ताज़ा खबर
 

कोरिया से हारी भारतीय महिलाएं, बैडमिंटन में भी मिला कांस्य

इंचियोन। स्टार शटलर साइना नेहवाल से मिली शानदार शुरुआत के बावजूद भारतीय महिला बैडमिंटन टीम रविवार को यहां मेजबान दक्षिण कोरिया से 1-3 से हार गई लेकिन वह एशियाई खेलों में पहली बार कांस्य पदक हासिल करने में सफल रही। भारत का यह सोल एशियाई खेल 1986 के बाद बैडमिंटन में पहला पदक है। तब […]

Author September 22, 2014 11:58 AM
पीवी सिंधू का सामना टाप सीड और विश्व चैंपियन कारोलिना मारिन से था लेकिन वे महिला सिंगल्स के मैच में इस स्पेनिश खिलाड़ी से 17-21, 9-21 से हार गर्इं। (फाइल फोटो)

इंचियोन। स्टार शटलर साइना नेहवाल से मिली शानदार शुरुआत के बावजूद भारतीय महिला बैडमिंटन टीम रविवार को यहां मेजबान दक्षिण कोरिया से 1-3 से हार गई लेकिन वह एशियाई खेलों में पहली बार कांस्य पदक हासिल करने में सफल रही।
भारत का यह सोल एशियाई खेल 1986 के बाद बैडमिंटन में पहला पदक है। तब पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था। भारतीय महिला टीम इन खेलों में अपने पहले पदक पर संतोष जता सकती है क्योंकि इससे पहले के सात कांस्य पदक पुरुषों ने जीते थे।
साइना ने अपनी शानदार फार्म जारी रखी और विश्व में चौथे नंबर की कोरियाई खिलाड़ी सुंग जियहुन को 56 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 10-21, 21-9 से हराया लेकिन अन्य भारतीय खिलाड़ी अपनी मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से पार पाने में नाकाम रही।
भारत को पीवी सिंधु से काफी उम्मीद थी जिन्होंने अब तक के सफर में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन विश्व में दसवें नंबर की यह भारतीय शटलर अपने से अधिक रैंकिंग की यियोनजु बाइ के खिलाफ शुरुआती बढ़त का फायदा उठाने में नाकाम रही। उन्होंने छठे नंबर की बाइ का 79 मिनट तक मुकाबला किया लेकिन आखिर में करीबी मैच में 21-14, 18-21, 13-21 से हार गई। इससे यह मुकाबला भी 1-1 से बराबरी पर आ गया।
भारतीय टीम में अच्छे डबल्स खिलाड़ियों की कमी फिर से खली। प्रदन्या गादरे और एन सिक्की रेड्डी पहले डबल्स में किम सोयोंग और चांग येना से सीधे गेम में 16-21, 17-21 से हार गई। इसके बाद कोरिया की किम ह्योमिन ने पीसी तुलसी को 21-12, 21-18 से हराकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया। भारत और सेमीफाइनल में हारने वाले जापान (जो चीन से 1-3 से हारा) को अंतिम चार में पहुंचने के कारण कांस्य पदक मिला।
विश्व में सातवें नंबर की साइना ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने पहले दस अंक तक करीबी मुकाबले के बाद लगातार 11 अंक बनाकर पहला गेम केवल 18 मिनट में जीत लिया। दूसरे गेम में उन्होंने 1-0 की बढ़त से शुरुआत की लेकिन इसके बाद अचानक ही उन्होंने गलतियां करनी शुरू कर दी और वह जल्द ही 9-17 से पीछे हो गई। तीसरे और निर्णायक गेम में साइना ने नेट पर शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने भी कई गलतियां कीं जिसका खामियाजा उन्हें मैच हारकर भुगतना पड़ा। साइना ने मैच के बाद कहा, ‘कोर्ट के एक पाले में काफी झुकाव था जिसकी मैं आदी नहीं थी क्योंकि मैं शनिवार को (थाईलैंड की पूर्व विश्व चैंंपियन रतचानोक इंटानोन के खिलाफ) साइड कोर्ट पर खेली थी।’
दूसरा सिंगल्स मैच विश्व की 10वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु और छठे नंबर की कोरियाई खिलाड़ी बाइ येयोनजु के बीच मुकाबले में घरेलू खिलाड़ी ने जीत दर्ज करके अपनी टीम को वापसी दिलाई और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। सिंधु ने पहले गेम में अच्छा प्रदर्शन करते हुए इसे जीता और दूसरे गेम में भी एक समय वह 11-11 से बराबरी पर थी। इस गेम के अंतिम पलों में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने नेट पर अच्छा खेल दिखाकर सिंधु को पराजित किया। तीसरे गेम में भी कांटे की टक्कर देखने को मिली लेकिन कोरियाई खिलाड़ी एक बार फिर बेहतर साबित हुई।
सिंधु ने कहा, ‘यह काफी अच्छा मैच था और वह बहुत अच्छा खेली। कई बार लंबे समय तक खेल खेला गया। मैं तीसरे गेम में पिछड रही थी और वहां से मैंने वापसी की। नेट पर दो गलतियां किसी भी तरफ मैच को लेकर जा सकती थीं।’ राष्ट्रीय कोच गोपीचंद ने भारतीय महिलाओं के पदक जीतने पर खुशी जताते हुए कहा कि साइना ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की जबकि सिंधु को अथक प्रयास के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा।

Pro Kabaddi League 2019
  • pro kabaddi league stats 2019, pro kabaddi 2019 stats
  • pro kabaddi 2019, pro kabaddi 2019 teams
  • pro kabaddi 2019 points table, pro kabaddi points table 2019
  • pro kabaddi 2019 schedule, pro kabaddi schedule 2019

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App