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बॉल टैम्परिंग मामले में शेन वॉर्न ने सचिन तेंदुलकर को घेरा, दिया यह विवादित बयान

वॉर्न सचिन के जिस मैच के बारे में बात कर रहे हैं, वह साल 2001 में पोर्ट एलिजाबेथ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया था। 17 साल पहले खेले गए इस मैच में सचिन तेंदुलकर को गेंद की सीम साफ करते हुए कैमरे में शूट किया गया था।

बुधवार को वॉर्न ने बॉल टेंपरिंग विवाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा लिए गए फैसले के बाद अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए इस प्रतिबंध पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

बॉल टैम्परिंग मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज शेन वॉर्न ने बुधवार (28 मार्च) को पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बॉल टैम्परिंग मामले पर लिखा है। इसी पोस्ट में शेन वॉर्न सचिन तेंदुलकर पर विवादित बयान भी लिखा है, जिससे भारतीय फैन्स नाराज हो रहे हैं। वहीं, वॉर्न ने बॉल टैम्परिंग विवाद में स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर लगे 12 महीने के प्रतिबंध और कैमरून बेनक्राफ्ट पर लगे 9 महीने के प्रतिबंध पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अपराध की तुलना में अधिक कड़ा दंड’ बताया दिया।

बुधवार को वॉर्न ने बॉल टैम्परिंग विवाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा लिए गए फैसले के बाद अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए इस प्रतिबंध पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कई सवाल उठाए। इसी पोस्ट में उन्होंने सचिन तेंदुलकर को लेकर ऐसी बात लिख दी है, जिससे सचिन के भारतीय फैन्स काफी नाराज हो गए हैं। वॉर्न ने लिखा, “इस सीरीज में विरोधी टीम (द.अफ्रीका) के कप्तान फाफ डु प्लेसी को भी पहले ऐसे मामले में दो बार दोषी पाया गया था। जबकि उन्हीं के तेज गेंदबाज वर्नोन फिलेंडर को भी दोषी पाया गया था। जिन खिलाड़ियों पर आज तक गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं, उनकी लिस्ट काफी लंबी है और उसमें सचिन तेंदुलकर और माइक एथर्टन जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं।”

दरअसल, वॉर्न सचिन के जिस मैच के बारे में बात कर रहे हैं, वह साल 2001 में पोर्ट एलिजाबेथ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया था। 17 साल पहले खेले गए इस मैच में सचिन तेंदुलकर को गेंद की सीम साफ करते हुए कैमरे में शूट किया गया था। इस वीडियो को बाद में यह कहते हुए दिखाया गया कि सचिन गेंद की सीम से छेड़छाड़ कर रहे है या उसे खरोंच रहे हैं। इसके बाद मैच अंपायर माइक डेनिस ने कहा था कि वह सचिन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाकर उन्हें एक साल के निलंबित कर रहे हैं और यही सजा कप्तान सौरव गांगुली को भी दी जाएगी। हालांकि, बाद में दोनों खिलाड़ियों पर लगे आरोप पूरी तरह साबित नहीं हुए थे और आईसीसी ने सचिन और गांगुली पर प्रतिबंध का फैसला वापस ले लिया था।

वहीं वॉर्न ने पोस्ट में लिखा, “मैं हर ऑस्ट्रेलियाई और क्रिकेट प्रशंसक की तरह ही केपटाउन में हुई बॉल टैम्परिंग की घटना से काफी निराश हूं। इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम का योजना बनाकर शामिल होना और भी शर्मनाक बात है। इसे आप किसी भी तरह से नकार नहीं सकते, लेकिन इस अपराध के लिए दी गई सजा बेहद कड़ी है।” उन्होंने लिखा कि इस मामले में जिस तरह की प्रतिक्रिया हो रही है, उसने इसे ज्यादा गंभीर बना दिया है और हम वहां पहुंच गए हैं, जहां शायद अपराध की तुलना में दंड कहीं अधिक कड़ा हो गया है।

शेन ने आगे कहा, “मैं अब भी सोच रहा हूं कि सजा क्या होनी चाहिए। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अगर उन्हें एक साल के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है, तो ये सजा अधिक है। इस मामले में अपनी भावनाओं से हटकर सोचें। हम सब गुस्से में और शर्मसार महसूस कर रहे हैं, लेकिन आपको किसी के करियर को तब तक बर्बाद नहीं करना चाहिए, जब तक वे वाकई उसके हकदार न हों। उनकी ओर से की गई हरकत गलत थी और इसके खिलाफ उन्हें दंड मिलना चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि एक साल का प्रतिबंध इसका जवाब है।” उन्होंने कहा, “अगर मेरी नजर में देखा जाए, तो इन खिलाड़ियों को चौथे टेस्ट मैच से प्रतिबंधित करना, बड़ा जुर्माना लगाना और कप्तान तथा उप-कप्तान के पद से हटा देना पर्याप्त दंड है।”

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