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43 साल के पेस 18 ग्रैंडस्लैम जीतने के बाद भी नडाल से सीखना चाहते हैं

खुद को महान खिलाड़ियों में बदलने वालों के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और 18 ग्रैंडस्लैम खिताब के साथ भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है....

Author नई दिल्ली | September 13, 2016 2:00 PM
18 ग्रैंडस्लैम जीतने के बाद भी नडाल से सीखना चाहते हैं

खुद को महान खिलाड़ियों में बदलने वालों के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और 18 ग्रैंडस्लैम खिताब के साथ भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि वह स्पेन के महान खिलाड़ी रफेल नडाल को ट्रेनिंग और खेलते हुए देखकर सीख सकते हैं। इस 43 साल के खिलाड़ी ने कहा कि भारत के खिलाफ डेविस कप मुकाबले के लिए स्पेन जिस टीम के साथ आ रहा है उसे देश के प्रत्येक उभरते हुए खिलाड़ी को देखना चाहिए।

स्पेन ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम में 14 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नडाल, दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी डेविड फेरर के अलावा फ्रेंच ओपन चैम्पियन जोड़ी मार्क और फेलीसियानो लोपेज को शामिल किया है। पेस ने कहा, ‘‘यह भारत में शानदार टेनिस का प्रदर्शन होगा। अगर मैं नौ, 10 या 15 साल का उभरता हुआ खिलाड़ी होता तो मैं रोजाना स्टेडियम पहुंचता। 14 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन को खेलते हुए देखना अविश्वसनीय है। मेरे लिए अपने करियर के इस समय भी जहां मैं 30 साल खेल चुका हूं, आप नडाल को खेलते हुए देखकर काफी कुछ सीख सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘‘आप फुटवर्क के बारे में सीख सकते हैं, ताकत के बारे में, शाट लगाने आदि के बारे में।’’

पेस ने कहा, ‘‘स्पेन की टीम मेरे लिए सबसे पेशेवर टीमों में से एक है। वे एक साथ संघर्ष करते हैं। इस टीम के लिए मेरे अंदर जितना सम्मान है उसके बारे में मैं नहीं बता सकता। उनके पास महानतम खिलाड़ियों में से एक नडाल है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उसके साथ युगल :2015 में पेरिस मास्टर्स में: खेलने का मौका मिला। वह खेल का महान दूत है। ’’

डेविस कप के इतिहास में सबसे सफल युगल खिलाड़ी बनने से पेस सिर्फ एक जीत दूर हैं और उन्होंने कहा कि भारत के एकल खिलाड़ियों साकेत माइनेनी और रामकुमार रामनाथन के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को परखने का अच्छा मौका है। फिलहाल 42 युगल जीत के साथ इटली के महान खिलाड़ी निकोल पीटरांगेली की बराबरी पर मौजूद पेस ने कहा, ‘‘आपको पास हारने के लिए कुछ नहीं है। आप हमें यहां (विश्व ग्रुप प्ले आफ चरण) तक लेकर आए और हमें इस पर गर्व है।’’

निकोल के नाम डेविस कप में एकल मुकाबलों में भी सर्वाधिक 78 जीत का रिकार्ड दर्ज है। पेस ने कहा कि इस मुकाबले में उनकी भूमिका अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को निखारने की है और वह उदाहरण के साथ अगुआई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोर्ट पर सबसे पहले आता हूं और सबसे अंत में जाता हूं। उम्मीद करता हूं कि टीम में शामिल लड़के यह देख रहे हैं। मेरी वाली खराब नहीं है लेकिन फिर भी मैं कोच के साथ इस पर काम कर रहा हूं।’’

पेस ने साथ ही कहा कि सुमित नागल जैसे युवा खिलाड़ियों को सीखने और तेजी से अगले स्तर पर पहुंचने की जरूरत है। पेस ने साथ ही कहा कि युगल में नागल या साकेत में से किसी एक के साथ खेलने को लेकर उनकी कोई प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी के भी साथ खेलने का तैयार हूं। मैं नौ पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ खेला हूं और इसलिए वे मेरे साथ जिसे भी रखेंगे मैं उसके लिए तैयार हूं। इससे कोई फर्क नहंी पड़ता। मेरा काम युवा खिलाड़ियों को निखारना है।’’

पेस ने कहा कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को टीम में अपनी जगह बनाने के लिए उन्हें बाहर करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर खिलाड़ियों को मुझे पीछे छोड़कर आगे बढ़ने दीजिए। उन्हें कहने दीजिए लिएंडर आपके लिए जगह नहंी है। मैं बैठ जाऊंगा। मेरी जिम्मेदारी का हिस्सा हैं कि मैं जानकारी को आगे बढ़ाउच्च्। मैं अब भी उन्हें गेम में हरा रहा हूं, क्या चल रहा है। यह अभ्यास है, मैच नहीं।’’

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