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एशियाई खेल 2014: खुशबीर कौर को रजत, एथलेटिक्स में तीन कांस्य

इंचियोन। पैदल चाल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनी खुशबीर कौर की अगुआई में भारत ने एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रविवार को यहां एक रजत और तीन कांस्य पदक अपनी झोली में डाले। अमृतसर की 21 साल की खुशबीर ने महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल में रजत पदक जीता। […]

Author September 29, 2014 10:28 AM

इंचियोन। पैदल चाल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनी खुशबीर कौर की अगुआई में भारत ने एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रविवार को यहां एक रजत और तीन कांस्य पदक अपनी झोली में डाले।

अमृतसर की 21 साल की खुशबीर ने महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल में रजत पदक जीता। महिलाओं की 400 मीटर में एमआर पूवम्मा ने जबकि इस स्पर्धा में पुरुषों के वर्ग में राजीव आरोकिया ने कांस्य पदक हासिल किए। मंजू बाला महिलाओं के हैमर थ्रो में तीसरा स्थान हासिल करके कांसे का तमगा अपने नाम करने में सफल रही।

भारत ने इस तरह से एथलेटिक्स में एक रजत और चार कांस्य पदक हासिल कर लिए हैं। शनिवार को ललिता बाबर ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। भारतीय खेमे में खुशी की लहर खुशबीर ने दौड़ाई। उन्होंने महिलाओं की 20 किमी पैदल चाल में एक घंटा 33 मिनट 07 सेकंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वह चीन की लू शियुझी से दो मिनट पीछे रहीं जिन्होंने एक घंटा 31 मिनट 06 सेकंड का समय निकाला।

खुशबीर अपने राष्ट्रीय रेकार्ड में सुधार नहीं कर पाई जो एक घंटा 31 मिनट 40 सेकंड है। वह 18 किलोमीटर तक तीसरे स्थान पर थीं लेकिन आखिरी दो किलोमीटर में दूसरे स्थान पर पहुंच गईं जब चीन की निए जिंगजिंग पिछड़कर दूसरे से चौथे स्थान पर खिसक गईं। कांस्य पदक कोरिया की जियोन यियोनगियून ने जीता, जिन्होंने एक घंटा, 33 मिनट 18 सेकंड का समय निकालकर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया।
खुशबीर के करियर की यह सबसे बड़ी जीत है जिन्होंने इस साल जापान में एशियाई पैदल चाल चैंपियनशिप में कांस्य जीता था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भी पहली भारतीय महिला थीं। उन्होंने कोलंबो में 2012 में एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10,000 मीटर पैदल चाल में कांस्य पदक हासिल किया था।

खुशबीर ने कहा, ‘मैं आगे चल रही थी लेकिन मुझे चेतावनी दी गई और दूसरे स्थान पर चली गई। मुझे 16 से 18 किमी के बीच फिर से चेतावनी दी गई जिससे मैं तीसरे स्थान पर खिसक गई। इसके बाद मैंने स्वर्ण पदक जीतने का फैसला किया लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाई। यह एशियाई खेलों में मेरा पहला पदक है।’
महिलाओं की 400 मीटर के फाइनल में पूवम्मा ने 52.36 सेकंड का समय निकाला, वह बहरीन की प्रबल दावेदार ओलुवाकेमी अदेकोया (51.59 सेकंड) और वियतनाम की थि लैन क्वाच (52.06 सेकंड) से पीछे रहीं। चौबीस साल की पूवम्मा अपना व्यक्तिगत और सत्र का सर्वश्रेष्ठ 51.73 सेकंड का समय नहीं निकाल सकीं जो उन्होंने जून में लखनऊ में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में हासिल किया था। इस स्पर्धा में भाग ले रहीं अन्य भारतीय मंदीप कौर आठ प्रतिस्पर्धियों में छठे स्थान पर रहीं, उन्होंने 53.38 सेकंड का समय निकाला।
पूवम्मा ने अपनी मां राजी को पदक समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने शनिवार की तुलना में धीमी शुरुआत की लेकिन आखिरी 150 मीटर में मैं पदक की दौड़ में शामिल हो गई। मैं जानती थी कि मैं स्वर्ण पदक नहीं जीत सकती क्योंकि बहरीन की एथलीट बहुत अच्छी है लेकिन मैं रजत और कांस्य के बारे में सोच रही थी।’

पुरुष वर्ग की 400 मीटर दौड़ में राजीव आरोकिया ने सबको हैरान करते हुए कांसे का तमगा हासिल किया। उन्होंने 45.92 सेकंड का समय लिया और 46.13 सेकंड के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार किया जो उन्होंने जून में लखनऊ में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप के दौरान बनाया था। राजीव ने कहा, ‘मैंने कभी पदक की उम्मीद नहीं की थी। मैंने चौथे या पांचवें स्थान को लक्ष्य बनाया था। मैं बहुत खुश हूं। मैं इस पदक के लिए सेना का आभारी हूं।’

आरोकिया का रविवार का प्रदर्शन भारतीय धावकों में सातवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रेकार्ड केएम बीनू के नाम है जिन्होंने 2004 एथेंस ओलंपिक में 45.48 सेकंड का समय लिया था। सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और खिताब के प्रबल दावेदार सऊदी अरब के यूसेफ अहमद मसराही ने 44.46 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि बहरीन के अबुबाकर अब्बास 45.62 सेकंड के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय कुन्हू मुहम्मद 46.53 सेकंड के साथ आठ प्रतिभागियों में सातवें स्थान पर रहे।

मंजू बाला ने हैमर थ्रो में भारतीय खाते में कांसे का तमगा जोड़ा। पुणे में पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में 58.02 मीटर की दूरी तकतार गोला फेंकने वाली इस 25 साल की एथलीट ने 60.47 मीटर गोला फेंका। वह स्वर्ण और रजत पदक विजेता चीनी खिलाड़ियों वेंगझियु च्यांग (77.33 मीटर) और झेंग वांग (74.16 मीटर) से काफी पीछे रही लेकिन उनका यह प्रयास कांस्य पदक जीतने के लिए काफी था। उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही 60.47 मीटर दूरी नाप ली थी। तीसरे स्थान के लिए उनका मुकाबला जापान की आया मासुमी से था जो 59.84 मीटर गोला ही फेंक पाई।

 

 

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