एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को जापान में ऐसी पिचों पर खेलना पड़ सकता है, जो पूरी तरह तैयार नहीं हैं। ये पिचें स्पिनरों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। हालांकि, भारत के कलाई के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का मानना है कि पिचों का मिजाज सिर्फ उनकी तैयारी से तय नहीं होगा। जापान का मौसम भी गेंद और पिच के व्यवहार पर बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा।
वरुण चक्रवर्ती का मानना है कि एशियाई खेलों में स्पिनर अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौसम के अनिश्चित हालात ही तय करेंगे कि टूर्नामेंट के दौरान पिचें कैसा व्यवहार करेंगी। वरुण चक्रवर्ती इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज के दौरान लगी बाएं हैमस्ट्रिंग की ग्रेड 2 चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं।
वरुण चक्रवर्ती ने बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब भी किया है। एशियाई खेलों में पुरुष टी20 इवेंट में भारतीय टीम क्वार्टर-फाइनल स्टेज से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। भारतीय टीम ने हांगझू में आयोजित पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था।
समाचार एजेंसी आईएएनएस ने वरुण चक्रवर्ती के हवाले से लिखा, ‘‘इसे इसी तरह शेड्यूल किया गया है, इसलिए इसमें मेरा कोई दखल नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से हर मैच और हर टूर्नामेंट के लिए तैयारी की जरूरत होती है, और हमें वह करनी ही है। तो यह बाकी टूर्नामेंट्स जैसा ही है। हम अच्छी तैयारी करेंगे और जो भी चुनौती सामने आएगी, उसका सामना करेंगे।’’
जापान के आइची में निशिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की पिच और परिस्थितियों को देखते हुए वरुण चक्रवर्ती ने कहा कि गेंदबाजों के लिए हालात के अनुसार खुद को ढालना सबसे अहम होगा। वरुण चक्रवर्ती अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं।
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि पिचें शायद पूरी तरह तैयार न हों, इसलिए इससे स्पिन को मदद मिल सकती है, लेकिन मुझे नहीं पता कि जापान का मौसम पिचों के बर्ताव पर क्या असर डालेगा। इसका भी बड़ा असर हो सकता है। हम हर तरह की स्थितियों का सामना करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। देखते हैं कि आगे क्या होता है।’’
अब तक के साल पर नजर डालें तो भारत ने घरेलू जमीन पर T20 वर्ल्ड कप जीता। इस जीत में वरुण चक्रवर्ती 14 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। हालांकि, वरुण चक्रवर्ती ने अपने लिए साल 2026 को उतार-चढ़ाव भरा वाला बताया।
वरुण चक्रवर्ती ने बताया, ‘‘यह सफर अब तक बहुत अच्छा रहा है। मुझे किसी बात की शिकायत नहीं है। इस बार हमने विश्व कप जीता, इसलिए सब कुछ अच्छा चल रहा है। चोट के कारण एक बार परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब मैं पूरी तरह वापसी कर चुका हूं और पहले से ज्यादा फिट महसूस कर रहा हूं। मैंने फिटनेस के लिए काफी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रनिंग की है। इसके लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में किए गए प्रशिक्षण का भी काफी श्रेय जाता है।’’
वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल 2026 में बाएं हाथ और पैर की हड्डी में मामूली चोट के बावजूद 11 विकेट लिए थे। उन्हें अब तक के अपने अनोखे क्रिकेट करियर पर फख्र है। वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘मैंने क्रिकेट काफी देर से शुरू किया। मैंने 26 साल की उम्र में गेंदबाजी शुरू की और 28 साल की उम्र में भारत के लिए खेलने का मौका मिला।’’
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘मैं क्रिकेट में देर से उभरने वाला खिलाड़ी हूं। मुझे क्रिकेट खेलते हुए अभी सात-आठ साल ही हुए हैं। मेरा मानना है कि मैं अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हूं। आगे अभी काफी लंबा सफर तय करना है। अब तक मेरा सफर जिस तरह का रहा है, आगे भी कुछ ऐसा ही अलग और अनोखा रहने की उम्मीद है।’’
अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार करने को लेकर वरुण चक्रवर्ती ने बताया कि वह पर्दे के पीछे नई गेंदों और नए तरीकों पर काम करते रहते हैं। हालांकि, उनका सबसे ज्यादा ध्यान अपनी मौजूदा गेंदबाजी को और बेहतर करने और उसमें महारत हासिल करने पर रहता है।
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘यह दोनों चीजों का मेल है। अपनी गेंदबाजी को बेहतर करना और उसमें महारत हासिल करना हमेशा मेरी पहली प्राथमिकता होती है। इसके साथ ही नई गेंदों और नए तरीकों को जोड़ने का विचार भी मेरे दिमाग में रहता है। मैं कुछ नई गेंदों पर भी काम कर रहा हूं। उन्हें पूरी तरह सीखने और इस्तेमाल करने में कितना समय लगेगा, यह अलग बात है, इसलिए मैं दोनों पर काम कर रहा हूं।’’
यह पूछे जाने पर कि आधुनिक तकनीक, कैमरों और खिलाड़ियों के विश्लेषण के बीच वह अपनी खास गेंदों को कैसे छिपाकर रखते हैं, वरुण चक्रवर्ती ने कहा कि असली फर्क दबाव में गेंद को सही तरीके से डालने से पड़ता है। वरुण चक्रवर्ती ने कहा, अब क्रिकेट में कोई रहस्य नहीं बचा है। हर टीम के पास कई वीडियो विश्लेषक हैं और आप मैदान पर जो कुछ भी करते हैं, वह रिकॉर्ड हो जाता है।
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘…लेकिन क्रिकेट में इंसानी समझ की भूमिका अब भी सबसे अहम है। बल्लेबाज को यह पता नहीं होना चाहिए कि मैं अगली गेंद क्या डालने वाला हूं। इसका फैसला मुझे उसी समय करना होता है। मुझे नहीं लगता कि कोई AI या वीडियो विश्लेषक यह पहले से बता सकता है कि मैं उस समय क्या गेंद डालूंगा। यही हमारे लिए सबसे बड़ा हथियार है।’’
क्रिकेट जैसे उतार-चढ़ाव वाले खेल में वरुण चक्रवर्ती लंबी अवधि के लक्ष्य तय करने के बजाय छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं। वरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘मैं लंबे समय के लक्ष्य तय करने के बजाय छोटे समय के लक्ष्य बनाता हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं यह योजना बना पाऊंगा कि मुझे पांच साल बाद क्या करना है, लेकिन अगले छह महीने में क्या हासिल करना है, इसकी योजना जरूर बना सकता हूं। मैं इसी तरह का व्यक्ति हूं, इसलिए मेरा ध्यान छोटे लक्ष्यों पर ज्यादा रहता है।’’
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