प्रणवी शरथ उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं, जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढ़त बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया । मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा।

प्रणवी, अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता। भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरुष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था। 

प्रणवी की प्रतिक्रिया

प्रणवी ने ऐतिहासिक स्वर्ण पर कहा, ‘मुझे किसी भी चीज में प्रथम होना पसंद है। बाद में और भी लोग आएंगे, लेकिन जो सबसे पहले करता है, वह हमेशा सबसे पहला ही रहता है।’ प्रणवी के शानदार प्रदर्शन में फाइनल राउंड के छठे, 10वें और 13वें होल पर बर्डीज शामिल थीं। इससे उन्होंने भारत को टीम सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अदिति ने पिछले गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था

टीम के अन्य सदस्यों में अदिति अशोक (फाइनल राउंड में 67) और दीक्षा डागर (फाइनल राउंड में 77) शामिल थीं। ओलंपियन अदिति ने पिछले गेम्स में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने इस हफ्ते का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने एक डबल बोगी और एक बोगी के मुकाबले लगातार पांच बर्डीज लगाईं और कुल 282 (दो-ओवर) के स्कोर के साथ व्यक्तिगत रूप से संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा कुल 12-ओवर के स्कोर के साथ व्यक्तिगत लीडरबोर्ड पर संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर रहीं।

भारतीय महिला गोल्फ टीम का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन

टीम मेडल तय करने के लिए दो सबसे अच्छे स्कोर को ध्यान में रखा जाता है और भारत 14-अंडर 546 पर रहा, जो गोल्ड जीतने वाले चीन (22-अंडर 538) से काफी पीछे था। यह एशियन गेम्स में किसी भारतीय महिला गोल्फ टीम का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था।

लक्ष्मण सिंह ने जीता था पहला गोल्ड

प्रणवी से पहले 2002 में शिव कपूर ने पुरुषों के व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। यह 1982 के दिल्ली एशियाड के बाद से भारत का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस भी था, जिस साल गोल्फ गेम्स का हिस्सा बना था। उस एडिशन में लक्ष्मण सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता था। उन्होंने अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ टीम स्पर्धा भी जीता था।

कुमकुम मोहोद ने स्वर्ण झटक रचा इतिहास

एशियाई खेलों में अपना पदक अभियान जारी रखते हुए 17 वर्ष की कुमकुम मोहोद ने फाइनल में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को हराकर स्वर्ण पदक झटक लिया। पूरी खबर पढ़ें।