अगले सप्ताह दिल्ली में शुरू होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान बंदरों के खलल को रोकने के लिए आयोजकों ने एक अनोखा उपाय अपनाया है। उन्होंने तीन पेशेवर विशेषज्ञों को बुलाया है, जो लंगूर की तरह आवाज निकाल सकते हैं ताकि बंदरों को स्टेडियम से दूर भगाया जा सके।

भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने माना कि यह उपाय सुनने में लोगों को मजाकिया लग सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि भारत इस विश्वस्तरीय आयोजन को सफल बनाने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहा है।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प

17 वर्षों बाद भारत में लौट रही बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मिलकर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प किया है। इसका उद्देश्य इस वर्ष जनवरी में हुए इंडिया ओपन के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई आलोचना जैसी स्थिति से बचना है।

‘रीसस मकाक’ प्रजाति के बंदर

आयोजकों ने तीन प्रशिक्षित ‘मंकी व्हिस्परर्स’ (बंदरों को नियंत्रित करने वाले विशेषज्ञ) को नियुक्त किया है, जो लंगूर की आवाज निकालकर ‘रीसस मकाक’ प्रजाति के बंदरों को डराकर भगाएंगे। ये बंदर मध्य दिल्ली और इंदिरा गांधी स्टेडियम के आसपास बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

इंडिया ओपन में डाला था खलल

इंदिरा गाधी स्टेडियम में ही 17 से 23 अगस्त तक विश्व चैंपियनशिप आयोजित होगी। यह अनोखा कदम जनवरी में हुए इंडिया ओपन के बाद उठाया गया है। उस टूर्नामेंट के दौरान बंदर दर्शक दीर्घा तक पहुंच गए थे, जिससे कुछ समय के लिए मुकाबलों में व्यवधान पड़ा और इसकी तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी थीं।

लंगूर से डरते हैं ‘रीसस मकाक’

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘रीसस मकाक’ बंदर लंगूर से डरते हैं। लंगूर आकार में उनसे काफी बड़े होते हैं। इसी स्वाभाविक डर का फायदा उठाने के लिए लंगूर की आवाज की नकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। गौरतलब है कि ऐसे कार्यों के लिए वास्तविक लंगूरों के इस्तेमाल पर वर्ष 2012 में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

पीवी सिंधु ने क्या कहा

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”इस उपाय पर लोग हंस सकते हैं, लेकिन इसके पीछे किए जा रहे प्रयास की सराहना जरूर करनी चाहिए। भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हो सके, इसके लिए पर्दे के पीछे बहुत से लोग मेहनत कर रहे हैं। हमारे समाधान भले ही पूरी तरह भारतीय हों, लेकिन हमारी गर्मजोशी, हमारा जज्बा और हमारी मेहमाननवाजी भी उतनी ही भारतीय है।”

दिल्ली विधानसभा ने भी विशेषज्ञों की सेवाएं ली थीं

इस वर्ष दिल्ली विधानसभा ने भी बंदरों को परिसर में आने से रोकने के लिए लंगूर की आवाज निकालने वाले विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए निविदा जारी की थी। आयोजकों द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों में से एक जफर ने बताया, ”जब हम लंगूर जैसी आवाज निकालते हैं तो बंदर वहां से भाग जाते हैं। इसी तरह हम उन्हें दूर भगाते हैं ताकि सड़क पर वाहन खड़े करने या अन्य गतिविधियों में कोई परेशानी नहीं हो। यह हमारा पुश्तैनी पेशा है। हम पूरी जिंदगी यही काम करते आए हैं। ऐसी कोई जगह नहीं है जहां मैंने अपनी सेवाएं नहीं दी हों। नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, राष्ट्रपति भवन, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मथुरा, जहां से भी हमें काम मिलता है, हम वहां जाकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ”

‘बंदर मैच देखने आ रहे तो इसमें दिक्कत क्या’: हिमंता बिस्वा सरमा

इंडियन एक्सप्रेस के आइडिया एक्सचेंज में हिमंता बिस्वा सरमा से इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट (India Open 2026) में सामने आई अव्यवस्थाओं पर सवाल किया गया तो, उन्होंने इसको लेकर चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर बंदर मैच देखने आ रहे हैं तो दिक्कत क्या। इसके अलावा उन्होंने कई ऐसी बातें कहीं जो काफी अटपटी भी थीं। पूरी खबर पढ़ें