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एश‍ियाड में ब्रॉन्‍ज जीतने वाली पहलवान ने अरव‍िंद केजरीवाल के मुंह पर साधा न‍िशाना- वादा न‍िभाते तो जीतती गोल्ड

दिल्ली सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को दिए जाने वाले नकद पुरस्कार में इजाफा किया है। ऐसे में दिल्ली सरकार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा, रजत पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये, तथा कांस्य पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

एशियन गेम्स 2018 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली महिला पहलवान दिव्या काकरान ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। सम्मान समारोह में आमंत्रित दिव्या ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के सामने ही दिल्ली सरकार की कमियां गिना दीं। दिव्या ने बताया कि जब वह एशियन चैंपियनशिप से वापस लौटीं, तो सरकार से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी।

दिव्या के मुताबिक उनके कोच ने नौकरी छोड़कर अपने पैसों से बादाम का इंतजाम किया। दिव्या काकरान ने सरकार को लताड़ते हुए कहा कि ऐसे सम्मान का क्या फायदा? खिलाड़ियों को मेडल जीतने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले मदद की जरूरत होती है। उस वक्त कोई कुछ नहीं करता। “अगर मुझे सही वक्त पर मदद मिलती, तो मैं गोल्ड जीत सकती थी।”

महिला पहलवान दिव्या काकरान। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

बता दें कि दिल्ली सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को दिए जाने वाले नकद पुरस्कार में इजाफा किया है। ऐसे में दिल्ली सरकार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा, रजत पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये, तथा कांस्य पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इससे पहले स्वर्ण पदक वालों को 20 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 14 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 10 लाख रुपये दिए जाते थे।

वहीं इस समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दो नीतियां तैयार करेंगी। इन दो नीतियों के तहत सरकार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और शुरुआती दिनों में युवा प्रतिभा के रूप में पहचाने जाने वाले खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता देगी।

मुख्यमंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि पहली नीति का नाम ‘प्ले एंड प्रोग्रेस’ होगा और इसके तहत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने जीवन में एक बार पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वित्तीय और खेल संबंधी सुविधाएं दी जाएंगी। इस नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विशेषज्ञों की समिति तैयार की जाएगी, जिसमें दिग्गज खिलाड़ी और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति हर मामले में दी जाने वाली वित्तीय और खेल संबंधी सुविधाओं के लिए फैसला लेगी।

दूसरी नीति को ‘मिशल एक्सिलेंस’ नाम दिया जाएगा और यह नीति युवावस्था में प्रतिभाओं की खोज पर ध्यान केंद्रित करेगी, ताकि उभरते खिलाड़ियों को उनके खेल में उत्तीर्ण बनाए जाने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी।

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