अपने विचार व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने लिखा, ‘मेरे पक्ष की पुष्टि हो गई, सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की रिपोर्ट मंजूर कर ली। डीडीसीए और बीसीसीआइ के खिलाफ आगे की मेरी कार्रवाई का इंतजार कीजिए।’

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