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BCCI ने की सट्टेबाजी को लीगल बनाने की वकालत, कहा- इससे भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

एसीयू प्रमुख शेखावत का बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले एक साल के दौरान कथित तौर पर सट्टेबाजों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों समेत 12 खिलाड़ियों से संपर्क करने की बात सामने आई है। संदिग्ध गतिविधि के कारण तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) भी संदेह के दायरे में है।

बीसीसीआई। (फोटो सोर्स- एपी)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार रोधी समिति (एसीयू) के प्रमुख अजीत सिंह शेखावत ने सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि इससे क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकने में मदद मिलेगी। इसके लिए उन्होंने मैच फिक्सिंग से जुड़ा कानून बनाने की सलाह दी है। शेखावत अप्रैल 2018 में बीसीसीआई की एसीयू के प्रभारी बनने से पहले राजस्थान में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) थे। उन्होंने यह सुझाव समाचार एजेंसी प्रेट्र को दिए साक्षात्कार के दौरान दिया।

एसीयू प्रमुख शेखावत का बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले एक साल के दौरान कथित तौर पर सट्टेबाजों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों समेत 12 खिलाड़ियों से संपर्क करने और संदिग्ध गतिविधि के कारण तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) के संदेह के दायरे आई है। एक भारतीय महिला क्रिकेटर ने भी मैच फिक्सिंग को लेकर शिकायत की है। महिला क्रिकेट में यह पहला मामला सामने आया है।

इस साल मुंबई, कर्नाटक और तमिलनाडु की लीगों से सामने आए मामलों को देखते हुए क्या देश में मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग को रोकना असंभव हो गया है? इस सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा, ‘इसे रोकना असंभव नहीं है। संभवत: इसके खिलाफ कानून की जरूरत है, मैच फिक्सिंग कानून। अगर इसके खिलाफ स्पष्ट कानून होगा तो पुलिस की भूमिका भी स्पष्ट होगी।’ पिछले साल भारतीय विधि आयोग ने मैच फिक्सिंग को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की तरह आपराधिक गतिविधि बनाने की जरूरत पर जोर दिया था।

शेखावत ने कहा, ‘खेल में भ्रष्टाचार से निपटने का एक अन्य तरीका सट्टेबाजी को वैध बनाना भी है। सट्टेबाजी को वैध बनाने पर विचार हो सकता है कि ताकि जो भी अवैध गतिविधियां हो रही हैं उन सभी को नियंत्रित किया जा सके। वैध सट्टेबाजी कुछ मापदंडों के अंतर्गत होती है। इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इससे सरकार को आबकारी विभाग जैसा भारी भरकम राजस्व भी मिलेगा। खेलों पर सट्टेबाजी पर जो राशि लगती है वह बहुत बड़ी है।’

शेखावत ने कहा, ‘इस तरह के कदम से इससे जुड़े लोगों और साथ ही पैसे पर भी नजर रखी जा सकती है। सिर्फ राजस्व ही नहीं, बल्कि अन्य मुद्दे भी सरकार के दिमाग में हो सकते है। मैं यह नहीं कह रहा कि इसे वैध किया जाना चाहिए, लेकिन इस पर विचार किया जाना चाहिए। वैध किए जाने पर इसका नियमन किया जा सकता है, अभी यह पूरी तरह से अवैध है। एक बार वैध होने के बाद आपको ये आंकड़े भी मिल जाएंगे कि कौन सट्टेबाजी कर रहा है और कितनी सट्टेबाजी कर रहा है। ऐसा करते हुए अवैध सट्टेबाजी को मुश्किल कर दो। फिलहाल तो आप कुछ सौ या कुछ हजार रुपये का जुर्माना देकर बच सकते हैं।’

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