केरल में भारत-न्यूजीलैंड मैच, मैदान पर नहीं देख पाएंगे श्रीसंत, बताई यह मजबूरी - banned Indian cricketer Sreesanth wants India to win the ongoing T20I series against New Zealand - Jansatta
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केरल में भारत-न्यूजीलैंड मैच, मैदान पर नहीं देख पाएंगे श्रीसंत, बताई यह मजबूरी

दोनों ही टीमों के लिए मैच निर्णायक भरा होने वाला है क्योंकि जो टीम मैच जीतेगी वो टी-20 सीरीज भी जीत जाएगी।

शांताकुमारन श्रीसंत ने बीसीसीआई से स्कॉटलैंड में क्रिकेट खेलने के लिए एनओसी मांगी थी, जिसे बोर्ड स्वीकार नहीं किया।(Photo: Instagram)

प्रतिबंधित भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत चाहते हैं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और आखिरी टी-20 मैच भारत जीते। ये मैच केरल के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच की खास बात ये है कि इस स्टेडियम में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मैच होने जा रहा है। मैच मंगलवार (7 नवंबर) को खेला जाएगा। दोनों ही टीमों के लिए मैच निर्णायक भरा होने वाला है क्योंकि जो टीम मैच जीतेगी वो टी-20 सीरीज भी जीत जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच की मेजबानी करने के लिए ये देश का पचासवां मैदान भी होने जा रहा है। वहीं तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने कहा है कि घरेलू मैदान पर उन्हें ये मैच देखने की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि बीसीसीआई ने उन्हें प्रतिबंधित कर रखा है। वहीं श्रीसंत से फैसला लिया है कि वो उनपर प्रतिबंध लगाने वाले हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाले हैं। श्रीसंत चाहते हैं कि देश के लिए क्रिकेट दोबारा खेलें।

गौरतलब है कि बीते दिनों केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 2013 आईपीएल स्पाट फिक्सिंग प्रकरण के संदर्भ में क्रिकेटर एस श्रीसंत पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को मंगलवार को बहाल कर दिया। मुख्य न्यायाधीश नवनीति प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन की पीठ ने एकल न्यायाधीश की पीठ के खिलाफ बीसीसीआई की याचिका पर यह फैसला सुनाया। एकल पीठ ने 34 साल के तेज गेंदबाज श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा दिया था। खंडपीठ ने कहा कि क्रिकेट के खिलाफ प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन नहीं हुआ है और श्रीसंत के पक्ष में आए एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया। था।

बीसीसीआई ने अपनी अपील में कहा था कि इस क्रिकेटर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर लिया गया था। न्यायमूर्ति ए मोहम्मद मुश्ताक की एकल पीठ ने सात अगस्त को श्रीसंत पर लगे बीसीसीआई के आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था और बोर्ड द्वारा उनके खिलाफ चलाई जा रही सभी तरह कार्रवाई पर भी रोक लगा दी थी। श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला सहित स्पाट फिक्सिंग मामले में सभी 36 आरोपरियों को जुलाई 2015 में पटियाला हाऊस अदालत ने आपराधिक मामले से बरी कर दिया था।

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