जापान में होने वाले एशियाई खेल 2026 की शुरुआत 19 सितंबर 2026 से होने वाली है। इस बार भारत की तरफ से 600 से कम खिलाड़ियों का दल भेजा रहा है। इसको लेकर भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सभी भारतीय खिलाड़ियों को सख्त नसीहत दी है। उन्होंने साफतौर पर कह दिया है कि एशियाई खेल किसी तरह की ‘एक्सपोजर ट्रिप’ नहीं हैं। सभी खिलाड़ियों को अधिक से अधिक पदक जीतने और पदक की उम्मीदों पर फोकस करने के लिए भेजा जा रहा है।
गुरुवार को खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बात की और आगामी एशियाई खेल में चयन को लेकर जारी विवादों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई’एक्सपोजर ट्रिप’ नहीं है और पदक की उम्मीदों पर ही फोकस रखते हुए, इस बार 600 से कम सदस्यीय दल ही भेजा जाएगा। खेलमंत्री ने यहां मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि जापान में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में महज भागीदारी के लिए लंबा चौड़ा दल नहीं भेजा जाएगा।
मांडविया ने कहा,”एशियाई खेल कोई एक्सपोजर ट्रिप नहीं है। यह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए मंच है। इसमें पहले दौर में बाहर होने के लिए किसी को भेजने का कोई फायदा नहीं है। मैं बार बार कहता आया हूं कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों के लिए ही भारतीय दल में जगह होगी। एक्सपोजर कहीं और से भी हासिल किया जा सकता है, एशियाई खेल उसके लिये नहीं हैं।”
उन्होंने आगे यह भी कहा,”सिर्फ नौकरी पाने के लिए भागीदारी के मकसद से जाने के इच्छुक लोगों के नाम पर मंजूरी नहीं दी जाएगी। इस बार चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती गई है। इक्के-दुक्के मामलों को छोड़कर कहीं कोई विवाद नहीं है और ये मामले भी सुलझ जाएंगे। चयन के मानदंडों के आधार पर ही दल चुना गया है। नौकरी पाने के लिए किसी को एशियाई या राष्ट्रमंडल खेल दल में शामिल करना या किसी के परिजन को सहयोगी स्टाफ बनाकर भेजना अब नहीं होगा।”
खेल मंत्री मांडविया ने चयन प्रक्रिया का ब्यौरा देते हुए कहा कि महासंघों द्वारा चुने गए खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को आईओए और भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा आंकलन के बाद, खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर ही आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा माना जाएगा। उन्होंने कहा,”चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए पर्यवेक्षक की मौजूदगी में आन कैमरा ट्रायल कराये गए हैं जिसके बाद चुने गए खिलाड़ियों की सूची एनएसएफ आईओ को भेजते हैं।”
चयन विवाद को लेकर कोर्ट पहुंचे अनुष अगरवाला
उन्होंने यह भी बोला,”भारतीय ओलंपिक संघ इन सुझावों को खेल मंत्रालय के पास समीक्षा और स्वीकृति प्रक्रिया के लिए भेजता है। खेल मंत्रालय इसे SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को आंकलन के लिए भेजता है जिसके बाद SAI से मिलने वाली सूची को अंतिम मंजूरी दी जाती है।” एशियाई खेलों के लिए टीम चयन को लेकर प्रमुख विवादों में घुड़सवार अनुष अगरवाला का मामला है जिन्होंने टीम से बाहर रखे जाने को अदालत में चुनौती दी है।
एक सूत्र ने बताया कि खेल मंत्रालय उन्हें टीम में रखे जाने के पक्ष में है। अगरवाला और सुदीप्ति हजेला ने अपनी याचिका में उन्हें टीम से बाहर रखने के भारतीय घुड़सवारी महासंघ की तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती दी है। उनकी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने खारिज कर दी हालांकि खंडपीठ उस पर सुनवाई कर रही है। सूत्र के अनुसार मंत्रालय अनुष को टीम में रखने के पक्ष में है ।
सूत्र ने कहा,”उन्हें बाहर किए जाने के फैसले की समीक्षा की जा रही है और मंत्रालय का मानना है कि उसे मौका मिलना चाहिए।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि चयन ट्रायल के बाद किसी एनएसएफ द्वारा जारी की गई सूची सरकार द्वारा स्वीकृत भारतीय दल नहीं है। ऐसी कोई भी सूची महासंघ की आंतरिक चयन प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई सुझाव की सूची है जिसके बाद IOA और SAI आंकलन करके मंत्रालय को सुझाव भेजते हैं और मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त खिलाड़ी, कोच और सहयोगी स्टाफ ही एशियाई खेलों के लिए भारत के आधिकारिक दल का हिस्सा होंगे।
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