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कोर्ट ने PBL से हटाई रोक, बाई ने किया Welcome

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) के प्रस्तावित बैडमिंटन प्रीमियर लीग (बीपीएल) के आयोजन का रास्ता अदालत ने बुधवार को साफ कर दिया।

Author नई दिल्ली | December 17, 2015 12:08 AM

भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) के प्रस्तावित बैडमिंटन प्रीमियर लीग (बीपीएल) के आयोजन का रास्ता अदालत ने बुधवार को साफ कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस प्रस्तावित लीग पर लगी रोक हटाने का फैसला सुनया। मेघालय हाई कोर्ट ने इस लीग के आयोजन पर रोक लगा दी थी। लीग का आयोजन अगले महीने होना है और इसमें सायना नेहवाल, पीवी सिंधू, के श्रीकांत और पारुपली कश्यप सरीखे टाप भारतीय शटलर हिस्सा लेंगे। सुप्रीम कोर्ट की राहत के बाद अब यह आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।

न्यायमूर्ति एमवाई इकबाल और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने बाई की याचिका को स्वीकार करते हुए अपने आदेश में कहा कि रोक निलंबित की जाती है। बाई ने दो से 17 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस लीग टूर्नामेंट पर रोक लगाने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शिलांग के लिए एक फेरंचाइजी सोभाग्य मीडिया प्रा लि ने छह दिसंबर को दिल्ली में आयोजित फ्रेंचाइजी की बैठक की वैधता को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी क्योंकि इसमें उसे आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बाद ही हाई कोर्ट ने इसके आयोजन पर रोक लगा दी थी। प्रीमियर बैडमिंटन लीग के 16 मैच होंगे जिसमे छह फ्रेंचाइजी और राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

पीबीएल पर हाई कोर्ट रोक हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बाई ने स्वागत किया है। बैई ने कहा है कि यह लीग से जुड़े सभी हितधारकों के लिए बड़ा आश्वासन है। बाई अध्यक्ष और पीबीएल चेयरमैन डा. अखिलेश दास गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग खेल भावना के खिलाफ थे और उन्होंने अवरोध पैदा करने की कोशिश की। उनके द्वारा हाल में उठाया गया मुद्द आधारहीन था। उन्होंने कहा कि भारतीय बैडमिंटन संघ को ऐसी कोई जानकारी भी नहीं है।

हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं जिन्होंने हमेशा सही का साथ दिया है और इस मामले में भी उन्होंने रोक के आदेश को रद्द करके हमारा साथ दिया। दासगुप्ता ने कहा कि प्रीमियर बैडमिंटन लीग की राह से अब सभी अवरोध खत्म हो गए हैं और सुप्रीम कोर्ट का आदेश सभी हितधारकों के लिए बड़ा आश्वासन है जिसमें फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी, कोच और प्रायोजक शामिल हैं।

 

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