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ऑस्ट्रेलियाई एथलीट की इस तस्वीर पर हंगामा, ट्रोल के खिलाफ आम जनता ही नहीं, पीएम ने भी बुलंद की आवाज

महिला फुटबॉल खिलाड़ी की एक तस्वीर पर ऑस्ट्रेलिया ही नहीं बल्कि दुनिया भर में हंगामा मचा है। 21 वर्षीय खिलाड़ी की तस्वीर पर ट्रोल ने जब भद्दे कॉमेंट्स किए तो आम जनता के अलावा क्लास लगाने में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी पीछे नहीं रहे।

इसी फोटोग्राफ पर ऑस्ट्रेलिया की इस खिलाड़ी को ट्रोल किया गया। (फोटो सोर्स: 7 AFL Twitter Handle)

सोशल मीडिया पर ट्रोल एक बड़ी चुनौती हैं। हालांकि, अक्सर लोग ट्रोल से उलझने की बजाय दूरी बनाने में ही भलाई समझते हैं। लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने एक महिला खिलाड़ी का पक्ष लेते हुए ट्रोल्स को ही खरी-खोटी सुना डाली । महिला फुटबॉल प्लेयर टाइला हैरिस की एक तस्वीर पर ट्रोल भद्दे कॉमेंट्स कर रहे थे। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने ट्रोल को ‘डरपोक कीड़े-मकोड़े’ कह डाला। दरअसल, महिला फुटबॉल खिलाड़ी ने करते हुए एक जबरदस्त किक मारी थी। फोटोग्राफ में उनकी पूरी टांग दिख रही है। मंगलवार को उनकी इस तस्वीर को ब्रॉकास्टर ने ऑनलाइन पब्लिश की थी। हैरिस ऑस्ट्रेलिया फुटबॉल लीग वीमंस (AFLW) टीम की सदस्य हैं।

तस्वीर पर जब ट्रोल ने भद्दे कॉमेंट शुरू किए तो हैरिस ने इस पर प्रतिक्रिया दजेते हुए इसे ‘यौन शोषण’ करार दिया। हालांकि, गंदे और अपमानित करने वाले कॉमेंट्स को देखते हुए ब्रॉडकास्टर ने फोटो हटा ली। हालांकि, बाद में उसने माफी मांगते हुए इसे दोबारा अपलोड किया और कहा कि उसके द्वारा तस्वीर हटाने से गलत मैसेज गया है। हम अपने पेज से ट्रोल्स का सफाया करने की कोशिश करेंगे।

इस घटना ने पूरे ऑस्ट्रेलिया में एक वैचारिक बहस का मुद्दा ले लिया। लोग महिला फुटबॉल खिलाड़ी के पक्ष में ट्वीट और फेसबुक पोस्ट डालने लगे। इसी क्रम में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने ट्रोलिंग करने वालों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने मेलबर्न में पत्रकारों से कहा, “मैं समझता हूं कि वे (ट्रोल) कीड़े-मकोड़े हैं। वे सभी एक डरपोक कीड़े-मोकड़े हैं और उन्हें खुद को जगाने की जरूरत है।” इस दौरान पीएम मॉरिसन ने कहा कि ऐसे तत्वों के साथ मानवीय नहीं बल्कि कीड़े-मकोड़े के जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

21 साल की महिला फुटबॉल खिलाड़ी ने कहा कि वह इस संबंध में कोई पुलिस से शिकायत नहीं कराएंगी। वह चाहती हैं कि इस मसले पर और ज्यादा मीडिया कवरेज हो ताकि गाली देने वाले कम से कम दो बार सोचें। हैरिस ने कहा, “मेरे फुटबॉल पर टिप्पणी और आलोचना करने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, जो कॉमेंट किए गए वे बिल्कुल ही अनुचित थे और ऐसे कॉमेंट्स मेरे परिवार के लोग भी पढ़ेंगे।” हैरिस ने इस मुद्दे पर दुनिया भर से मिल रहे समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्हें जो सपॉर्ट मिल रहा है, वह भी काफी आश्चर्य देने वाला है। यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा जड़ने के लिए काफी है जो सोशल मीडिया पर गाली-गलौच की भाषा इस्तेमाल करते हैं।

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