ओलंपिक पदक के लिए पैर तक तुड़वाने को तैयार थे बजरंग पूनिया, ओलंपिक मेडलिस्ट ने फिल्मों को लेकर खाई है ये कसम; देखें Video

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले रेसलर बजरंग पूनिया ने बताया है कि इंजरी के बावजूद वे मैट पर उतरे थे। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि ओलंपिक मेडल के लिए उन्होंने क्या-क्या त्याग किए।

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बजरंग पूनिया ने टोक्यो ओलंपिक में इंजरी के बावजूद जीती जंग, रेसलिंग में ओलंपिक मेडल के लिए किए त्याग (Source: twitter)

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय रेसलर बजरंग पूनिया ने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। सेमीफाइनल में हार के बाद बजरंग ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में शानदार जीत दर्ज की थी। लेकिन उनकी ये जीत जिन परिस्थितियों में हुई थी वो आसान नहीं थी। इंडियन एक्सप्रेस के शो एक्सप्रेस ई-अड्डा में पूनिया ने इस बात का खुलासा किया है कि इंजरी और डॉक्टरों द्वारा चेतावनी देने के बावदूज वे मैट पर उतरे थे।

बजरंग पूनिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि,’उनका प्रमुख लक्ष्य था मेडल जीतना। अगर मेडल नहीं जीता तो सर्जरी का क्या फायदा। अगर मेडल जीत लिया तो पैर तुड़वाने को भी मैं राजी हूं सर्जरी ओलंपिक मेडल जीतने के बाद करवा लूंगा।’

टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ने आगे बताया कि, ‘मुझे डॉक्टरों ने मना किया था टेपिंग या नी कैप लगाकर मैट पर उतरूं। लेकिन फिर भी इंजरी के बावजूद बिना टेप लगाए और बिना नी कैप के मैं उतरा। के उतरे। मैंने ठान लिया था कि भले अब पैर टूट भी जाए तो क्या अब मेडल जीतने के बाद सर्जरी होगी। अभी कुछ भी हो अभी बस मेडल जीतना है आगे देखा जाएगा। इंजरी गई भाड़ में अभी परफॉर्मेंस करना है। लेकिन अगर इंजरी नहीं होती तो मैं और अच्छा कर सकता था।’

मेडल जीतने के लिए किया त्याग

बजरंग पूनिया फिल्मों के काफी शौकीन हैं। वे रेसलिंग में आने से पहले अक्सर थिएटर में जाकर फिल्में देखा करते थे। लेकिन उन्होंने रेसलिंग की ट्रेनिंग शुरू करते ही अपने इस शौक को त्याग दिया। पूनिया ने बताया कि वे अक्सर जब अखाड़े तक जाते थे तो रास्ते में राधिका सिनेमा पड़ता था लेकिन वे बाहर रुकते थे थिएटर देखकर बाहर से ही लौट जाते थे।

बजरंग ने बताया कि, ‘मैंने ठान लिया था कि पहले ओलंपिक मेडल जीतना है और फिर अपनी पसंद के काम करने हैं। प्रैक्टिस के अलावा कुछ नहीं। कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। मैं अभी भी सिनेमा देखने थिएटर नहीं जाउंगा। 2024 के बाद मैं कोशिश करूंगा कि जा सकूं।’

गौरतलब है कि 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों का आयोजन होगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। हम आशा करते हैं कि पेरिस में भी बजरंग पूनिया सहित सभी भारतीय खिलाड़ी मेडल के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और पूनिया ने जो त्याग किए हैं उन्हें उसका फल मिले।

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