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एशियाई खेल 2014: कबड्डी में दोहरे स्वर्ण के साथ खत्म हुआ भारत का अभियान

इंचियोन। भारत ने शुक्रवार को कबड्डी में दोहरे स्वर्ण पदकों के साथ 17वें एशियाई खेलों में अपने अभियान का अंत किया। इन दो स्वर्ण पदकों की बदौलत भारत शनिवार को इन खेलों के समापन से पहले पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा। कबड्डी के ये दो स्वर्ण पदक भारत के लिए […]

Author October 4, 2014 8:45 AM

इंचियोन। भारत ने शुक्रवार को कबड्डी में दोहरे स्वर्ण पदकों के साथ 17वें एशियाई खेलों में अपने अभियान का अंत किया। इन दो स्वर्ण पदकों की बदौलत भारत शनिवार को इन खेलों के समापन से पहले पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहा। कबड्डी के ये दो स्वर्ण पदक भारत के लिए खेलों में अंतिम पदक भी साबित हुए। मौजूदा खेलों में भारत के प्रदर्शन को निराशाजनक माना जाएगा क्योंकि इस बार कुल पदकों की संख्या में गिरावट आई।

महिला टीम ने ईरान के खिलाफ आसान जीत दर्ज की लेकिन पुरुषों को इसी देश की टीम को हराकर लगातर सातवां स्वर्ण पदक जीतने के लिए काफी पसीना बनाना पड़ा और मैच में अधिकांश समय टीम पिछड़ी रही।

इन दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत 11 स्वर्ण, नौ रजत और 37 कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में आठवें स्थान पर है। चीन 149 स्वर्ण, 107 रजत और 81 कांस्य पदक के साथ कुल 337 पदक जीतकर शीर्ष पर चल रहा है। दक्षिण कोरिया 228 पदक (77 स्वर्ण, 71 रजत और 80 कांस्य) के साथ दूसरे जबकि जापान 194 पदक (46 स्वर्ण, 72 रजत और 76 कांस्य) के साथ तीसरे स्थान पर है।

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मौजूदा खेलों में भारत उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया और ग्वांग्झू में हुए पिछले एशियाई खेलों के 65 पदक (14 स्वर्ण, 17 रजत और 34 कांस्य) की तुलना में उसने कम पदक जीते। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत के किसी खिलाड़ी को चुनौती पेश नहीं करनी है और ऐसे में अन्य देशों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पदक तालिका में उसकी स्थिति में बदलाव का सकता है।

भारतीय पुरुष टीम ने पहले हाफ में पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ में जोरदार वापसी करते हुए सोंग्दो यूनिवर्सिटी जिम्नेजियम में ईरान को 27-25 से हराकर लगातार सातवां स्वर्ण पदक जीता। इससे साथ ही भारत ने लगातार दूसरे एशियाई खेलों में कबड्डी स्पर्धा में गोल्डन डबल पूरा किया। इससे पहले महिला टीम ने फाइनल में ईरान को ही 31-21 से हराकर लगातार दूसरा स्वर्ण जीता।

वर्ष 1990 में बेजिंग में पदार्पण के बाद से पिछले छह बार के विजेता भारत की पुरुष टीम की राह हालांकि आसान नहीं रही। टीम 40 मिनट के मुकाबले में अधिकांश समय पीछे रही और अंतिम सात मिनट में ही बराबरी हासिल कर पाई। मध्यांतर तक भारतीय टीम 13-21 के बड़े अंतर से पिछड़ रही था और ऐसा लग रहा था कि गत चैंपियन टीम को उलटफेर का सामना करना पड़ेगा। टीम हालांकि दूसरे हाफ में जोरदार वापसी करते हुए जीत दर्ज करने में सफल रही।

दूसरे हाफ में रेड के दौरान विरोधी डिफेंडर का घुटना लगने से भारतीय कप्तान राकेश कुमार चोटिल हो गए और सिर में पट्टी बांधकर खेले। राकेश ने कहा कि मध्यांतर के दौरान ईरान की टीम को जल्द समेटने की योजना बनाई गई जिससे कि ‘लोना’ अंक हासिल करके मैच में वापसी की जा सके क्योंकि विरोधी टीम में भारत के पांच के मुकाबले चार ही खिलाड़ी बचे थे।

ईरान की तेजतर्रार टीम के खिलाफ भारत ने खराब शुरुआत की जिससे विरोधी टीम ने जल्द ही 17-7 की बड़ी बढ़त बना ली। भारत ने इस दौरान अपने सभी खिलाड़ियों के आउट होने से लोना अंक भी गंवाया। अनुभवी रेडर जसवीर सिंह को अति आत्मविश्वास का खमियाजा भुगतना पड़ा और शुरुआत में तीन रेड करने के बाद विरोधियों ने उन्हें दबोच लिया। भारत को इसके बाद उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी अनूप कुमार ने अच्छी रेड से तीन अंक दिलाए लेकिन इसके बावजूद भारत पहले 15 मिनट के बाद 11-18 से पीछे चल रही थी और मध्यांतर तक 13-21 से पीछे हो गया।

दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद भारत ने जोरदार वापसी की और विरोधी को आउट करके लोना अंक हासिल किया। टीम ने इसके बाद 21-21 से स्कोर बराबर कर दिया। भारतीय टीम इसके बाद एक बार फिर 21-24 से पिछड़ी लेकिन जब मैच में सिर्फ सात मिनट बचे थे तब 24-24 से बराबरी हासिल करने में सफल रही। अनूप ने इसके बाद भारत को 25-24 से आगे किया जिससे भारत ने मैच में पहली बार बढ़त हासिल की। भारत ने ईरान के रेडर मेराज शेख को अपने पाले में पकड़कर बढ़त को दो अंक की किया लेकिन अनूप अपनी अगली रेड में विफल रहे जिससे बढ़त सिर्फ एक अंक की रह गई।
भारत ने हालांकि अंतिम मिनट में ईरान के रेडर मेराज को दबोचकर अपनी बढ़त को दो अंक तक पहुंचाया जो निर्णायक साबित हुई। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने दूसरे हाफ में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत ईरान को 31-21 से हराया। टीम मध्यांतर तक 15-11 से आगे थी। ईरान ने हालांकि लोना अंक हासिल करके स्कोर 10-12 किया। अभिलाषा म्हात्रे ने इसके बाद सफल रेड के साथ दो अंक जुटाए और दो खिलाड़ियों को ‘जिंदा’ भी किया। भारत ने इसके बाद 19-15 की बढ़त बनाई और लगातार दबाव बनाते हुए खिताब जीत लिया।

भारतीय टीम को पछाड़ने के इरादे से आई ईरान की टीम हार के बाद रो पड़ी।

ताइक्वांडो में भी भारतीय खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी जब शालू राइकवार और मार्गरेट मारिया दोनों अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले हार गईं। शालू को 73 किग्रा क्वार्टर फाइनल में कुवैत की अलफहाद अबरार ने हराया। नियमित चार राउंड के बाद दोनों खिलाड़ियों के 3-3 अंक थे लेकिन विरोधी को विजेता घोषित किया गया क्योंकि भारतीय खिलाड़ी के दो पेनल्टी अंक के मुकाबले उसका सिर्फ एक पेनल्टी अंक था। बाद में मारिया को 73 किग्रा क्वार्टर फाइनल में चीन की ली डोंगहुआ ने 15-1 से रौंद दिया।

वालीबाल में भारतीय पुरुष टीम कड़े मुकाबले में कतर को 3-2 से हराकर पांचवें स्थान पर रही। सोंगनिम जिम्नेजियम में पांचवें और छठे स्थान के लिए खेले गए इस क्लासिफिकेशन मैच में भारत ने कतर को एक घंटे और 47 मिनट में 25-21, 20-25, 25-22, 20-25, 15-10 से हराया।

 

 

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